राजस्थान के भरतपुर से हत्या का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. खनन लीज और क्रशर प्लांट को लेकर चल रहा दो साल पुराना विवाद अब खूनी संघर्ष में बदल गया. बयाना विधानसभा सीट से बीजेपी के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की ग्रामीणों के हमले में मौत हो गई. घटना के बाद भोंडा गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है. बताया जा रहा है कि वारदात के बाद ग्रामीण गांव छोड़कर चले गए हैं और कई गांव सूने पड़े हैं. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है.
यह घटना रविवार देर शाम करीब सात बजे भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में भोंडा गांव के पास हुई. अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना के नाम पर आवंटित खनन लीज और क्रशर प्लांट को दोबारा शुरू कराने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान वहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने कथित तौर पर भड़ाना पर लाठियों से हमला कर दिया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
जानकारी के मुताबिक घायल पूर्व विधायक को पहले वैर उपस्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां उनकी हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया. लेकिन जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. हमले में उनके बॉडीगार्ड गगन शर्मा भी घायल हुए. उनका इलाज भरतपुर जिला अस्पताल में चल रहा है. पूर्व विधायक के शव का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया.
खूनी संघर्ष में पूर्व विधायक की मौत
इस घटना को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने बताया कि पूर्व विधायक की खनन लीज को लेकर ग्रामीणों के साथ विवाद चल रहा था. इसी विवाद के चलते गांव वालों ने उन पर हमला किया. जिसमें उनकी मौत हो गई. पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
दरअसल, भोंडा गांव के पास अतर सिंह भड़ाना की पत्नी के नाम पर खनन लीज आवंटित थी. यह लीज कई सालों से चल रही थी. लेकिन करीब दो साल पहले गांव के लोगों ने खनन स्थल तक जाने वाला रास्ता बंद कर दिया था. ग्रामीणों का आरोप था कि खनन के लिए इस्तेमाल होने वाला रास्ता गांव की चरागाह भूमि से होकर गुजरता है. इसी बात को लेकर ग्रामीणों ने रास्ते को काट दिया था. इसके बाद से ही भड़ाना और ग्रामीणों के बीच टकराव चल रहा था.
दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया. भड़ाना अपनी खनन लीज को दोबारा शुरू करना चाहते थे, जबकि ग्रामीण इसका विरोध कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक, हाई कोर्ट के आदेश और प्रशासन के सहयोग से भड़ाना फिर से खनन का काम शुरू कराने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं थे. रास्ते और खनन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आखिरकार हिंसक घटना में बदल गया.
इस मामले में एक और अहम घटनाक्रम 27 सितंबर को सामने आया था. मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों को लेकर बयाना में भाजपा नेताओं की बैठक हो रही थी. इसी बैठक में अतर सिंह भड़ाना और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई थी. इसके अलावा, जानकारी के मुताबिक, भड़ाना की खदान से कुछ दिन पहले चोरी भी हुई थी, जिसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी.
भोंडा गांव में वारदात के बाद सन्नाटा
अतर सिंह भड़ाना मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे. वह साल 2003 से 2008 तक बीजेपी के टिकट पर बयाना विधानसभा सीट से विधायक रहे थे. उनकी मौत के बाद खनन लीज को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है. घटना के बाद भोंडा गांव और आसपास के इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है. ग्रामीणों के गांव छोड़कर चले जाने के कारण कई जगह सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है. फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर सबकी नजर है.