scorecardresearch
 

वारदात

नरेंद्र गिरि की मौत के बाद की वीडियो से क्या सुलझेगी मिस्ट्री? देखें वारदात

24 सितंबर 2021

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत के मामले में सामने आए एक वीडियो ने एकाएक पूरे मामले को और उलझा दिया है. वीडियो में जहां महंत नरेंद्र गिरि की लाश फर्श पर पड़ी दिखाई दे रही है, वहीं कमरे में मौजूद कई पुलिसवाले मौके का मुआयना करते नजर आ रहे हैं. इसमें प्रयागराज के आईजी केपी सिंह कमरे में मौजूद महंत के शिष्य और मठ के सेवादारों से पूछताछ करते भी सुनाई दे रहे हैं. इस वीडियो में महंत के कुछ शिष्य भी उनकी लाश के आस-पास हैरान-परेशान खड़े हैं, जबकि कुछ रोते-बिलखते सुनाई दे रहे हैं. लेकिन 1 मिनट और 45 सेकंड के इस वीडियो में कई ऐसी बातें हैं, जो अटपटी और चौंकानेवाली हैं, जो सवाल पैदा करते हैं. देखें वारदात.

क्या सिर्फ झूठी धमकी से डरकर महंत नरेंद्र गिरि ने दे दी जान? देखें वारदात

23 सितंबर 2021

नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में बलबीर गिरि को प्रयागराज के बाघंबरी मठ का उत्तराधिकारी घोषित किया है. बलबीर गिरि को महंत नरेंद्र गिरि ने अपना उत्तराधिकारी बताया, सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरि ने बाघंबरी मठ के लोगों से बलबीर गिरि का समर्थन करने को कहा है. बलवीर गिरी इस समय निरंजनी अखाड़े के उप महंत है और हरिद्वार के बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था का संचालन करते हैं और जिम्मेदार पद पर है. महंत नरेंद्र गिरि जब अपने शिष्य आनंद गिरि से नाराज हो गए थे तो उन्होंने जो 10 साल पहले वसीयत आनंद गिरी के नाम की थी उसको उन्होंने रद्द कर दिया था और उनकी जगह पर बलबीर गिरी जी के नाम पर वसीयत कर दी थी. देखें

आखिरी खाने से लेकर फंदे तक, देखें नरेंद्र गिरि की मौत का पूरा सच

21 सितंबर 2021

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को आख़िरी बार ज़िंदा दोपहर साढ़े 12 बजे देखा गया था. रोज़ाना की तरह दोपहर का खाना खाने के बाद महंत नरेंद्र गिरि अपने कमरे में आराम करने के लिए चले गए थे. ये उनका रुटीन था. इस रुटीन में एक और चीज़ शामिल थी. दोपहर का खाना खाने के बाद ठीक तीन बजे उनके चाय पीने का समय होता था लेकिन सोमवार को खाना खाने के बाद अपने कमरे में जाने से पहले उन्होंने शिष्य से कहा कि वो आज चाय नहीं पीएंगे और अगर पीना होगा तो खुद ही बता देंगे. देखें इस पूरे घटनाक्रम पर वारदात.

वारदात: रूसी यून‍िवर्सटी में फायरिंग, जान बचाने इमारत से कूदे छात्र

20 सितंबर 2021

एक सनकी नौजवान ने रूसी के विश्वविद्यालय परिसर में ऐसा खूनी खेल खेला कि कोई भी दंग रह जाए. उसने अंधाधुंध फायरिंग कर कैंपस में ऐसा कत्लेआम किया कि कलेजा मुंह को आ जाए. वो राइफल लेकर कैंपस में आया और अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी, जो सामने आया उसी को सीधे गोली मारता गया. एक रूम से दूसरे रूम, एक इमारत से दूसरी इमारत जा कर हर तरफ बदहवासी, डर और चीखें सुनाई दे रही थीं. जान बचाने के लिए स्टूडेंट्स खिड़कियों से कूदते दिख रहे थे. कुछ जान बचाने में कामयाब हुए तो कुछ मारे गए. सवाल है ये खूनी कौन है और इस कत्लेआम के पीछे इसका इरादा क्या था? पूरी कहानी के लिए देखें वारदात का ये एपिसोड.

वारदात: परिवार के सभी को सिर में गोली मारी, यूं पकड़ा गया कातिल

17 सितंबर 2021

हरियाणा के रोहतक शहर में एक रोज़ सुबह अचानक ही एक प्रॉपर्टी डीलर के परिवार के चार लोगों का क़त्ल हो जाता है. हैरानी की बात ये है कि मौका ए वारदात से जाते-जाते क़ातिल घर का दरवाज़ा बाहर से लॉक कर जाता है. सवाल ये है कि आख़िर क़ातिल को घर का दरवाज़ा बंद करने की क्या ज़रूरत थी? सवाल ये भी है कि कातिल को घर की चाबी का कैसे पता चला? कहीं ऐसा तो नहीं कि क़ातिल इसी परिवार का कोई क़रीबी है, जिसने इस वारदात को अंजाम दिया? मामले की जांच कर रही पुलिस तीन दिनों तक इन्हीं सवालों में उलझी रही. लेकिन फिर उसे एक ऐसी बात पता चली जिसने ना सिर्फ़ कातिल के चेहरे से नक़ाब हटा दिया, बल्कि वो चेहरा देख कर हर कोई दंग रह गया. देखें वीडियो.

इमरान खान कर रहे तालिबान का बचाव, अमेरिका के टारगेट पर आया पाकिस्तान

16 सितंबर 2021

तालिबान के समर्थन में कई मौकों पर खुलकर बल्लेबाजी करने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर पूरी दुनिया से उस आतंकी संगठन की मदद की अपील कर दी है. इमरान खान ने कहा है कि तालिबान सरकार को अभी विदेशी फंड्स की जरूरत है, अगर दुनिया ने मदद की तो ये संगठन सही दिशा में आगे बढ़ सकता है. अगर पाकिस्तान तालिबान का रहनुमा है तो इमरान उसके सबसे बड़े हमदर्द हैं, जिनका दिल तालिबान के लिए धड़कता है. दरअसल एक इंटरव्यू में इमरान खान से अफगानिस्तान के आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क पर सवाल हुआ और वो उसका बचाव करने में डींगें मारने लगे. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वारदात.

वारदात: ISI और D-Company के टेरर प्लान की इनसाइड स्टोरी!

15 सितंबर 2021

1993 में मुंबई में हुए सीरियल धमाके इस देश में हुआ पहला ऐसा आतंकवादी हमला था जिसमें पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई और अंडरवर्ल्ड ने हाथ मिलाया था. इसके बाद अगले कई सालों में ऐसे कई आतंकवादी हमले हुए जिसमें आईएसआई और अंडरवर्ल्ड साथ-साथ थे. अब एक लंबी खामोशी के बाद आईएसआई और अंडरवर्ल्ड ने एक बार फिर से हाथ मिलाया, त्योहार के मौके पर हिंदुस्तान को दहलाने के लिए. हालांकि इनका रिश्ता 93 के दौर से ही है, लेकिन अब नए सिरे से इनका साथ आना ख़तरे की घंटी है. आखिर क्या था ये टेरर प्लान, वारदात के इस एपिसोड में इसकी पूरी इनसाइड स्टोरी देखिए.

...तो सीरियल ब्लास्ट से दहल जाता हिंदुस्तान! देखिए वारदात

14 सितंबर 2021

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 6 आतंकवादियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है. इनकी गिरफ्तारी दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र से हुई है. कहते हैं कि इनका रिश्ता अंडरवर्ल्ड से भी है. इनके पास से काफी मात्रा में गोला और बारूद भी बरामद किया गया है. बताया जा रहा है कि इन आतंकवादियों का मोड्यूल पाकिस्तानी है. पुलिस की मानें तो पकड़े गए लोग भारत में रहकर कई आतंकी साजिश रच रहे थे और इनका निशाना आनेवाले फेस्टिव सीज़न में धार्मिक कार्यक्रमों को निशाना बनाने के साथ-साथ पॉलिटिकल पार्टियों की रैलियों को टार्गेट करना और नामचीन और सियासी लोगों का क़त्ल करना भी था. देखिए वारदात का ये एपिसोड.

वारदात: शादी कर ठगता था गिरोह, नौवीं शादी से पहले पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन

13 सितंबर 2021

ये कहानी किसी टीवी सीरियल से कम नहीं है. एक लड़की की शादी होती है. शादी के बाद वो अच्छी जिंदगी जीना चाहती थी. पर अच्छी जिंदगी जीने के लिए पैसे चाहिए थे, और पैसे थे नहीं. बस यहीं से उसने कुछ और सोचना शुरू कर दिया. उसने शादी को ही कारोबार बनाने का फैसला किया और इसके साथ ही घर के सारे किरदार बदल गए. पति भाई बन गया, सास मां बन गई और ननद बहन का रोल निभाने लगी. अब ये सब मिलकर उसके लिए रिश्ता ढूंडने लगे. आठ जगह शादियां भी होती हैं. आठों शादी होने के बाद ये दूल्हे को चूना लगाकर चंपत हो जाती थी. लेकिन भांडा फूटने के बाद ये पता चलता है कि लुटेरी दुल्हन HIV पॉजिटिव है. देखिए वारदात में पूरी रिपोर्ट.

ये हैं दुनिया के 5 सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन, देखें वारदात

11 सितंबर 2021

पूरी दुनिया में 53 ऐसे आतंकवादी संगठन हैं, जो ख़ूंखार हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि चाहे संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट हो या अमेरिका की तरफ़ से घोषित आतंकवादी संगठनों की सूची इन दोनों में ही तालिबान का कहीं नाम नहीं है. अलबत्ता पाकिस्तान में मौजूद तहरीक ए तालिबान का नाम संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी संगठनों की सूची में ज़रूर है. देखें दुनिया के 5 सबसे बड़े आतंकी संगठनों की कहानी. देखें वीडियो.

नवी मुंबई में पुलिसवाले का रहस्मयी कत्ल, देखें कैसे हुआ खुलासा

10 सितंबर 2021

मुंबई पुलिस ने महिला सिपाही और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पुरानी रंजिश के चलते एक पुरुष सिपाही की हत्या करवा दी थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने इसे दुर्घटना की तरह दिखाया. हालांकि, जब जांच की गई तो सामने आया कि महिला ने सुपारी देकर उसकी हत्या करवाई थी. 54 वर्षीय शिवाजी सनेप पनवेल स्टेशन से जाते थे. पनवेल से वो ट्रेन के जरिए कुर्ला स्टेशन पर उतरते और वहां से नेहरू नगर पुलिस थाने जाते थे, जहां उनकी पोस्टिंग थी. उनका रोज का यही रूटीन था. 15 अगस्त को भी शिवाजी सनेप रोज की तरह पनवेल स्टेशन की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में नैनो कार ने उन्हें टक्कर मार दी. घायल हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वारदात.

अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार बनने के बाद कैसा था पहला दिन? देखें वारदात

09 सितंबर 2021

अफग़ानिस्तान में तालिबान में नई सरकार तो बन गई, लेकिन सरकार में शामिल चेहरों को देख कर दुनिया हक्की-बक्की रह गई. फिलहाल ज़्यादातर मुल्कों को तो समझ में नहीं आ रहा है कि आख़िर वो तालिबान की इस नई सरकार का क्या करे? लेकिन वारदात में हम आपको बताएंगे कि तालिबान में आंतक वाली सरकार बनने के बाद वहां पहला दिन कैसा रहा. इधर तालिबान की सरकार बनी और उधर तालिबान के लड़ाकों ने कोड़े निकाल लिए. तालिबान सरकार बनने के बाद अफगानिस्तान से खौफ की नई तस्वीरें सामने आईं. कहीं महिलाओं पर कोड़े बरसाए गए तो कहीं पत्रकारों की खाल उधेड़ी गई. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

तालिबान ने बनाई 'धमाकेदार' सरकार, PM समेत 5 मंत्री मोस्ट-वांटेड आतंकी

08 सितंबर 2021

तालिबान ने अफगानिस्तान में गजब धमाकेदार सरकार बनाई है. देश के प्रधानमंत्री वो हैं जिनकी हौबी बम फोड़ना है. संयुक्त राष्ट्र ने उनका नाम बाकायदा आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल कर रखा है. देश के दो उप-प्रधानमंत्री में से एक आतंकवादी है. संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट में उनका भी नाम शामिल है. देश के रक्षामंत्री वो हैं जिन्होंने अफगानिस्तान की रक्षा के साथ हमेशा खिलवाड़ किया है. देश के गृहमंत्री वो बनाए गए जिन्होंने देश का कोई भी ऐसा कोना नहीं छोड़ा, जहां उन्होंने कोई बरबादी का काम न किया हो. विदेश मंत्री ऐसे बनाए गए जो किसी दूसरे देश गए तो क्या पता पकड़ लिए जाएं. और शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि पढ़ने लिखने की जरूरत नहीं है, डिग्रियों से कुछ नहीं होता. देखिए वारदात का ये एपिसोड.

मुल्ला हसन बना प्रधानमंत्री, देखें तालिबान सरकार का Pak से क्या है कनेक्शन?

07 सितंबर 2021

तालिबान ने अंतरिम सरकार की घोषणा कर दी है. इस अंतरिम सरकार में प्रधानमंत्री यानी सरकार के प्रमुख की भूमिका में मुल्ला हसन अखुंद होंगे. मुल्ला हसन अखुंद तालिबान की रहबरी शूरा यानी लीडरशिप काउंसिल का चीफ है और तालिबान प्रमुख मुल्ला हिब्तुल्लाह अखुंदजादा के बेहद करीबियों में शामिल हैं. मुल्ला बरादर को तालिबान सरकार में डिप्टी पीएम बनाया गया है. डिप्टी पीएम की भूमिका में मुल्ला हन्नाफी की भी भूमिका रहेगी. इसके अलावा मुल्ला याकूब तालिबान सरकार में रक्षा मंत्री होगा और सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान सरकार में आंतरिक मामलों का मंत्री होगा. शेर मोहम्मद अब्बास स्तनकजई तालिबान सरकार में उपविदेश मंत्री होगा. खैरुल्लाह खैरख्वा तालिबान सरकार में सूचना मंत्री होगा. जबकि तालिबान प्रवक्ता जैबुल्लाह मुजाहिद को उप सूचना मंत्री की जिम्मेदारी मिल रही है. अब्दुल हकीम को तालिबान सरकार का न्याय मंत्री बनाया गया है.

क्या पंजशीर पर कब्जे का तालिबानी दावा झूठा? देखें वारदात

06 सितंबर 2021

तालिबान की नई सरकार को लेकर तालिबान के अंदर ही अलग-अलग गुटों में अभी से लड़ाई शुरू हो गई है. इसी को सुलटाने के लिए पाकिस्तान ने आईएसआई चीफ़ को काबुल भेजा है. काबुल में सरकार के गठन को लेकर बातचीत का दौर अब भी जारी है. हालांकि खबरों के मुताबिक सरकार के गठन में देरी की दो बड़ी वजह हैं. पहली सरकार की भागीदारी को लेकर हक्कानी गुट की अपनी मांग और दूसरी मुल्ला बरादर और हिब्तुल्ला अखुंदज़ादा के बीच सत्ता के बैलेंस को लेकर पैदा हुआ विवाद. हालांकि तालिबानी प्रवक्ता का कहना है कि बातचीत आखिरी दौर में है और जल्द ही सरकार बनाने की तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा. वैसे खबरों के मुताबिक अंदरुनी लड़ाई के अलावा सरकार गठन में देरी की एक और वजह है पंजशीर भी है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वारदात.

तालिबान ने दिखाई अपनी 'ताकत', करवाई मानव बमों की परेड!

03 सितंबर 2021

आज तालिबान की तरफ से नई सरकार के सरदार का नाम तय कर लिया गया है. नई सरकार का मुखिया मुल्ला अब्दुल गनी बरादर होगा. बस कुछ वक्त पहले तक की बात थी जब तालिबान के लड़ाके अपना मुंह छुपाकर रखते थे. लेकिन अब काबुल में तालिबान की सरकार बनने जा रही है. लिहाजा तालिबानी लड़ाकों ने अपने चेहरे से नकाब उतार फेंका है. इतना ही नहीं अब तो तालिबान बाकायदा अपने मानव बमों की परेड करा रहा है. काबुल में सरकार बनाने से पहले तालिबान ने 40 मिनट की एक फिल्म बनाई है. इस फिल्म को पूरे अफगानिस्तान में दिखाया जा रहा है. इस फिल्म में तालिबान ने अपनी सैन्य ताकतों के साथ-साथ अपने मानव बम की भी नुमाइश की है. वारदात में देखिए पूरी रिपोर्ट.

बेहद फिट सिद्धार्थ शुक्ला की अचानक हुई मौत का आख़िर सच क्या? देखें वारदात

02 सितंबर 2021

महज़ चालीस साल की उम्र टीवी एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की अचानक ही मौत हो गई. वो रात को सोए थे, लेकिन सुबह उठे ही नहीं. इससे पहले आधी रात करीब तीन साढ़े तीन बजे उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी. उनकी मौत की शुरुआती वजह हार्ट अटैक बताई गई है और उनके घरवालों ने भी उनकी मौत पर किसी तरह का कोई शक या संदेह ज़ाहिर नहीं किया है. लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि सिद्धार्थ बेहद फिट और हेल्थ को लेकर कॉन्शियस थे. ऐसे में एक नौजवान सेलिब्रिटी की अचानक हुई इस मौत का सच जानने के लिए मुंबई पुलिस ने उनकी लाश का पोस्टमार्टम करवाया है. सवाल उठता है कि आख़िर उनकी मौत का सच क्या है? देखें वारदात का ये एपिसोड.

