राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 29 सितंबर को जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के ऑफशूट 'इमाम महमुदर काफिला' (IMK) से जुड़ी आतंकी साजिश की जांच के सिलसिले में असम, पश्चिम बंगाल और केरल में बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया.
जांच में डिजिटल उपकरणों के साथ कट्टरपंथ फैलाने और युवाओं को रेडिकलाइज करने की साजिश का पता चला है. फिलहाल 10 आरोपी फरार हैं, जिनमें 1 भारतीय और 9 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं. यह कार्रवाई JMB के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है.
एनआईए ने 16 ठिकानों पर छापेमारी करते हुए मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए.
गिरफ्तार 13 आरोपियों में से आठ असम, चार पश्चिम बंगाल और एक केरल से है. यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन JMB के ऑफशूट इमाम महमुदर काफिला की आतंकी साजिश से जुड़ा है.
NIA के मुताबिक, IMK के बांग्लादेश स्थित हैंडलर्स पर ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने का है. जांच में पूर्व आकाश नाम के टेलिग्राम ग्रुप के जरिए युवाओं को ऑनलाइन रेडिकलाइज करने की कोशिश की गई. इससे पहले दिसंबर 2025 में असम पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
यह भी पढ़ें: पूर्व बर्धमान में NIA की बड़ी कार्रवाई, मस्जिद के इमाम को हिरासत में लिया, आतंकी लिंक के शक में पूछताछ
NIA की जांच में पश्चिम बंगाल और नॉर्थ ईस्ट में IMK/JMB का नेटवर्क फैलाने की साजिश का पता चला. जांच एजेंसी के मुताबिक, इस साजिश में गुप्त बैठकें करने, धार्मिक इंडॉक्ट्रिनेशन, कट्टपंथी साहित्य और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के आरोप हैं. NIA के मुताबिक, JMB के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने IMK की स्थापना की थी.
आरोपियों पर IMK/JMB के नेतृत्व के प्रति निष्ठा जताने और संगठन के एजेंडे को फैलाने की कोशिश करने का आरोप हैं. इस मामले में 10 आरोपी अभी भी फरार हैं. इनमें 1 भारतीय और 9 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं.