केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर करने की कोशिशों से देश की प्रगति प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने विपक्ष के आंदोलनों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित बताया. शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10-12 वर्षों के दौरान दुनिया में भारत की छवि और देश के प्रति नजरिया बदला है. भारत आर्थिक और कूटनीतिक, दोनों मोर्चों पर एक मजबूत देश के रूप में उभरा है.
'पंचायत आजतक राजस्थान' में बातचीत के दौरान शेखावत ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. ऐसे में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठने से कहीं न कहीं देश की छवि पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि चांद पर दाग होने से उसकी शीतलता और चांदनी प्रभावित नहीं होती. इसी तरह कुछ सवालों और आरोपों से भारत की समग्र उपलब्धियों को कम नहीं आंका जा सकता.
विपक्ष के आंदोलनों पर क्या बोले शेखावत?
विपक्ष के आंदोलनों और राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मूड को समझने का सबसे बेहतर तरीका चुनाव हैं. उन्होंने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 70 प्रतिशत से अधिक स्थानों पर भाजपा के बोर्ड बने हैं. उनके मुताबिक, विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में भी भाजपा को जनता का समर्थन मिला है.
शेखावत ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी हार से उबरने के लिए चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक, नए संसद भवन और कोरोना वैक्सीन जैसे विषयों पर सवाल उठाती रही है.
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उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना के दौरान वैक्सीन विकसित कर न केवल देश के लोगों को सुरक्षा दी, बल्कि करीब 100 देशों को भी इसका लाभ मिला. उनके अनुसार, ऐसे अवसरों पर सवाल उठाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की उपलब्धियों को कमतर दिखाने की कोशिश होती है.
भारत की आर्थिक प्रगति को बताया मजबूत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राजनीति का केंद्र विकास बना है. सरकार की उपलब्धियों का असर आम लोगों के जीवन में दिखाई दे रहा है. उन्होंने गरीबी में कमी का जिक्र करते हुए विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला दिया और कहा कि वर्ष 2011 से 2023 के बीच भारत में 49.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले.
शेखावत ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढांचे का विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता प्रभाव देश की नई पहचान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष के आंदोलन विकास की गति को रोकने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, हालांकि उन्हें नहीं लगता कि इनका देशभर में कोई बड़ा प्रभाव है.
भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं
पर्यटन के मुद्दे पर शेखावत ने कहा कि भारत में घरेलू पर्यटन की ताकत बहुत बड़ी है. पिछले वर्षों में सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों के विस्तार के साथ लोगों की आय में बढ़ोतरी ने पर्यटन को बढ़ावा दिया है. कर व्यवस्था में बदलाव और जीएसटी दरों में संशोधन से लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा बचने की संभावना भी बढ़ी है.
उन्होंने कहा कि भारत में पर्यटन केवल विदेशी यात्रियों तक सीमित नहीं है. देश में लोग धार्मिक यात्राओं, कारोबार, चिकित्सा, शादियों, सामाजिक कार्यक्रमों और घूमने-फिरने के लिए यात्रा करते हैं. इन सभी गतिविधियों के कारण घरेलू पर्यटन का दायरा काफी व्यापक है.
शेखावत के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में भारत में घरेलू यात्राओं की संख्या बढ़ी है. उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा भारत के पर्यटन बाजार की विशालता को दर्शाता है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए अभी काफी काम करने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और यात्रियों के अनुभव को सुविधाजनक बनाने के प्रयास किए गए हैं. इसके कारण पर्यटकों का रुझान अब दूसरे पर्यटन स्थलों की ओर भी बढ़ रहा है.
उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार का भी उल्लेख किया. शेखावत के अनुसार, पर्यटन विकास से जुड़े सूचकांक में भारत की स्थिति वर्ष 2014 के 61वें स्थान से सुधरकर 2024 में 39वें स्थान पर पहुंची और अब भारत 31वें स्थान पर है.
