Mangal Gochar 2026: 18 सितंबर 2026 को साहस, ऊर्जा और भूमि के कारक ग्रह मंगल अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. मंगल अग्नि तत्व के ग्रह हैं और कर्क एक जल तत्व की राशि है. जब मंगल अपनी नीच राशि में आते हैं, तो उनका पराक्रम और सकारात्मक प्रभाव थोड़ा कमजोर हो जाता है, जिससे जातकों को अत्यधिक गुस्सा, भावनात्मक तनाव, पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. 18 सितंबर से 12 नवंबर तक रहने वाले इस गोचर के दौरान मुख्य रूप से इन राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
मेष राशि
प्रभाव: मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं और यह गोचर आपके चौथे (सुख व माता) भाव में होगा.
नुकसान व चुनौतियां: पारिवारिक मामलों और संपत्ति को लेकर मतभेद बढ़ सकते हैं. माता जी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है. मानसिक शांति भंग हो सकती है और वाहन चलाते समय दुर्घटनाओं के प्रति सावधान रहना होगा.
मिथुन राशि
प्रभाव: आपकी राशि के दूसरे (धन व वाणी) भाव में मंगल का गोचर होगा.
नुकसान व चुनौतियां: वाणी में कटुता के कारण बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं और परिजनों के साथ अनबन हो सकती है. बिना वजह के खर्चे बढ़ेंगे, जिससे बजट बिगड़ सकता है. निवेश के मामलों में सावधानी बरतें और खान-पान का ध्यान रखें.
कर्क राशि
प्रभाव: मंगल आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में नीच होकर गोचर करेंगे.
नुकसान व चुनौतियां: स्वभाव में चिड़चिड़ापन, अत्यधिक गुस्सा और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. सेहत से जुड़ी परेशानियां (रक्त संबंधी विकार या बीपी) परेशान कर सकती हैं. पारिवारिक जीवन में वाद-विवाद से बचें और जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय न लें.
सिंह राशि
प्रभाव: आपकी राशि के बारहवें (व्यय व हानि) भाव में मंगल गोचर करेंगे.
नुकसान व चुनौतियां: अनावश्यक खर्चों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आर्थिक तंगी महसूस होगी. जमीन-जायदाद से जुड़े पुराने विवाद चिंता का कारण बन सकते हैं. कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों से दूर रहें.
धनु राशि
प्रभाव: आपकी राशि के आठवें (अष्टम) भाव में नीच मंगल का गोचर गुप्त समस्याओं को बढ़ा सकता है.
नुकसान व चुनौतियां: स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आ सकती है. वाहन या मशीनरी का प्रयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतें. कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रु नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. धन के लेन-देन में सतर्कता बरतें.
अशुभ प्रभावों से बचाव के अचूक उपाय
हनुमान जी की पूजा: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को लाल सिंदूर अर्पित करें.
दान कार्य: मंगलवार के दिन तांबा, गुड़, लाल वस्त्र या मसूर की दाल का दान किसी गरीब या जरूरतमंद को करें.
क्रोध पर नियंत्रण: इस अवधि के दौरान बातचीत में संयम रखें और विवादों से दूर रहने की कोशिश करें.