गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) सभी आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं को समर्पित एक परंपरा है. यह भारत (India), नेपाल (Nepal) और भूटान (Bhutan) में हिंदुओं, जैनियों और बौद्धों द्वारा एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है (Guru Purnima Celebrated). यह त्योहार पारंपरिक रूप से किसी के चुने हुए आध्यात्मिक शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस साल यह 29 जुलाई को मनाया जाएगा.
महात्मा गांधी ने अपने आध्यात्मिक गुरु श्रीमद राजचंद्र को श्रद्धांजलि देने के लिए इस उत्सव को मनाया था. इसे व्यास पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह वेद व्यास के जन्मदिन का प्रतीक है (Birthday of Ved Vyas). वह एक ऋषि थे जिन्होंने महाभारत को लिखा और वेदों का संकलन किया.
भारतीय शिक्षाविद अपने शिक्षकों को धन्यवाद देकर इस दिन को मनाते हैं. कई स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ऐसे आयोजन होते हैं जिनमें छात्र अपने शिक्षकों को खास सम्मान देते हैं और पिछले गुरुओं को याद करते हैं. हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि गुरु का स्थान सर्वश्रेष्ठ होता है. गुरु भगवान से भी ऊपर होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वो गुरु ही होता है जो व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से उबारकर सही रास्ता दिखाता है. गुरु व्यक्ति की सफलता और खुशी के लिए आशीर्वाद देते हैं (Guru Purnima Celebrated for Teacher).
कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं को 'गटर जेनरेशन'कहा था. जिसके बाद कंगना की हर तरफ काफी आलोचना हुई. इस पूरे मामले पर चौतरफा घिरने के बाद कंगना रनौत का रिएक्शन भी सामने आ गया है.
कंगना रनौत ने जंतर-मंतर के छात्र आंदोलनकारी युवाओं को 'गटर जेनरेशन' शब्द कहकर पुकारा है. जिस पर अब बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.
टीवी एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बेटे को जन्म दिया है. अगर आपके घर भी इस शुभ पर्व पर नन्हे मेहमान का आगमन हुआ है, तो ज्ञान, प्रकाश और सफलता का प्रतीक ये सुंदर और अर्थपूर्ण नाम आपके बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकते हैं.
Guru Purnima Satya Narayan Vrat Katha: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से श्री सत्यनारायण व्रत कथा सुनने से जीवन के सभी दुख-दरिद्रता दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है.
Guru Purnima 2026: देश भर में आज आस्था और श्रद्धा का महापर्व गुरु पूर्णिमा मनाया जा रहा है. इस पावन अवसर पर हरिद्वार के हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जहां गंगा स्नान के बाद गुरु पूजन किया जा रहा है. इसके साथ ही आज से प्रसिद्ध सावन कांवड़ मेला भी शुरू हो गया है.
Ashadh Purima 2026 Grah Gochar: 29 जुलाई यानी आज आषाढ़ पूर्णिमा पर ग्रहों का दुर्लभ महासंयोग बनने जा रहा है. इस संयोग से कई राशियों को लाभ होने जा रहा है. आइए जानते हैं कि कौन सी वो राशियां हैं.
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस दिन व्यक्ति का अन्न दान भी किया जाता है, मान्यता है कि अन्न दान करने से लोगों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं, मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्यक्ति को स्नान-ध्यान करने के बाद गुरु के पास जाकर उनकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए.
इस साल गुरु पूर्णिमा पर एक नहीं बल्कि तीन-तीन शुभ रहने वाले हैं. इस बार गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग और आयुष्मान योग रहने वाला है. देवगुरु बृहस्पति के उच्च राशि में होने से इस दिन हंस महापुरुष राजयोग भी बन रहा है.
Ashadha Purima 2026: गुरु पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाई जाने वाली आषाढ़ी पूर्णिमा पर इस बार बेहद खास योग बन रहे हैं. 29 जुलाई को किए जाने वाले स्नान और दान से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे. तो आइए जानते हैं कि आषाढ़ पूर्णिमा पर क्या रहेगा स्नान दान मुहूर्त.
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर सच्चे मन से की गई सेवा जहां जीवन के कष्ट दूर करती है, वहीं कुछ अनजाने में की गई गलतियां मां लक्ष्मी को नाराज कर सकती हैं. तो आइए जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा के दिन कौन सी गलतियों से सावधान रहना चाहिए.
Guru Purnima 2026 Shubh Sanyog: इस बार गुरु पूर्णिमा पर ग्रहों की चाल में बेहद शुभ बदलाव होने जा रहा है. 29 जुलाई को बनने जा रहा केंद्र दृष्टि योग 4 चुनिंदा राशियों के भाग्य के द्वार खोलने आ रहा है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों को लाभ होगा.
Guru Purnima 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक गुरु पूर्णिमा है. यह शुभ दिन गुरु की पूजा और उनका सम्मान करने के लिए समर्पित है, जो ज्ञान और आत्मज्ञान के मार्ग पर व्यक्तियों का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
Guru Purnima 2026 Shubh Sanyog: इस बार की गुरु पूर्णिमा बेहद खास रहने वाली है. दरअसल, 29 जुलाई को ग्रहों की चाल में बड़ा फेरबदल होगा, जिससे कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव होगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.
Guru Purnima 2026 Date: गुरु पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, इस दिन व्यक्ति का अन्न दान भी किया जाता है, मान्यता है कि अन्न दान करने से लोगों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं, मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्यक्ति को स्नान-ध्यान करने के बाद गुरु के पास जाकर उनकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए.
गुरु पूर्णिमा 2026 कब मनाई जाएगी? जानिए 28 या 29 जुलाई में सही तिथि, शुभ मुहूर्त, प्रीति और हर्षण योग, पूजा विधि तथा इस पर्व का धार्मिक महत्व. इस दिन गुरु, माता-पिता और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी सम्माननीय व्यक्तियों का आशीर्वाद लेना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताएं और पूजा-विधि विभिन्न परंपराओं एवं पंचांगों के अनुसार अलग हो सकती हैं.
गुरु पूर्णिमा का त्योहार गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की प्रतीक है. यह पर्व हर वर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है. इस बार आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 की शाम 06 बजकर 21 मिनट से आरंभ होगी. पूर्णिमा तिथि का समापन 29 जुलाई 2026 की रात 08 बजकर 07 मिनट पर होगा. ऐसे में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को ही मनाई जाएगी.
जुलाई के महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत, त्योहार आने वाले हैं. महीने की शुरुआत कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी से होगी. इसके बाद योगिनी एकादशी, मासिक शिवरात्रि, आषाढ़ अमावस्या, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व मनाए जाएंगे.
भगवती स्तुति ने तो स्पष्ट कहा है कि व्यक्ति को श्रद्धापूर्वक दान देना चाहिए, श्रद्धा न भी हो तो भी दान कर देना चाहिए, आर्थिक स्थिति के अनुसार दान देना सबसे सुयोग्य है, लज्जा, भय, सहानुभूति और जब विवेक जगे तब भी विवेकपूर्वक दान देना चाहिए. कहने का आशय यह है कि दान की स्थिति कैसी भी हो, यदि आपके द्वारा वह दिया गया है तो कुछ न कुछ फलीभूत जरूर होता है.
Guru Purnima Wishes 2025: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अपने शिक्षकों, मेंटर्स और मार्गदर्शकों को मैसेज भेजकर आप अपने सम्मान और कृतज्ञता को भावपूर्ण तरीके से व्यक्त कर सकते हैं.
Guru Purnima 2025: इस बार गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई यानी कल मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ की पूर्णिमा पर करोड़ों लोग गुरु पूर्णिमा मनाते हैं. गुरु पूर्णिमा अंधभक्ति का दिन नहीं बल्कि उस गुरु के प्रति गहन कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने जीवन को और अधिक स्पष्ट रूप से देखने में मदद की.
Guru Purnima 2025: इस बार गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई यानी आज मनाई जा रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाते हैं. इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म भी हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं.