बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल 26' में फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर छापेमारी करने और लोगों को ठगने की कहानी दिखाई गई थी. राजस्थान के अजमेर जिले के नसीराबाद में भी इसी तरह की वारदात सामने आई है. यहां बदमाश इनकम टैक्स अधिकारी बनकर एक घर में घुसे और करीब 3 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए. हालांकि, इस वारदात में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज तीन घंटे में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. घटना नसीराबाद की महेश विहार कॉलोनी की है. यहां रहने वाले कार्तिक माहेश्वरी के घर शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे एक काले रंग की स्कॉर्पियो आकर रुकी. गाड़ी से 9 से 10 लोग उतरे. इन लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों जैसा हुलिया बना रखा था. घर में पहुंचते ही उन्होंने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया.
आरोपियों ने घर में घुसने के बाद परिवार के सदस्यों को धमकाया और सभी को एक जगह बैठा दिया. इसके बाद उन्होंने तलाशी लेने का नाटक शुरू किया. इसी दौरान वे घर के लॉकर तक पहुंचे और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात निकालकर एक बैग में भर लिए. बताया गया है कि लूटे गए आभूषणों की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए. जिस तरह से आरोपियों ने अधिकारियों का रूप धारण किया और घर में तलाशी के बहाने जेवर समेटे, उससे यह मामला फिल्म 'स्पेशल 26' की याद दिलाने लगा.
परिवार का पूर्व कर्मचारी निकला वारदात का मास्टरमाइंड
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो वारदात के पीछे परिचित लोगों की भूमिका सामने आई. पुलिस के मुताबिक, इस लूट की साजिश का मास्टरमाइंड देवेन्द्र था. वह पहले कार्तिक माहेश्वरी के घर में काम कर चुका था. देवेन्द्र ने वर्ष 2016 से 2021 तक इसी घर में काम किया था. उसका साथी संजय भी परिवार का परिचित था. दोनों को घर और वहां रखे सामान के बारे में जानकारी थी. इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उन्होंने लूट की योजना बनाई. बताया गया है कि आरोपी पिछले करीब एक महीने से वारदात की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए उन्होंने छह अन्य लोगों को भी अपने साथ शामिल किया. इस तरह आरोपियों ने पूरी योजना तैयार की. घर में अधिकारियों की तरह पहुंचना, परिवार को एक जगह बैठाना और तलाशी के नाम पर लॉकर से जेवर निकालना, इस वारदात की योजना का हिस्सा था.
वारदात की सूचना मिलने के बाद अजमेर पुलिस हरकत में आ गई. अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर पूरे जिले में नाकाबंदी कराई गई. पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज और तकनीकी सबूतों की मदद ली. इसके साथ ही मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया. साइबर सेल और पुलिस की स्पेशल टीमों ने मिलकर कार्रवाई की. पुलिस ने तेजी से जांच करते हुए वारदात के तीन घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई से आरोपियों की योजना पर पानी फिर गया. फिल्म 'स्पेशल 26' में फर्जी अधिकारी पुलिस को चकमा देकर निकल जाते हैं, लेकिन नसीराबाद की इस घटना में पुलिस ने जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया. अब पुलिस का ध्यान लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और मामले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने पर है.
छह आरोपी गिरफ्तार, बाकी सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें 33 वर्षीय देवेन्द्र, 34 वर्षीय संजय रावत, 40 वर्षीय रविकान्त उर्फ रवि, 26 वर्षीय अमित, 39 वर्षीय तारू और 20 वर्षीय देवा उर्फ देवेन्द्र सिंह रावत शामिल हैं. ये सभी अजमेर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का उद्देश्य लूटे गए करीब 3 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद करना और वारदात में शामिल बाकी फरार सदस्यों को पकड़ना है. इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई अहम रही. फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर घर में घुसे बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया, लेकिन सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नाकाबंदी और तकनीकी जांच के जरिए तीन घंटे के भीतर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया.