scorecardresearch
 

पवन खेड़ा की लंबी तपस्‍या, क्‍या चार साल बाद म‍िलेगा तम‍िलनाडु में फल?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के राज्यसभा जाने की संभावनाओं अब काफी मजबूत लग रही हैं. कांग्रेस ने चुनावी गठबंधन के तहत डीएमके से तमिलनाडु के रास्ते पवन खेड़ा को राज्यसभा भेजने की मांग की है - और जो संकेत मिले हैं, पवन खेड़ा का राज्यसभा जाना करीब करीब पक्का लग रहा है.

Advertisement
X
राहुल गांधी के साथ पवन खेड़ा, और बीच में डीएमके से डील फाइनल करने वाले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल. (Photo: PTI)
राहुल गांधी के साथ पवन खेड़ा, और बीच में डीएमके से डील फाइनल करने वाले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल. (Photo: PTI)

पवन खेड़ा की तपस्या रंग लाने वाली है. जो संकेत मिले हैं, लग रहा है कि वो घड़ी आ चुकी है जब पवन खेड़ा को अब राज्यसभा जाने के रास्ते की बाधाएं करीब करीब खत्म हो गई हैं. और, यह रास्ता तमिलनाडु से होकर जाता है. 

कांग्रेस की रिक्वेस्ट पर तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके की मदद से पवन खेड़ा के लिए रास्ता बनाया जा रहा है. तमिलनाडु में अप्रैल-मई में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं - और पवन खेड़ा को यह तोहफा कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन के कारण चुनावी डील के तहत मिलने की संभावना है.   

पवन खेड़ा 2022 में भी कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा सीट के लिए प्रबल दावेदार थे, लेकिन चूक गए. लेकिन, अपने काम में वह पूरी शिद्दत से लगे रहे. विवादों में आए, सुर्खियों में छाए रहे, लेकिन हिम्मत नहीं हारे. गांधी परिवार में पैठ तो पहले ही बना चुके थे, धीरे धीरे राहुल गांधी के भी करीबी बन गए - बीच रास्ते में उनकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने केस की पैरवी में जो तत्परता दिखाई, मिसाल है. 

Advertisement

पवन खेड़ा को राज्यसभा भेजने के लिए 

कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट-शेयरिंग के साथ साथ पावर-शेयरिंग का मामला हाल फिलहाल जोरआजमाइश जैसा देखा गया है. डीएमके को सीटों के बंटवारे में ज्यादा दिक्कत नहीं है, लेकिन चुनाव बाद सत्ता में साझेदारी पर घोर आपत्ति है. और, बातचीत को आगे बढ़ाने के के मकसद से कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मिलने पहुंचे. केसी वेणुगोपाल के साथ तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के सेल्वपेरुंथगई और तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर भी थे.

डीएमके के हाई लेवल सूत्रों के हवाले से आई इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, शुरुआत तो थोड़ी गंभीर रही, लेकिन जल्दी ही माहौल बदला हुआ महसूस होने लगा. सत्ता में साझेदारी को लेकर कुछ दिनों से जारी तनातनी के माहौल को पीछे छोड़ते हुए बैठक में केसी वेणुगोपाल राज्यसभा सीट पर फोकस हो गए, और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के लिए एक सीट की मांग पेश कर दी. 

डीएमके के लिए यह कोई आम बात नहीं थी, क्योंकि कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा की सीट तमिलनाडु से बाहर के किसी नेता के लिए मांगी जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, डीएमके लीडरशिप को कांग्रेस की इस मांग से कोई खास दिक्कत नहीं हो सकती है. 

Advertisement

2022 में कांग्रेस के 10 नेता अलग अलग राज्यों से राज्यसभा भेजे गए थे, लेकिन जो लिस्ट जारी की गई, उसमें पवन खेड़ा का नाम नदारद था - देखते ही पवन खेड़ा मन ही मन उबल पड़े थे, लेकिन सोशल मीडिया पर 'मन की बात' पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टाइल में की. 

महीना भर ही बीता होगा, पवन खेड़ा को कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग का चेयरमैन बना दिया गया था - और बकौल राहुल गांधी सचिन पायलट की तरफ धैर्य दिखाने वाले पवन खेड़ा को तपस्या का फल मिलने की उम्मीद जगा दी गई है. 

