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Guru Uday 2026: 14 अगस्त को कर्क राशि में उदय होंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, मिलेगा अपार धन!

Guru Uday 2026: वैदिक ज्योतिष में भाग्य, समृद्धि और ज्ञान के कारक देवगुरु बृहस्पति 14 अगस्त 2026 को अपनी उच्च राशि कर्क में उदित होने जा रहे हैं. अपनी उच्च राशि में गुरु का यह उदय अत्यंत दुर्लभ और महा-शुभ फलदायी माना गया है.

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गुरु उदय 2026 (Photo: ITG)
गुरु उदय 2026 (Photo: ITG)

Guru Uday 2026: वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को भाग्य, ज्ञान, सुख, समृद्धि और विवाह का कारक माना जाता है. जब भी गुरु ग्रह उदित स्थिति में आते हैं, तो उनका शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, आने वाली 14 अगस्त 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में उदित होने जा रहे हैं.

कर्क राशि गुरु ग्रह की उच्च राशि मानी जाती है. अपनी उच्च राशि में गुरु का उदय होना अत्यंत दुर्लभ और शुभ फलदायी माना गया है. इससे कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और धन-धान्य की वृद्धि होगी. आइए जानते हैं कि गुरु के उदय होने से किन-किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है.

कर्क राशि (Cancer)
गुरु ग्रह आपकी ही राशि में उदित हो रहे हैं. यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहेगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और मान-सम्मान बढ़ेगा. लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलेगा और आय के नए स्रोत बनेंगे. घर में मांगलिक कार्य या धार्मिक अनुष्ठान के योग बनेंगे.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए गुरु का उदय भाग्य भाव में होने जा रहा है. आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे और किस्मत का पूरा सहयोग मिलेगा. नौकरी में पदोन्नति (Promotions) और व्यापार में बड़ा धन लाभ होने की संभावना है. धार्मिक या काम से जुड़ी यात्राएं सफल और लाभदायक सिद्ध होंगी.

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मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के स्वामी स्वयं गुरु देव हैं और यह गोचर आपके पंचम (ज्ञान, संतान और शिक्षा) भाव को प्रभावित करेगा. संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. शेयर बाजार, सट्टेबाजी या पुराने निवेश से बढ़िया रिटर्न मिल सकता है. छात्रों के लिए यह समय स्वर्णिम रहेगा, परीक्षा में सफलता मिलेगी.

गुरु के शुभ प्रभाव बढ़ाने के आसान उपाय

- गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं.
- केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं.
- ऊं बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.

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