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वारदात

अचानक कैसे चौथी मंजिल से नीचे आ गिरी ब्लॉगर? देखिए वारदात

27 जून 2022

यूपी के आगरा में बिल्डिंग से नीचे फेंककर एक युवती को मार डाला गया. मृतका की पहचान फैशन ब्लॉगर रितिका सिंह के तौर पर हुई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा. लेकिन विडम्बना देखिए कि जिस ब्लॉगर के इंस्टाग्राम पर 44 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, उसका शव पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल के गलियारे में घंटों स्ट्रेचर पर पड़ा रहा. थोड़ी दूर सिर्फ मां-बाप ही रो रहे थे. मृतका गाजियाबाद की रहने वाली थी और अपने पति को छोड़ आगरा में बॉयफ्रेंड संग 'लिव इन रिलेशनशिप' में रह रही थी. शम्स ताहिर खान के साथ देखिए वारदात.

SIT के सामने लॉरेंस ने क्या खुलासा किया? देखिए वारदात

24 जून 2022

साल था 2021, महीना अगस्त का और तारीख 17 से 22 के बीच. लॉरेंस विश्नोई तिहाड़ में बंद था. अकाली नेता और लॉरेंस के करीबी विक्की मिद्दूखेड़ा के कत्ल को करीब दस से पंद्रह दिन हो चुके थे. लॉरेंस मिद्दूखेड़ा की मौत से बेहद परेशान था. वो लगातार तिहाड़ में ही बैठ कर देश और विदेश में अपने साथियों को फोन लगा रहा था. कई राउंड की बातचीत के बाद आखिरकार लॉरेंस ने जेल में बैठे-बैठे मिद्दूखेड़ा की मौत के बदले सिद्धू मूसेवाला की जान लेने का फैसला किया था. SIT के सामने लॉरेंस बिश्नोई ने कई बड़े खुलासे किए हैं. शम्स ताहिर खान के साथ वारदात में देखिए पूरी रिपोर्ट.

मूसेवाला हत्याकांड के बाद उत्तर भारत में और एक्टिव क्यों हुए गैंग? देखें वारदात

23 जून 2022

29 मई को जब पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का कत्ल हुआ, तो सभी निगाहें लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बराड़ की तरफ मुड़ गई. क्योंकि ये लॉरेंस विश्नोई ही था, जो शुरू से सिद्धू मूसेवाला को जान से मारने की धमकी दे रहा था. ऊपर से कत्ल के फ़ौरन बाद कनाडा में बैठे उसके साथी गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर मूसेवाला के कत्ल की ज़िम्मेदारी ले ली. क़ायदे से होना तो ये चाहिए था कि इतने बड़े हाई प्रोफ़ाइल मर्डर के बाद पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत में गैंग्स और गैंगस्टरों पर शामत आ जाती, पुलिस का क्रैकडाउन शुरू हो जाता, ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां होती, अगर कहीं कोई गैंगस्टर पुलिस को चुनौती देता तो एनकाउंटर जैसी कार्रवाई होती, लेकिन यहां हुआ ठीक उल्टा. देखें वारदात.

मूसेवाला के शूटआउट की पूरी इनसाइड स्टोरी! देखिए वारदात

21 जून 2022

देश के इतिहास में शायद ये पहली बार है जब किसी एक शख्स को मारने के लिए हथियारों का पूरा जखीरा ही इकट्ठा कर लिया गया हो. जिन 8 शूटरों ने मूसेवाला पर गोली चलाई, उनमें से चार से छह शूटरों का पकड़ा जाना अभी बाकी है. जब वो पकड़े जाएंगे, तब उनके हथियार भी अभी तक के बरामद हुए हथियारों में शामिल होंगे जिनमें एक-47 भी है. हथियारों का इस्तेमाल अमूमन देश के किसी भी हिस्से में कोई भी गैंगस्टर किसी को मारने के लिए नहीं करता है लेकिन लॉरेंस गैंग किसी भी कीमत पर सिद्धू मूसेवाला को मारना चाहता था और इसीलिए उसने हर तरह के हथियारों के इंतजाम किए थे. शम्स ताहिर खान के साथ देखिए वारदात.

पंजाब पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई का क्या हाल किया? देखें वारदात

20 जून 2022

सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के बाद से ही पंजाब के अलग-अलग गैंग और गैंग्स्टर दो ख़ेमों में बंट चुके थे. एक ख़ेमा उनका था, जिन्होंने मूसेवाला की जान ली. यानी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का ख़ेमा. दूसरा ख़ेमा वो है, जिसने मूसेवाला के क़त्ल का बदला लेने की क़सम खाई है. गैंग के इस दूसरे ख़ेमे की अगुवाई कर रहा है बंबीहा ग्रुप और नीरज बवाना. कसम, धमकी और बदले का खेल शुरू भी हो चुका है. साथ ही पुलिस ने आज गुजरात से दो शूटरों की गिरफ्तारी की है. शम्स ताहिर खान के साथ वारदात में देखें मूसेवाला के कत्ल की पूरी कहानी.

मूसेवाला की हत्या के लिए तिहाड़ भी जिम्मेदार! देखें वारदात

18 जून 2022

सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल को बीस दिन पूरे हो चुके हैं. इन बीस दिनों में कत्ल, कत्ल की साजिश और कत्ल के मास्टरमाइंड से लेकर गोली चलाने वाले आठ में से चार शूटरों की भी शिनाख्त हो चुकी है. लेकिन सिद्धू मूसेवाला के कातिल सिर्फ यही लोग नहीं है. मूसेवाला का एक और भी कातिल है और उस कातिल का नाम है घूसमहल. कौन है ये घूसमहल और क्या भूमिका है इसकी मूसेवाला के कत्ल में? वारदात की खास पेशकश में इस घूसमहल से लेकर कत्ल की हर साजिश और साजिश की हर परतें आपके सामने खुलेंगी. शम्स ताहिर खान के साथ देखिए वारदात.

PUBG मर्डर केस की धीरे-धीरे खुलती जा रही परतें, देखें इनसाइड स्टोरी!

17 जून 2022

लखनऊ के पबजी मर्डर केस में कत्ल वाली रात से लेकर मामले का खुलासा होने तक उस मकान में जो-जो हुआ, उसकी कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है. रात के अंधेरे में हुए एक कत्ल की परतें अब दिन के उजाले में धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं. लखनऊ में नाबालिग बेटे द्वारा मां की हत्या के मामले में PUBG की कहानी बताई जा रही थी, लेकिन नाम न छापने की शर्त पर एक परिजन ने बताया कि PUBG वाली कहानी गढ़ी गई थी. हत्या के पीछे एक किरदार है, जिसकी तलाश पुलिस दबे पांव कर रही है. अब पूछताछ के दौरान कई नई बातें सामने आ रही हैं. शम्स ताहिर खान के साथ वारदात में देखें बेटे ने क्यों सुनाई PUBG की कहानी?

मां के कत्ल की कहानी, बेटे की कहानी, देखें वारदात

16 जून 2022

लखनऊ के पबजी मर्डर केस में क़त्ल वाली रात से लेकर मामले का ख़ुलासा होने तक इस मकान में जो-जो हुआ, उसकी कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है. क़त्ल के वक़्त इस घर में तीन लोग थे. मां, 16 साल का बेटा और दस साल की बेटी. बेटे ने मां को गोली मार दी और इसके बाद जो कुछ हुआ, दस साल की मासूम बच्ची ने वो सबकुछ देखा. मां से जुदाई और आंखों के सामने मां के क़त्ल की तकलीफ़ को महसूस किया, अब वो इस वारदात को लेकर जो कुछ बता रही है, वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देगा. लड़की ने बताया है कि जब मम्मी की मौत के बाद एक पूरा का पूरा दिन गुज़र गया और घर में बदबू फैलने लगी तो उसने अपने भाई से इसकी शिकायत की. देखें वारदात.

PubG मर्डर के पीछे सिर्फ मोबाइल गेम है या कुछ और? देखें वारदात

15 जून 2022

रात के अंधेरे में हुए एक क़त्ल की परतें अब दिन के उजाले में धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं. चालीस साल की लखनऊ की साधना या यूं कहें कि पबजी वाली मर्डर की जो कहानी अब तक जितनी सीधी-साधी लग रही थी, वो पबजी के गेम की तरह ही दोस्तों और दुश्मनों के बीच उलझ कर रह गई है. जिस केस को लखनऊ पुलिस पहले दिन से ही सुलझा-सुलझाया केस मान कर इत्मीनान से बैठी हुई थी, उस केस में अब ऐसे-ऐसे ख़ुलासे हो रहे हैं कि ये कहना मुश्किल हो गया है कि मामला पबजी का है या पबजी गेम के पीछे का खेल कुछ और है? इस पबजी मर्डर केस में सवालों की शक्ल में कुछ नए ख़ुलासे सामने आए हैं. देखें वारदात.

लखनऊ हत्याकांड: गलत है पुलिस की पबजी वाली थ्योरी? देखें वारदात

14 जून 2022

लखनऊ में साधना अपने दो बच्चों के साथ रहा करती थी. पति सेना में है, लिहाज़ा ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं. साधना का 16 साल का बेटा 10वीं में पढ़ता है, जबकि बेटी चौथी क्लास में है. साधना पढ़ाई-लिखाई को लेकर अक्सर अपने बेटे को समझाती रहती थी. अब तो उसके बोर्ड का भी इम्तेहान था. लेकिन बेटा पढ़ाई से ज़्यादा मोबाइल में ही उलझा रहता था. पूरी कहानी सुनने के बाद पुलिस ने जब नाबालिग से पूछा कि तुमने अपनी मां को क्यों मारा तो उसने जो भी इसकी वजब बताई, उन सारी वजहों के पीछे एक ही वजह थी. उसे मां का टोकना, मोबाइल से दूर रहना, गेम खेलने से मना करना, सख़्त नागवार था. देखें वारदात.

आखिर सलमान खान के पीछे क्यों पड़ा है लॉरेंस विश्नोई, देखें वारदात

13 जून 2022

2018 में गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने वीडियो की शक्ल में सलमान ख़ान को पहली धमकी दी थी. चार साल बाद 5 जून 2022 को इस खत की शक्ल में सलमान ख़ान को दूसरी बार धमकी दी गई. मुंबई पुलिस के मुताबिक ख़त की शक्ल में ये धमकी भी लॉरेंस बिश्नोई ने ही दी थी. पिछले दो हफ्तों से लॉरेंस बिश्नोई का नाम लगातार सुर्खियों में है. वजह है पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का क़त्ल. कहा जा रहा है कि मूसेवाला के कत्ल के पीछे लॉरेंस और उसके गैंग का हाथ है. पर सवाल ये है कि आख़िर लॉरेंस या उसके गैंग की सलमान ख़ान से क्या दुश्मनी है? क्यों लॉरेंस सलमान ख़ान के पीछे पड़ा है? आख़िर बॉलीवुड के दबंग से एक गैंगस्टर का क्या लेना-देना? देखें वारदात.

सलमान खान को धमकी की पूरी कहानी का सच, देखें वारदात

10 जून 2022

दिल्ली पुलिस की शुरुआती तफतीष में गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने सलमान खान को दी गई धमकी से बेशक अपना कोई लेना-देना ना होने की बात कही हो, लेकिन अब मुंबई पुलिस की जांच में ये साफ हो गया है कि सलमान खान और उनके पिता सलीम खान को धमकाने के पीछे भी उसी लॉरेंस विश्नोई का हाथ था, जिसने सिद्धू मूसेवाला की जान ली. पहले लॉरेंस विश्नोई फिर गोल्डी बराड़ और अब विक्रमजीत बराड़. ये वो तिकड़ी है जिसने रातों-रात शोहरत कमाने और जुर्म की दुनिया में अपनी जड़ें मजबूत करने के मकसद से सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के बाद सलमान और उनके पिता को धमकाने की साजिश रची थी. शम्स ताहिर खान के साथ देखें वारदात.

मूसेवाला के कात‍िल ग‍िरफ्त से दूर, पंजाब और द‍िल्ली पुल‍िस की क्रेड‍िट वॉर में जांच कमजोर

09 जून 2022

क़त्ल पंजाब में हुआ. क़त्ल का मुक़दमा पंजाब में दर्ज है. क़त्ल का मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस के पास है. क़त्ल के सिलसिले में पहली गिरफ़्तारी उत्तराखंड के जेल से हुई. पहला क़ातिल शूटर पुणे से पकड़ा गया. क़त्ल की साज़िश और साज़िश के मास्टरमाइंड का ख़ुलासा दिल्ली पुलिस करती है. क़त्ल की साज़िश में शामिल एक और अहम किरदार गोल्डी बराड़ को कनाडा से भारत लाने के लिए सीबीआई को ख़त पंजाब पुलिस लिखती है. एक क़त्ल के मुक़दमे में जब इतने सारे किरदार, इतने सारे राज्यों की पुलिस और यहां तक कि सीबीआई भी किसी ना किसी तरीक़े से शामिल है. देखें वारदात.

पबजी खेलने से रोकने पर बेटे के हत्यारे बनने की सनसनीखेज वारदात!

08 जून 2022

पुलिस स्टेशन की घंटी बजती है. सामने से एक शख्स बताता है की वृदांवन कॉलोनी के एक घर में एक लाश पड़ी है. किसी बिजली मैकेनिक ने घर में रहने वाली 40 साल की साधना का क़त्ल कर दिया है. फ़ोन करने वाले ने ये भी बताया कि वो साधना का भाई है और साधना के पति भारतीय सेना में जेसीओ हैं और इस वक्त आसनसोल में पोस्टेड हैं. सूचना मिलते ही फ़ौरन पुलिस की टीम वृंदावन कॉलोनी की तरफ़ निकल पड़ती है. वृंदावन कॉलोनी में यही वो घर है, जिसमें एक लाश पड़ी होने की ख़बर मिली थी. पुलिस की टीम जैसे ही अंदर दाखिल होती है सांस लेना दुश्वार हो जाता है. अंदर तेज़ बदबू थी. घर के अंदर का मंजर बेहद अजीब था. एक कमरे में बेड पर एक महिला की लाश पड़ी थी, जबकि कमरे के बाहर दो बच्चे थे. देखें वारदात.

क्या हिटलिस्ट में दूसरे नंबर पर था मूसेवाला का नाम? देखें वारदात

07 जून 2022

एक की मौत दूसरे की जिंदगी थी मगर किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि पहले वाले की मौत टल गई और दूसरे वाले के हिस्से पहले ही मौत आ गई. ये कहानी है सिद्धू मूसेवाला की मौत की. दरअसल मौत की सुपारी निकली तो थी एक दूसरे गैंगस्टर अमित डागर के नाम मगर डागर उसी वक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गया. लिहाजा पहली सुपारी को होल्ड पर डाल कर दूसरी सुपारी को हरी झंडी दे दी गई. दूसरी सुपारी मूसेवाला के नाम की थी. ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों ने गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के सामने किया है. शम्स ताहिर खान के साथ देखें वारदात. 

जोधपुर में इकट्ठा हुए शूटर्स, सीकर से ली गाड़ी... ये है मूसेवाला हत्याकांड की पूरी कहानी

06 जून 2022

मानसा जिले के मूसावाला गांव में मौजूद सिद्धू मूसेवाला की इस कोठी में अकसर सिद्धू के फैंस की भीड़ हुआ करती थी. खास कर शनिवार और रविवार को जब सिद्धू गांव में होते तब औसतन सौ-डेढ़ सौ नौजवान सिद्धू से मिलने और सेल्फी के लिए उनके घर आते. रविवार को भी दिन भर बहुत से नौजवान सिद्धू से मिलने घर आए थे. और इन्हीं फैंस की शक्ल में दो और नौजवान उस भीड़ में शमिल हो गया. सिरसा के कलियांवाली का रहने वाला वो फैन दरअसल शूटरों का मुखबिर था. जिसका काम था सिद्धू और उसके घर के हर मूवमेंट की खबर देना. इस मुखबिर का नाम है केकड़ा. केकड़ा 20 मई यानी रविवार को अपने एक दोस्त के साथ सिद्धू के घर गया था. शाम करीब साढ़े-तीन से चार बजे के दरम्यान. देखें वारदात

मूसेवाला को 6 बार छू के निकली थी मौत? देखें वारदात

03 जून 2022

पंजाबी रैपर सिद्धू मूसेवाला का क़त्ल बेशक 29 मई 2022 को हुआ लेकिन मौत मूसेवाला का पिछले तीन सालों से साये की तरह पीछा कर रही थी. 29 मई से पहले पूरे छह बार सिद्धू को मारने की कोशिश की गई. ऐसी ही एक कोशिश के दौरान सिद्धू को दिल्ली में एक बार अपनी जान बचाने के लिए एक पांच सितारा होटल के पिछले गेट से भागना पड़ा. सिद्धू मूसेवाला लगातार गैंगस्टरों के निशाने पर रहे और तो और एक बाद ख़ुद गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने उन्हें फ़ोन कर देख लेने की धमकी दी थी. इस पर देखें वारदात.

