देश की रक्षा करते हुए राजस्थान के अलवर जिले का एक और लाल शहीद हो गया. अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली के पशुपानी इलाके में बादल फटने और भारी बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन में लापता हुए अग्निवीर समुद्र सिंह गुर्जर का पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया है. DNA जांच के जरिए उनकी पहचान सुनिश्चित हुई. रिपोर्ट का मिलान होने के बाद सेना ने उन्हें आधिकारिक रूप से शहीद घोषित किया.
समुद्र सिंह 14 अगस्त 2026 को आई प्राकृतिक आपदा के बाद से लापता थे. इस हादसे में भारतीय सेना के 5 ग्रेनेडियर्स के हवलदार उपेंद्र यादव और अग्निवीर समुद्र सिंह गुर्जर समेत पांच जवान लापता हो गए थे. सेना की ओर से लगातार रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन चलाया गया. लंबे समय तक चले अभियान के बाद जवानों के पार्थिव शरीर बरामद किए गए.
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भूस्खलन और बाढ़ के कारण शवों की स्थिति ऐसी थी कि शुरुआत में उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था. इसके बाद DNA टेस्ट कराया गया. रिपोर्ट का मिलान होने पर समुद्र सिंह की पहचान की पुष्टि हुई. इसके बाद सेना के जवानों और ग्रामीणों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम शव यात्रा निकाली. इसमें हजारों लोग शामिल हुए और नम आंखों से वीर सपूत को विदाई दी.
अलवर के केसरपुर गांव के रहने वाले थे समुद्र सिंह
शहीद अग्निवीर समुद्र सिंह गुर्जर राजस्थान के अलवर जिले के केसरपुर गांव के निवासी थे. वहीं, इस प्राकृतिक आपदा में शहीद हुए हवलदार उपेंद्र यादव उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले थे. दोनों जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया.
इस हादसे में तीन अन्य अग्निवीर जवानों ने भी वीरगति प्राप्त की. इनमें बिहार के भोजपुर निवासी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी विनोद कुमार यादव और बिहार के वैशाली निवासी आदित्य कुमार शामिल हैं. इस तरह दिबांग वैली में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने सेना के पांच जवानों की जान ले ली.
दुर्गम पहाड़ी इलाके में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद जवानों के लापता होने से सेना और उनके परिवारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. लगातार चले तलाशी अभियान और DNA जांच के बाद पहचान सुनिश्चित होने से परिजनों को अपने वीर सपूतों को अंतिम विदाई देने का मौका मिला.
तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, JCB से बरसाए फूल
समुद्र सिंह के सम्मान में सेना के जवानों और ग्रामीणों की ओर से अंतिम तिरंगा यात्रा निकाली गई. इसमें हजारों ग्रामीण और युवा शामिल हुए. बड़ी संख्या में युवक बाइक लेकर यात्रा में पहुंचे. डीजे पर देशभक्ति के गाने बजते रहे और पूरा इलाका 'समुद्र सिंह अमर रहें' के नारों से गूंज उठा.
अंतिम यात्रा के दौरान जेसीबी मशीन पर चढ़कर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा की. लोगों ने फूल बरसाकर अपने गांव के वीर सपूत को अंतिम विदाई दी. इस दौरान हजारों लोगों की मौजूदगी में माहौल बेहद भावुक हो गया. ग्रामीणों ने नम आंखों से समुद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी.
हालांकि, इस पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी दिखाई दी. लोगों ने अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर विरोध जताया. एक तरफ गांव अपने वीर जवान की शहादत पर गर्व और गम के बीच उसे विदाई दे रहा था, तो दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही.