प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स देश को समर्पित करेंगे. पीएम मोदी जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे, साथ ही उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे. इन दो अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट्स के अलावा, पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई और प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे, जिनमें 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाला जयपुर मेट्रो रेल फेज-2 भी शामिल है
रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना को राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है. कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक तैयारियां की गई हैं. भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए इस बार बड़ी जनसभा के बजाय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेशभर में करीब 57 लाख लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन और अन्य तकनीकी इंतजाम किए गए हैं.
बता दें कि इस रिफाइनरी का उद्घाटन पहले 21 अप्रैल को होना था, लेकिन कार्यक्रम से एक दिन पहले इसमें आग लगने की घटना के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था. इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2013 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रखी थी. उस समय इसकी अनुमानित लागत 39 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 79,459 करोड़ रुपये हो गई है. यह रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का जॉइंट वेंचर है.
Tomorrow’s programme in Balotra will be historic, marking the inauguration and laying of foundation stones of works worth over Rs. 1.06 lakh crore. This includes the dedication of the integrated refinery-cum-petrochemical complex at Pachpadra. This project will boost India’s… pic.twitter.com/coYf1sxQsH
— Narendra Modi (@narendramodi) July 3, 2026
यह 9 एमएमटीपीए क्षमता वाली रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स 2.4 एमएमटीपीए पेट्रोकेमिकल क्षमता से लैस है. इसके जरिए रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन को इंटीग्रेट किया गया है. परियोजना शुरू होने के बाद यहां 135 प्रकार के प्रोडक्ट के उत्पादन का रास्ता खुलेगा. औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पचपदरा के आसपास राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) चार नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित कर रहा है.
रिफाइनरी निर्माण के दौरान करीब 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और लगभग एक लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला. भाजपा नेताओं का दावा है कि यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान की तस्वीर और तकदीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी. यह परियोजना इंजीनियरिंग और निर्माण के लिहाज से भी बेहद खास मानी जा रही है. इसके निर्माण के लिए करीब डेढ़ करोड़ क्यूबिक मीटर मिट्टी हटाई गई, जो गीजा के पिरामिड निर्माण में हटाई गई मिट्टी से लगभग छह गुना अधिक बताई जा रही है.
परियोजना में करीब तीन लाख मीट्रिक टन स्टील का उपयोग हुआ, जो एफिल टॉवर में इस्तेमाल स्टील से करीब 40 गुना ज्यादा है. वहीं इसमें बिछाई गई 28 हजार किलोमीटर लंबी केबल पृथ्वी के व्यास से भी दोगुनी बताई जा रही है. पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान में निवेश, रोजगार और पेट्रोकेमिकल सेक्टर में नई संभावनाओं का बड़ा केंद्र माना जा रहा है.