सभी गैंग के निशाने पर लॉरेंस बिश्नोई, बदला लेने की मची होड़

02 जून 2022

सिद्धू मूसेवाला के कत्ल ने एक साथ कई गैंग के बीच एक होड़ सी मचा दी है. होड़ इस बात की कि सिद्धू के कत्ल का बदला कौन लेगा. ये बात अपने आप में बेहद अजीब है लेकिन सच्चाई यही है कि एक साथ कई गैंग ने सोशल मीडिया पर एलानिया ये धमकी दी है कि वो मुसेवाला के कातिल से बदला जरूर लेंगे. एक गैंग्सटर ने तो बाकायदा मूसेवाला के कातिल का नाम, पता बताने पर पांच लाख रुपए का इनाम तक देने का एलान कर दिया है. देखें वारदात.

अगस्त 2021 में रची गई मूसेवाला की हत्या की साजिश, देखें कत्ल की इनसाइड स्टोरी

01 जून 2022

गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के क़रीबी और अकाली नेता विक्की मिद्दूखेड़ा की दिन दहाड़े मोहाली में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. उधर, मोहाली से दूर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली में एक दूसरे केस के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया था. मगर गिरफ्तारी के बाद उन्हीं में से एक ने ख़ुलासा किया कि मोहाली में विक्की मिद्दूखेड़ा के क़त्ल के पीछे एक पंजाबी सिंगर के मैनेजर का भी हाथ है. ये जानकारी दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस से साझा की लेकिन इससे पहले कि पंजाब पुलिस उस पंजाबी सिंगर के मैनेजर तक पहुंचती, वो ग़ायब हो गया. दस अगस्त 2021 से ग़ायब वो मैनेजर कोई और नहीं बल्कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का अपना मैनेजर शगनप्रीत सिंह था. बाद में पता चला कि शगनप्रीत ऑस्ट्रेलिया भाग गया और बस शगनप्रीत के ऑस्ट्रेलिया भागने के साथ ही सिद्धू मूसेवाला के क़त्ल की स्क्रिप्ट लिखी जानी शुरू हो गई. देखें वारदात.

गैंग्स के निशाने पर क्यों हैं पंजाबी सिंगर्स? देखें वारदात

31 मई 2022

आखिर पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री को पंजाब के गैंग्स निशाना क्यों बना रहे हैं? पंजाब के वो कौन-कौन से गैंग हैं, जो ना सिर्फ पूरी तरह से एक्टिव हैं, बल्कि पंजाब पुलिस और कानून व्यवस्था के लिए सिरदर्द बने हुए हैं? पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री की बात की जाए तो 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत की पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री करीब 1300 करोड़ रुपये की है. इसमें से 200 करोड़ पंजाबी म्यूजिक से आता है. अब जाहिर है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में इतना पैसा होगा तो गैंग्स ऑफ पंजाब की नजर भी होगी. शम्स ताहिर खान के साथ देखें वारदात का ये एपिसोड.

क्या गैंगवार के चलते गई सिद्धू मूसेवाला की जान? देखें वारदात

30 मई 2022

कई बार या शायद हर बार जिंदगी मौत का अहसास करा जाती है. अब इसे इत्तेफाक कहें या अहसास, सिद्धू मूसेवाला का आखिरी गाना 'द लास्ट राइड' एक जवान मौत के जनाजे पर था और ये जनाजा खुद सिद्धू का था. सिद्धू की शक्ल में सिर्फ एक गायक की आवाज खामोश नहीं की गई है बल्कि इस खामोशी के पीछे पंजाब में तेजी से पनपते गैंगवॉर की एक चीख है. सवाल ये है कि एक सिंगर, एक कलाकार का गैंग और गैंगवॉर से क्या लेना-देना? शम्स ताहिर खान के साथ देखें वारदात का ये एपिसोड.