शीला दीक्षित के OSD से लेकर राहुल गांधी का भरोसा जीतने तक 

पवन खेड़ा काफी दिनों से जोरदार तरीके से राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का बचाव करते हैं. टीवी डिबेट में पूरी तैयारी के साथ पहुंचते हैं, और मजबूती के साथ अपनी बात रखते हैं. कई बार आक्रामक भी हो जाते हैं, और ऐसी बात भी बोल जाते हैं जिस पर बड़ा विवाद खड़ा हो जाता है - और, राहुल गांधी को यही तो पसंद आता है. 

80 के दशक में पवन खेड़ा ने राजस्थान से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की, और 1989 में औपचारिक रूप से यूथ कांग्रेस में शामिल हो गए. पवन खेड़ा सोशल मीडिया पर राजीव गांधी के साथ अपने एक तस्वीर शेयर की थी. वह 1 मई, 1991 की तस्वीर है, जब राजीव गांधी चुनाव कैंपेन के लिए राजस्थान के दौरे पर थे. चुनाव कैंपेन के दौरान ही, तीन हफ्ते बाद ही राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी.

Advertisement

राजीव गांधी की हत्या के बाद पवन खेड़ा ने काफी दिनों तक राजनीति से दूरी बनाए रखी, लेकिन 1998 में शीला दीक्षित के दिल्ली का मुख्यमंत्री बन जाने के बाद उनके राजनीतिक सचिव और ओएसडी के रूप में फिर से राजनीति का काम देखने लगे. शीला दीक्षित के भरोसेमंद और कई बार संकटमोचक भी बने. 2013 में कांग्रेस दिल्ली में सत्ता से बेदखल हुई, तो वह जिम्मेदारी भी जाती रही.   

जब राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभाली तो पवन खेड़ा को कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया गया. फिर 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पवन खेड़ा को पब्लिसिटी कमेटी का संयोजक बनाया गया - और बाद में वो AICC के मीडिया एंड पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के चेयरमैन बना दिए गए, जो आज भी हैं.

आज की तारीख में पवन खेड़ा कांग्रेस के सबसे भरोसेमंद टीवी स्क्रीन पर नजर आने वाले चेहरों में से एक हैं, और हर मामले में राहुल गांधी के साथ साथ कांग्रेस के बचाव में आगे रहते हैं - मुद्दा कोई भी हो, फर्क नहीं पड़ता.

जब पवन खेड़ा विवादों/सुर्खियों में रहे

1. कारोबारी गौतम अडानी की चर्चा आने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बार पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नरेंद्र गौतमदास मोदी' बोलकर बवाल मचा दिया था. और, नौबत यहां तक आ गई कि जब वो कांग्रेस अधिवेशन में शामिल होने जा रहे थे, फ्लाइट से उतारकर असम पुलिस ने पकड़ लिया था. 

Advertisement

पवन खेड़ा ने मीडिया से कहा था, “अगर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बना सकते हैं तो नरेंद्र गौतम दास मोदी को क्या दिक्कत है?”

हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की तत्परता और सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी की मजबूत पैरवी की बदौलत उनको पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया गया. तब सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को राहत के साथ चेतावनी भी दी. तत्कालीन CJI ने कहा था, हमने आपको प्रोटेक्शन (गिरफ्तारी से) दिया है, लेकिन बयानबाजी का भी कुछ लेवल होना चाहिए. कहने को तो उनके वकील ने भी कहा था कि वह पवन खेड़ा के बयान से इत्तफाक नहीं रखते. 

2. बिहार चुनाव के दौरान भी पवन खेड़ा ने अपने बयान से बवाल मचा दिया था. पवन खेड़ा ने कहा था, नीतीश कुमार को पीएम की कनपट्टी पर कट्टा रखकर खुद को सीएम फेस घोषित करवा लेना चाहिए.

3. एपस्टीन फाइल्स के मामले में भी पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से 6 सवाल पूछे थे. सोशल साइट X पर थ्रेड में पवन खेड़ा ने कई ईमेल के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए थे. 

4. SIR पर राहुल गांधी के वोट चोरी मुहिम के दौरान बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय EPIC नंबर हैं, जो कानून का सीधा उल्लंघन है.

Advertisement

5. हाल ही में पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए फ्लाइट का टिकट बुक किया था. मोदी के असम दौरे के बीच गुवाहाटी से इम्फाल का फ्लाइट टिकट बुक कर पवन खेड़ा ने 'सिर्फ प्लेन में चढ़ने' की चुनौती दी थी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement