लखनऊ में 6 अक्टूबर की सुबह नीली वर्दी में एक शख़्स अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहा था. शायद कोई सिक्योरिटी गार्ड रहा होगा. तभी सड़क पर दो कुत्ते उस बाइकसवार को देखकर भौंकने लगते हैं. वो अपनी बाइक रोकता है और कंधे से राइफ़ल उतारकर उनमें से एक कुत्ते का निशाना लेता है और गोली मार देता है. वहीं, छत्तीसगढ़ के बेमेतरा का एक किसान बंदरों से परेशान था. वो उनकी फ़सल बर्बाद कर देते. फ़सलों को बचाने के लिए किसानों ने एक रखवार रखा, जिसके पास एक बंदूक थी. उसने बंदरों को भगाने का सबसे आसान रास्ता चुना. अपनी बंदूक से वो एक-एक कर बंदरों को निशाना बनाने लगा. कुछ दिनों बाद पता चला कि इस इलाके में कुल 22 बंदरों को गोली मारी गई है. देखें वारदात.
फ्लाई दुबई की फ्लाइट 1073 में 174 मुसाफ़िर और 8 क्रू मेंबर में से एक वो ख़ुद भी था. यानि को-पायलट हमाम-अल-हमामी. हमामी अकेला था जिसे पता था कि कुछ देर बाद इस प्लेन में सवार सभी मुसाफिर और क्रू मेंबर मारे जाएंगे. यहां तक कि खुद वो भी. हालांकि प्लेन के पायलट यानी कैप्टन स्मित मच्छार को सबसे पहले मरना था. क्योंकि हमाम प्लेन क्रैश करने से पहले ही कॉकपिट में कैप्टन को मारने वाला था. इसके बाद इस प्लेन को क्रैश करने के लिए किसी तीन में से उसे ऐन वक्त पर एक टारगेट चुनना था.
25 साल का दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण मशहूर संत प्रेमानंद जी का शिष्य था और करीब दो साल पहले उनसे दीक्षा लेने के बाद से वृंदावन में ही रह रहा था. उसी शिष्य ने बिल्डिंग की छत से कूद कर खुदकुशी कर ली. यूं चौथी मंजिल से कूद कर खुदकुशी करने के मामले ने खुद शिष्य के घर वालों के साथ-साथ तमाम लोगों को उलझा दिया है. उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर इस सुसाइड की वजह क्या है? इसका रहस्य क्या है?
गुजरात के सूरत से सामने आई 3 महिलाओं की हत्या की कहानी इंसानी लालच और जिम्मेदारियों से भागने की खौफनाक कहानी दिखाती है. माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला ने कैसे परिवार के 3 महिलाओं की हत्या कर दी? देखें वारदात.
18 जून की सुबह जब सिया और उसके प्रेमी या पति जो भी कह लीजिए चेतन ने मिलकर केतन को धक्का दिया था, तब उन्हें यही लगा था कि केतन का कत्ल करते हुए उन्हें किसी ने नहीं देखा. यहां तक कि बाद में जब मामले का खुलासा हुआ, उसके बावजूद पुणे पुलिस ने भी किसी चश्मदीद को लेकर हमेशा अपनी जुबान बंद रखी. लेकिन केतन मर्डर केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद पुणे पुलिस ने जो सबसे सनसनीखेज खुलासा किया है. वो ये कि 18 जून की सुबह सिया और चेतन को केतन को धक्का मारते हुए एक चश्मदीद ने अपनी आंखों से देखा था.
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने गजब का यू-टर्न लिया है. विनीत मिनोचा की जिस बहू शालू को कातिल करार देकर जेल भेज दिया गया, असल में वो बेगुनाह निकली. विनीत मिनोचा का बेटा सुब्रत असली कातिल निकला. अब जब सच्चाई सामने आई तो कानपुर के कमिश्नर कह रहे हैं कि उन्हें शुरू में ऐसा लगा था इसलिए शालू को गिरफ्तार कर लिया. देखें वारदात.
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में एक शख्स ने घर के अंदर अपने तीन बच्चों को बंधक बना लिया. इससे पहले वो पिस्टल से वो अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मार चुका था. अलग-अलग एजेंसियों के कमांडो और थानों की पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया. करीब सात घंटे के मान-मनौव्वल के बाद कुछ ऐसा होता है कि पुलिस सही मायने में एक्शन में आती है. देखें वारदात.
पहले फरीदाबाद और अब लखीमपुर खीरी, दोनों ही वारदातें स्कूली बच्चों की आंखों के सामने. दोनों ही वारदातों का शिकार स्कूल टीचर और दोनों ही वारदातों में क़ातिल इकतरफा़ आशिक. लखीमपुर खीरी में एक सिरफिरे नौजवान ने एक स्कूल में घुस कर पहले एक टीचर को अगवा करने और बंधक बनाने की कोशिश करने के बाद उसे अपने साथ लाए गए तमंचे से एक-एक कर चार गोलियां मार कर दीं, जिससे टीचर की मौके पर ही जान चली गई. मासूम बच्चों की आंखों के सामने स्कूल में हुई इस वारदात की कुछ तस्वीरें भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं.
केतन मर्डर केस मे डेडलाइन पूरी होने से ठीक एक दिन पहले 19 सितंबर को पुणे पुलिस ने कुल 5 हजार 53 पन्नों की चार्जशीट वडगांव मावल सेशंस कोर्ट में दाखिल कर दी. पिछले तीन महीने से इस सवाल का जवाब भी हर कोई जानना चाहता था कि 18 जून की सुबह पुणे के करीब लौहगढ़ की पहाड़ी से केतन को धक्का किसने दिया था? आज पहली बार केतन मर्डर केस की असली कहानी आप पुलिस की जुबानी सुनेंगे. पुलिस की जुबानी इसलिए क्योंकि चार्जशीट की कहानी पुणे पुलिस ने ही लिखी है. तो पेश है केतन मर्डर केस और उसकी साजिश की सारी कहानी.
देश को झकझोर देने वाले निठारी कांड का मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने आत्महत्या कर ली. जो फंदा उसे कभी कानून नहीं पहना सका आखिरकार जेल से रिहाई के ठीक 10 महीने और 5 दिन बाद सुरेंद्र कोली ने अपने हाथों से पहन लिया. हरिद्वार में चाय की दुकान के अंदर सुरेंद्र कोली ने फांसी लगा कर अपनी जान दे दी. देखें वारदात.
चेन्नई से दिल्ली जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस में ग्वालियर स्टेशन के पास एक मुसाफिर को जनरल कंपार्टमेंट में लावारिस लाल रंग का बैग दिखाई देता है. जब ट्रेन आगरा पहुंचती है, तो जीआरपी पुलिस उस बैग को खोलती है. बैग के अंदर इंसानी शरीर के टुकड़े मिलते हैं, लेकिन लाश का सिर गायब था. यहीं से एक बेहद पेचीदा और रोंगटे खड़े कर देने वाली तफ्तीश शुरू होती है. देखें वारदात.
कानपुर के कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत ने पहली बार जुबान खोली. पुलिस पूछताछ के दौरान सुब्रत ने कहा कि उसे अपने पिता के कत्ल की साजिश की कोई जानकारी नहीं. उसने पुलिस के सामने ये भी कबूल किया कि शायद उसकी पत्नी शालू ने ही उसके पिता का कत्ल किया. देखें वारदात.
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत पर शक का फंदा लगातार कसता जा रहा है. फिर चाहे वो विनीत के क़त्ल के बाद सुब्रत के व्यवहार की बात हो या फिर 24 घंटे मास्टरमाइंड बीवी के साथ रह कर भी अनजान बने रहने की बात, पुलिस को इस मर्डर मिस्ट्री में बेटे सुब्रत पर शक कुछ ज्यादा ही है. जानिए क्या है इस तरह के शक की बिनाह.
क्या अगर दिशा सालियान कि मौत खुदकुशी नहीं बल्कि क़त्ल है और क़त्ल से पहले गैंगरेप भी. तो इस साज़िश में एक साथ इतने सारे लोग शामिल थे. और उससे भी बड़ा सवाल ये कि एफआईआर में इन सारे नामों का मतलब क्या है? क्या ये सभी आरोपी हैं या फिर एफआईआर की कहानी आधी अधूरी सुनाई जा रही है? देखें वारदात.
यूपी पुलिस के एक सिपाही अखिलेश त्रिपाठी को एक रोज पुलिस अखिलेश त्रिपाठी के घर पहुंचती है और उन्हें गिरफ्तार कर लेती है. इसके बाद पहले थाने फिर अदालत और उसके बाद उन्हें जेल भेज देती है. 166 दिन बाद फिर वही पुलिस अखिलेश त्रिपाठी के पास आती है. उन्हें सॉरी बोलती है और फिर आजाद कर देती है. लेकिन पुलिस ने ऐसा किया क्यों? देखिए वारदात में
क्या देश की अदालतें बदल रही हैं? ये सवाल इसलिए क्योंकि हाल ही में देश की तीन अदालतें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और लोअर कोर्ट ने अब लगभग एक सा या थोड़ा आगे पीछे कुछ ऐसे फ़ैसले सुनाए जो अमूमन सुनने-देखने को नहीं मिलते. क्या ये इत्तेफाक है या बदलता दौर? देखें वारदात.
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मनोचा का जब कत्ल हो रहा था, तब उनकी बहू शालू घर से करीब 5 किलेमीटेर दूर एक क्लब में नाच रही थी. शालू ने दोनों सुपारी किलर विशाल और राजकिशोर को पहले से घर की डुप्लिकेट चाबी दे रखी थी. उस रात शालू अपने पति को लेकर साढ़े 10 बजे ही लाउंज पहुंची. इधर शालू और उसका पति सुब्रत लाउंज पहुंचते हैं, उधर सुपारी किलर उसके ससुर का कत्ल कर देते हैं. देखें वारदात.
कानपुर के पॉश इलाके में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या ने सनसनी फैला दी. घर के अंदर खून से लथपथ लाश मिली और पोस्टमॉर्टम में शरीर पर चाकू के 26 घाव सामने आए. हत्या के बाद परिवार के साथ उनकी बहू शालू भी बेहद सदमे में नजर आईं, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया. CCTV फुटेज और सिक्योरिटी गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक विनीत मनोचा के यहां पहले काम कर चुका था और पूछताछ में कथित तौर पर बहू शालू की भूमिका सामने आई. पुलिस का दावा है कि हत्या की सुपारी 6 लाख रुपये में दी गई थी और पहले हत्या को हार्ट अटैक जैसा दिखाने की योजना थी, लेकिन हालात बिगड़ने पर चाकू से हमला किया गया. पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे घर के आर्थिक नियंत्रण, पैसों और बहू की कथित नाराजगी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. हालांकि, इस साजिश में पति की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है और जांच जारी है। देखिए कानपुर के इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी कहानी.
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश में पहले कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की बात हुई थी, लेकिन बाद में चेतन चौधरी और सिया गोयल ने खुद हत्या करने का फैसला किया. पुलिस ने चेतन के करीबी दोस्त रितेश हांगे को तीसरे आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया है. रितेश को 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
पिछले साल भारत में वुमेंस आईसीसी वर्ल्डकप हुआ था, ये खिताब भारत ने अपने नाम किया था. इसी वर्ल्डकप का एक मैच खेलने ऑस्ट्रलियाई वुमेंस टीम भारत के इंदौर पहुंची थी. जहां एक ऑस्ट्रलियाई खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ की शर्मनाक घटना हुई. इस सिलसिले में इंदौर पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया था. लेकिन पुलिस को ये नहीं मालूम था कि छेड़खानी के आरोप में जिस शख्स को गिरफ्तार किया गया है वह 11 साल पुराने एक कत्ल का राज खोल देगा. देखें वारदात.
सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही दिशा सालियान की साल 2020 में मौत हो गई. जिसकी जांच मुंबई पुलिस ने पहले तीन महीने में ही एक्सीडेंट यानि हादसा बताकर बंद कर दी. लेकिन अब करीब सवा 6 साल बाद मुंबई हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया है. साथ ही इस केस में नए सिरे से एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया. देखें वारदात.