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कार्तिकेय जी की आरती (Kartikeya ji ki Aarti)

कार्तिकेय जी की आरती

भगवान कार्तिकेय, जिन्हें स्कंद और मुरुगन के नाम से भी जाना जाता है, की आरती और उपासना से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है. उनकी पूजा से भय और बाधाएं दूर होने, बुद्धि व एकाग्रता बढ़ने तथा नेतृत्व क्षमता और विवेक का विकास होने का विश्वास किया जाता है.

कार्तिकेय जी की आरती
कार्तिकेय जी की आरती

जय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला वेणु लोला
पाप विदुरा नवनीत चोरा

 

जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकटरमणा संकटहरणा
सीता राम राधे श्याम

 

जय जय आरती गौरी मनोहर
गौरी मनोहर भवानी शंकर
सदाशिव उमा महेश्वर

 

जय जय आरती राज राजेश्वरि
राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि
महा सरस्वती महा लक्ष्मी महा काली

 

जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय हनुमन्ता

 

जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार

 

जय जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेश

 

जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।

जय जय आरती वेणु गोपाला

 

-----समाप्त-----

समाप्त

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