विदेशी पर्यटकों के ठहरने की अवधि भारत की ताकत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशी पर्यटकों की कुल संख्या के मामले में भारत को अभी लंबा सफर तय करना है, लेकिन देश में उनके ठहरने की औसत अवधि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने बताया कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटक औसतन 17 रातें यहां बिताते हैं. शेखावत ने कहा कि भारत में पर्यटन की संभावनाएं केवल ऐतिहासिक स्थलों तक सीमित नहीं हैं. यहां धार्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, चिकित्सा और अन्य तरह के पर्यटन का व्यापक अवसर मौजूद है. इन संभावनाओं का बेहतर इस्तेमाल करने से विदेशी पर्यटकों की संख्या और पर्यटन से होने वाली आय बढ़ाई जा सकती है.
होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर
शेखावत ने माना कि भारत में होटल के कमरों की उपलब्धता और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ा बुनियादी ढांचा विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में चुनौती बना हुआ है. उन्होंने कहा कि सरकार इस कमी को दूर करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बुनियादी ढांचे का दर्जा देने, बैंकों से वित्त उपलब्ध कराने में आसानी बढ़ाने और कर्ज चुकाने की अवधि को अधिक व्यावहारिक बनाने जैसे कदम उठाए गए हैं.
इसके अलावा, केंद्र सरकार राज्यों और नीति आयोग के साथ मिलकर पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश की बाधाओं को दूर करने और कारोबार करना आसान बनाने पर भी काम कर रही है. शेखावत के मुताबिक, राज्यों में बेहतर प्रोत्साहन व्यवस्था और प्रभावी सिंगल विंडो प्रणाली विकसित होने से होटल निर्माण और पर्यटन से जुड़े निवेश को गति मिल सकती है.
उन्होंने कहा कि भारत में घरेलू पर्यटन का बड़ा आधार मौजूद है. अब बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करके और विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव तैयार करके भारत को वैश्विक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है.
पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश सबसे ज्यादा
शेखावत ने दावा किया कि कोविड महामारी के बाद विभिन्न उद्योगों में हुए निजी निवेश की तुलना करें तो पर्यटन और यात्रा से जुड़े बुनियादी ढांचे में सबसे अधिक निजी निवेश हुआ है. उन्होंने सेमीकंडक्टर, चिप निर्माण, सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश की गति उल्लेखनीय है.
उन्होंने बताया कि सरकार ने होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें उद्योग का दर्जा देना, बिजली के खर्च पर सीमा तय करना और निवेश पर सब्सिडी देने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं. राजस्थान में भी पहले इस तरह के प्रोत्साहन दिए गए थे.
मंत्री ने कहा कि देश में होटल के कमरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने ताज होटल समूह का उदाहरण देते हुए बताया कि मुंबई में पहला ताज होटल बनने के बाद जयपुर के रामबाग पैलेस तक पहुंचने में समूह को लगभग 55 साल लगे. इसके बाद ताज समूह को देश में 50 होटल तक पहुंचने में करीब 50 साल और लगे. हालांकि, उनके अनुसार, पिछले एक साल में ही समूह के 50 से अधिक होटल बने हैं.
शेखावत ने उम्मीद जताई कि अगले तीन से चार वर्षों में होटल क्षेत्र में कमरों की उपलब्धता से जुड़ी बाधा काफी हद तक दूर हो जाएगी. इससे भारत में यात्रा की लागत कम करने में मदद मिल सकती है.
घरेलू पर्यटन बढ़ने से बजट यात्रियों को परेशानी
शेखावत ने कहा कि देश में लोगों की क्रय शक्ति बढ़ने से घरेलू पर्यटन की मांग में तेजी आई है. इसके कारण होटल और पर्यटन सुविधाओं का बड़ा हिस्सा घरेलू यात्रियों की मांग पूरी करने में इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में विदेश से आने वाले बजट पर्यटकों को भारत में यात्रा महंगी लग सकती है और वे श्रीलंका या थाईलैंड जैसे दूसरे देशों को प्राथमिकता दे सकते हैं.