करीब 20 सालों बाद बिना अमेरिकी सैनिकों के दिखी अफगानिस्तान की सड़कें

01 सितंबर 2021

2001 के बाद ये पहला मौका है जब काबुल की सड़कों पर एक भी अमेरिकी सैनिक मौजूद नहीं है.. ये और बात है कि अब भी कई अमेरिकी नागरिक और ऐसे अफ़ग़ान लोग अफ़ग़ानिस्तान में पीछे छूट गए हैं, जिन्हें अभी बाहर निकालना है. इसी बीच अफ़ग़ानिस्तान या यूं कहें कि इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान में नई तालिबानी सरकार की बुनियाद रखने का काम शुरू हो चुका है. लेकिन इसे लेकर आम अफ़ग़ानियों में जो असमंजस और ख़ौफ़ के हालात हैं कि उनकी आने वाली जिंदगी कैसी होगी. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

वारदात: आखिर अफगानिस्तान में क्यों हार गया सुपर पॉवर अमेरिका?

31 अगस्त 2021

12 बजने में एक मिनट बाकी था. 30 को 31 अगस्त बनने में कुल 60 सेकेंड बचे थे. मगर तय मियाद और मौहलत से पहले ही अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ी अफगानिस्तान की सरजमीं को छोड़ देती है और इसके साथ ही अमेरिका का अफगानिस्तान का 20 साल का सफर खत्म हो जाता है. मगर इन 20 सालों में अमेरिका ने क्या पाया? तो कायदे से कहें तो 1945 के बाद अमेरिका की किसी जंग में ये पांचवी बड़ी हार है. काबुल के हामिद करजई एयरपोर्ट पर आखिरी अमेरिकी जहाज C-17 कारगो रनवे पर तैयार खड़ा था. अफगान में मौजूद अमेरिकी सैनिकों का आखिरी बेढ़ा जहाज में सवार हो चुका था. यहां तक कि अफगानिस्तान में मौदूज अमेरिकी एम्बेसडर रॉस विलसन भी विमान में बैठ चुके थे. अब बस एक शख्स का इंतजार था. वारदात में देखिए पूरी रिपोर्ट.

नहीं देखा होगा ऐसी महाठग जोड़ी, देखिए कैसे अमीरों को बेवकुफ बनाते थे ये पति-पत्नी

31 अगस्त 2021

आपने कई सारे ठग देखें हैं, लेकिन ऐसे ठग नहीं देखे होंगे. ऐसे ही ठग हैं सुकेश चंद्रशेखर और उसकी फिल्म स्टार बीवी लीना मारिया पॉल. सुकेश फिलहाल सलाखों के पीछे है. जबकि उसकी बीवी एजेंसियों की रडार पर. बाकी दुनिया की नज़र में ये दोनों बड़े बिज़नेसमैन और सिने स्टार हों, लेकिन ईडी समेत तमाम एजेंसियों की नज़र में ये एक ऐसी महाठग जोड़ी है, जो ना सिर्फ़ अमीर लोगों को टार्गेट करती है, बल्कि कुछ ऐसे करती है कि लुटनेवाले को पता ही नहीं चलता कि वो कब बर्बाद हो चुका होता है. पुलिस की मानें तो सुकेश तो ख़ैर ठगी करता ही है, उसकी बीवी मारिया ठगी के साथ-साथ फिल्में भी करती हैं. वो साउथ की कई फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड हिट मद्रास कैफ़े में भी काम कर चुकी है. देखें वीडियो.

आखिर क्यों अब तक ख़ूंखार आतंकी संगठनों की लिस्ट से बाहर है तालिबान?

28 अगस्त 2021

पूरी दुनिया में 55 ऐसे आतंकवादी संगठन हैं, जो ख़ूंखार हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि चाहे संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट हो या अमेरिका की तरफ़ से घोषित आतंकवादी संगठनों की सूची इन दोनों में ही तालिबान का कहीं नाम नहीं है. अलबत्ता पाकिस्तान में मौजूद तहरीक ए तालिबान का नाम संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी संगठनों की सूची में ज़रूर है. वैसे दुनिया के लिए एक अच्छी ख़बर भी है. कुछ वक़्त पहले तक दुनिया को दहलानेवाले दुनिया के दो सबसे बड़े आतंकवादी संगठन यानी अल क़ायदा और आईएसआईएस का असर लगातार कम होता जा रहा है. देखें वीडियो.