रात के सन्नाटे में दो युवक ATM बूथ के अंदर घुसे थे. इरादा था मशीन को तोड़कर उसमें रखा कैश निकालने का, लेकिन बदमाशों को शायद अंदाजा नहीं था कि ATM की निगरानी कर रहा ई-सर्विलांस सिस्टम उनकी हरकत का अलर्ट बैंक तक पहुंचा देगा. नागौर जिले के मारवाड़ मूंडवा में सोमवार देर रात ATM लूटने की कोशिश उस वक्त फेल हो गई, जब बैंक की महिला ब्रांच मैनेजर सूचना मिलते ही अपने पति के साथ मौके पर पहुंच गईं. ATM बूथ के अंदर दो युवक मौजूद थे. बाहर पहुंची बैंक मैनेजर ने बिना जोखिम उठाए बूथ का शटर बाहर से बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को ATM बूथ के अंदर से गिरफ्तार कर लिया.
रात 2 बजे आया ई-सर्विलांस का अलर्ट
मारवाड़ मूंडवा स्थित यूको बैंक के ATM में सोमवार देर रात करीब 2 बजकर 13 मिनट पर दो युवक पहुंचे. दोनों ATM बूथ के अंदर दाखिल हो गए.इसी दौरान ATM में लगे ई-सर्विलांस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि को पकड़ लिया. बैंक के अजमेर रीजनल सुरक्षा अधिकारी गौतम नागर को इसकी सूचना मिली. उन्होंने तत्काल बैंक की ब्रांच मैनेजर सारिका चौधरी को अलर्ट किया. बैंक मैनेजर बैंक के ऊपर बने क्वार्टर में ही परिवार के साथ रहती थीं. सूचना मिलते ही वह अपने पति के साथ ATM बूथ की तरफ रवाना हो गईं. जब वह मौके पर पहुंचीं तो ATM बूथ का शटर नीचे था. अंदर से हलचल की आवाज आ रही थी. उन्होंने स्थिति को समझा और बाहर से शटर बंद कर दिया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
अंदर बंद थे दोनों बदमाश
ATM का शटर बाहर से बंद होने के बाद दोनों आरोपी अंदर ही फंस गए. पुलिस के पहुंचने तक दोनों बूथ के अंदर मौजूद थे. थाना प्रभारी पूरबाराम के मुताबिक, पुलिस ने मौके से भरत प्रजापत और कोमल कुमार राजपूत को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, भरत प्रजापत मूंडवा में चाय का ढाबा चलाता है, जबकि कोमल कुमार उसकी दुकान पर मजदूरी करता है. प्रारंभिक जांच में दोनों के वारदात में शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी दूसरे व्यक्ति की मोटरसाइकिल लेकर देर रात ATM तक पहुंचे थे.
ATM में थे 16 लाख 900 रुपये
इस घटना का सबसे बड़ा पहलू ATM में मौजूद कैश था. ब्रांच मैनेजर सारिका चौधरी के मुताबिक, सोमवार को बैंक में हड़ताल प्रस्तावित थी. इसी वजह से ATM में पहले से पर्याप्त कैश रखा गया था. ATM में उस समय 16 लाख 900 रुपये मौजूद थे. यानी अगर बदमाश कैश डोर तक पहुंचने में सफल हो जाते तो बैंक को बड़ी रकम का नुकसान हो सकता था. हालांकि, ई-सर्विलांस अलर्ट और बैंक मैनेजर की तत्परता के चलते वारदात होने से पहले ही दोनों आरोपी पकड़ लिए गए. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ATM को तोड़ने की पूरी तैयारी की थी. बैंक मैनेजर ने बताया कि बदमाशों ने ATM का अपर कवर तोड़ दिया था. इतना ही नहीं, उन्होंने CCTV कैमरे को भी प्रभावित करने की कोशिश की. कैमरे पर ग्रीस लगा दी गई थी ताकि उनकी गतिविधियां कैमरे में साफ दिखाई न दें. आरोपियों ने ATM की कनेक्टिविटी वायर भी काट दी थी. इसके बावजूद वह ATM के उस हिस्से तक नहीं पहुंच पाए जहां कैश सुरक्षित था. यही वह समय था जब ई-सर्विलांस सिस्टम से मिली सूचना ने पूरी घटना का रुख बदल दिया.
कैश डोर नहीं तोड़ पाए बदमाश
बदमाशों ने ATM के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचाया और CCTV को प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन वह कैश डोर को काटने में सफल नहीं हुए. इस बीच बैंक मैनेजर और उनके पति मौके पर पहुंच चुके थे. अगर बैंक मैनेजर कुछ देर और करतीं या सूचना मिलने के बाद मौके पर नहीं पहुंचतीं तो बदमाशों को ATM के कैश हिस्से तक पहुंचने का मौका मिल सकता था. हालांकि, मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने सीधे बूथ में जाने के बजाय बाहर से शटर बंद कर पुलिस को सूचना देना उचित समझा. इसी वजह से दोनों आरोपी अंदर ही फंस गए.
बैंक के ऊपर रहती थीं ब्रांच मैनेजर
इस पूरी घटना में बैंक मैनेजर के मौके के बेहद करीब होने का भी फायदा मिला. वह बैंक की बिल्डिंग के ऊपर बने क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहती हैं. ई-सर्विलांस से सूचना मिलने के बाद उन्हें ATM तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगा. रात के करीब दो बजे का समय था. इलाके में सामान्य तौर पर आवाजाही कम रहती है. ऐसे में ATM में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचना और फिर बिना सीधे टकराव के दोनों आरोपियों को अंदर बंद कर देना महत्वपूर्ण रहा. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ATM लूट की योजना कब बनाई गई थी और दोनों आरोपियों ने इसके लिए किस तरह तैयारी की थी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल किसकी थी और आरोपियों ने उसे किस तरह हासिल किया. इसके अलावा पुलिस CCTV फुटेज और ATM से जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है.