पुणे पुलिस ने केतन अग्रवाल का मर्डर सीन रीक्रिएट किया. लोहागढ़ किले के ऊपर सिया वहीं खड़ी थी जहां से 18 जून को उसने चेतन के साथ मिलकर केतन को धक्का दिया था. पुलिस से ज़्यादा फॉरेंसिक टीम ये जांचना और परखना चाहती थी कि केतन की मौत पांव फिसलने से हुई थी या धक्का देने से. इस डमी ट्रायल के ज़रिए ख़ुद पुलिस ने इस सवाल का जवाब दे दिया कि असल में केतन को धक्का सिया ने ही दिया था. देखें वारदात.