एटीएम (ATM) का फुल फॉर्म "ऑटोमैटिक टेलर मशीन" (Automated Teller Machine) होता है. यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन होती है जिसकी सहायता से बैंक ग्राहक बिना बैंक जाए पैसे निकाल सकते हैं, जमा कर सकते हैं या अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकते हैं. यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है.
दुनिया का पहला एटीएम 1967 में लंदन में लगाया गया था. भारत में पहला एटीएम 1987 में मुंबई में स्थापित हुआ था. आज के समय में यह लगभग हर शहर, कस्बे और यहां तक कि ग्रामीण इलाकों में भी उपलब्ध है.
एटीएम के मुख्य कार्यों में नकद निकालना, खाते की शेष राशि देखना, मिनी स्टेटमेंट निकालना, पिन बदलना साथ ही कुछ मशीनों से नकद जमा भी किया जा सकता है.
जब कोई व्यक्ति एटीएम मशीन में अपना डेबिट या एटीएम कार्ड डालता है, तो उसे एक गोपनीय पिन (PIN) दर्ज करना होता है. सही पिन दर्ज करने पर ग्राहक विभिन्न विकल्पों का चयन कर सकता है. उसके बाद मशीन दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य करती है.
ATM से निकलने वाले कटे-फटे नोटों को लेकर समय-समय पर आरबीआई द्वारा सर्कुलर जारी किया जाता रहता है. केंद्रीय बैंक की गाइडलाइन को देखें, तो कोई भी संबंधित बैंक ऐसे नोटों को बदलने से इनकार नहीं कर सकता है. ऐसा करने पर उसके ऊपर जुर्माना लग सकता है.
EPFO जल्द फाइनल PF क्लेम सेटलमेंट को ऑटोमेटेड करने की तैयारी में है. साथ ही ATM और UPI से PF निकासी सुविधा भी शुरू हो सकती है, जिससे करोड़ों सदस्यों को बड़ी राहत मिलेगी.
पटना के दानापुर में एक SBI ATM के अंदर अब सैलून चल रहा है. बाहर अब भी ATM का बोर्ड और पूरा सेटअप वैसा ही है, जिससे लोग कैश निकालने के लिए अंदर पहुंच जाते हैं. अंदर सैलून देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. यह अनोखा मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
हर महीने की तरह ही मई महीने के दौरान भी एलपीजी से लेकर बैंक संबंधी नियमों में बदलाव हो रहे हैं. LPG के दाम में 993 रुपये का इजाफा हुआ है. साथ ही क्रेडिट कार्ड के भी नियम बदले हैं.
ईपीएफओ में होने वाले बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं. पेंशन बढ़ोतरी से लेकर पीएफ निकासी को आसान बनाने तक कई अहम फैसलों पर विचार हो रहा है. बंद पड़े खातों को फिर से चालू करने और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने से लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा. आने वाले समय में ये बदलाव वित्तीय सुरक्षा और सुविधा दोनों को मजबूत करेंगे.
ईपीएफओ से जुड़ी नई अपडेट्स ने कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. पेंशन बढ़ोतरी, ब्याज ट्रांसफर और एटीएम से पीएफ निकालने जैसी सुविधाओं पर काम चल रहा है. अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है. डिजिटल सुविधाओं के जरिए प्रोसेस आसान होने से क्लेम सेटलमेंट भी तेज हुआ है, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा.
अगर आप भी एटीएम से पैसा निकालते हैं तो आपके के लिए कुछ नियमों में बदलाव हो चुका है, जिसका असर आपके अकाउंट में रखे पैसे पर पड़ सकता है.
भारत में 1 अप्रैल 2026 से आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव हो गया है. छह दशक पुराने आयकर कानून की विदाई के साथ 'आयकर अधिनियम, 2025' अमल में आने वाला है. वहीं, जीएसटी 2.0 के तहत घोषित एलानों के लागू होने के बाद अब देश का वित्तीय ढांचा पूरी तरह से बदलने की ओर बढ़ रहा है. जानें आज से कौन-कौन से नियम बदल जाएंगे.
बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है. साल बदलते ही हमारे खर्चों और बजट से जुड़े 8 बड़े नियम भी बदल गए हैं. नया इनकम टैक्स कानून और नया लेबर कोड समेत ये तमाम बदलाव आज से ही लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब और घर के बजट पर पड़ने वाला है.
1 अप्रैल 2026 से कई बड़े नियमों में फेरबदल किया गया है. ATM से पैसे निकालने की बात हो, नया इनकम टैक्स कानून हो या नया लेबर कोड, ये बड़े बदलाव सीधे तौर पर आपके मंथली बजट और डेली रूटीन की जिंदगी पर असर डालने वाले हैं.
Rule Change From 1st April: अप्रैल की शुरुआत के साथ ही देश में बहुत कुछ बदल गया है. नए टैक्स कानून से लेकर न्यू लेबर कोड तक और LPG Cylinder महंगा होने से लेकर ATM से पैसे निकालने तक के नियम चेंज हुए हैं.
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरू होने के साथ ही आज से कई नियमों में बदलाव हो गया है. अप्रैल यानी आज से इनकम टैक्स, ग्रेच्युटी, सैलरी, यूपीआई, रेलवे टिकट और फास्टैग से जुड़े कई नियमों में बदलाव हो रहा है. जिसका सीधा असर हमारी और आपकी जेब पर भी पड़ेगा. जानें आज से क्या-क्या बदलेगा?
1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर आम लोगों के बजट पर पड़ सकता है. सबसे पहले, ATM नियमों में बदलाव हुआ है. HDFC बैंक ने कहा है कि अगर आप एटीएम से यूपीआई का यूज करके कैश निकालते हैं तो उसे एटीएम फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के तहत गिना जाएगा. जबकि पहले अलग से लिमिट थी. कुछ बैंकों ने डेली विड्रॉल लिमिट भी घटाई है
अगर आप एटीएम से पैसे की निकासी 1 अप्रैल से करने जा रहे हैं तो कुछ नए नियमों को जान लेना चाहिए. क्योंकि बैंकों ने एटीएम नियमों में बदलाव किया है, जिसका सीधा असर आपके अकाउंट पर पड़ सकता है.
1 अप्रैल से ATM से पैसे निकालना होगा महंगा, बदल रहे ये बड़े नियम. 1 अप्रैल से एटीएम से कैश निकालने के नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त शुल्क का असर पड़ सकता है. HDFC बैंक की ओर से एक खास बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब UPI बेस्ड ATM से किए गए कैश विड्रॉल को मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में गिना जाएगा
1 अप्रैल 2026 से देश में कई बड़े बदलाव लागू होंगे. LPG कीमत, इनकम टैक्स रूल्स, ATM चार्जेस, PAN कार्ड और रेलवे टिकट कैंसलेशन नियम बदलेंगे. इन चेंजेस का असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, इसलिए नए फाइनेंशियल रूल्स और अपडेट्स को समझना जरूरी है.
Rule Change From 1st April: अप्रैल महीने की पहली तारीख से देश में बहुत कुछ बदलने वाला है और इन बदलावों का असर घर की रसोई से लेकर रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों तक पर पड़ेगा. इनकम टैक्स, पैन कार्ड और ATM Rule भी चेंज होने वाले हैं.
RBI Action on Bank: ATM से पैसा नहीं मिला और अकाउंट से कट भी गया. धीरेंद्र को लगा कि शायद बैंकिंग सिस्टम में कोई Error है, अगले कुछ घंटे में पैसे वापस आ जाएंगे. 24 घंटे बीत गए, 48 घंटे भी बीत गए, लेकिन अमाउंट बैंक में क्रेडिट नहीं हुआ.
बिहार के गोपालगंज में चायवाले से साइबर ठग बने युवक का खुलासा. पुलिस ने 1.05 करोड़ नकद, 344 ग्राम सोना, 85 ATM कार्ड समेत बड़ा सामान जब्त किया. दुबई से चल रहा था साइबर फ्रॉड रैकेट, जांच में ATS और Income Tax टीम भी शामिल.
अगर आप किराया पेमेंट करते हैं तो सभी किराये के भुगतान लेनदेन पर 1% का शुल्क लगाया जाएगा. यह शुल्क लेनदेन की गई कुल राशि पर लगाया जाएगा और इसकी अधिकतम सीमा 4,999 रुपये प्रति माह होगी.
रिजर्व बैंक का उद्देश्य है कि 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता कराना, ताकि आम लोगों को रोजमर्रा के लेन-देन के लिए छोटे नोट आसानी से मिलें और जरूरत के समय उन्हें दुकानों या बैंकों में फुटकर नोट के लिए परेशानी नहीं हो.