केसी वेणुगोपाल एक भारतीय राजनेता हैं (KC Venugopal). वह अलाप्पुझा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए लोकसभा सांसद हैं. 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन उन्होंने किसी एक सीट से चुनाव नहीं लड़ा. बल्कि उन्होंनें मुख्य रूप से UDF के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व किया और चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई.
वे पहले राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं. 29 अप्रैल 2017 को उन्हें AICC का महासचिव और कर्नाटक का प्रभारी नियुक्त किया गया. बाद में, उन्हें संगठन के महासचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया.
वे UPA सरकार में नागरिक उड्डयन और विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री थे. वे 2020-2024 के दौरान राजस्थान से राज्यसभा सांसद और अलाप्पुझा से विधायक (1996, 2001 और 2006 में) रहे, साथ ही, 2004 में उन्होंने केरल सरकार में पर्यटन और देवस्वम विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया.
केसी वेणुगोपाल का जन्म 4 फरवरी 1963 को केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर में हुआ था (KC Venugopal Date of Birth). उनके पिता का नाम कुंजुकृष्णन नांबी और माता का नाम जानकी अम्मा है (KC Venugopal Family and Parents). उनके पास गणित में स्नातकोत्तर की डिग्री है (KC Venugopal Education). वेणुगोपाल अपने कॉलेज के दिनों में वॉलीबॉल खिलाड़ी भी थे (KC Venugopal Volleyball Player). वह पय्यानूर कॉलेज और कालीकट विश्वविद्यालय के लिए खेले.
वह छात्र आंदोलन के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय राजनीति में आए. वे केरल छात्र संघ के राज्य अध्यक्ष और भारतीय युवा कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष थे. वेणुगोपाल 1996, 2001 और 2006 में अलाप्पुझा निर्वाचन क्षेत्र से केरल विधान सभा के लिए चुने गए. उन्होंने 2004-06 से ओमन चांडी मंत्रालय में देवासवम और पर्यटन मंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने 2009 में अलाप्पुझा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए आम चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 29 अप्रैल 2017 को उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव चुना गया (KC Venugopal Political Career).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @kcvenugopalmp है. उनके फेसबुक पेज का नाम K.C. Venugopal है. वह इंस्टाग्राम पर k.c.venugopal यूजरनेम से एक्टिव हैं.
केरलम के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने लोक भवन की रसोई में शाकाहारी भोजन बनाने का निर्देश दिया है. उनके इस फैसले को कांग्रेस ने नागरिकों की खाने की स्वतंत्रता पर हमला बताया है. के.सी वेणुगोपाल ने केरलम की मिश्रित खान-पान संस्कृति और संविधान के अधिकारों का हवाला देते हुए राज्यपाल से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस ने 5 उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिनमें 3 स्नातक सीटों पर उसकी सीधी टक्कर सहयोगी आरजेडी से होगी. इस सूची से 23 अक्टूबर के चुनाव में महागठबंधन के भीतर अलग दावेदारी साफ दिखी है, जबकि 8 सीटों पर मतदान और मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को खत्म होना है.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से अलग होने पर भी चर्चा हुई.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजों के बाद राहुल गांधी ने हाईलेवल बैठक बुलाई. इस दौरान पार्टी के शीर्ष नेताओं ने चुनाव प्रबंधन और रणनीति की कमियों पर चर्चा की. बैठक में कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ की जमकर क्लास ली गई. पार्टी ने चुनावी नाकामी के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही मांगी है.
राहुल गांधी कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें युवाओं को आगे लाने और जमीनी सक्रियता को प्राथमिकता देने पर जोर है। राष्ट्रीय सचिव पद के लिए वरिष्ठता के बजाय काम के रिकॉर्ड और सक्रियता को कसौटी बनाया जा रहा है।
केसी वेणुगोपाल ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर BJP पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश समेत दूसरे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम् का सम्मान करती है.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शशि थरूर के राहुल गांधी के Gen Z आउटरीच कार्यक्रम पर दिए बयान के बाद पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिनसे BJP को राहुल गांधी या कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिले.
कर्नाटक में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है. सूत्रों ने बताया कि आज रात 8 बजे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया केसी वेणुगोपाल के साथ रात 8 बजे अहम बैठक करेंगे.
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस बात से नाराज थे कि उन्हें NEET पेपर लीक और 20 जुलाई को युवाओं के विरोध-प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई के बारे में बोलने की इजाज़त नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस और बीजेपी के बीच डील हो गई है.
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस ने उन पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अयोध्या में जो कुछ हुआ है, बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है. लेकिन, राहत की बात बस इतनी है कि विपक्ष मुद्दा उठाने के नाम पर बयानबाजी की रस्मअदायगी भर निभा रहा है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. SIR के बहाने वोट चोरी जैसे मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने के बाद राहुल गांधी NEET और पेपर लीक का मुद्दा उठाने जा रहे हैं.
कांग्रेस शासन वाले राज्यों में नेतृत्व का मसला हल करने के बाद राहुल गांधी संगठन में बदलाव करने जा रहे हैं. केरल और कर्नाटक के अलावा जोर उन राज्यों पर भी है, जहां आने वाले दिनों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं - और ध्यान यह रखा जा रहा है कि सब कुछ मिशन 2029 के हिसाब से दुरुस्त हो.
कांग्रेस कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने का मन बना चुकी है. कोशिशें तो राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मामलों में भी हुई थी, लेकिन अशोक गहलोत और भूपेश बघेल पर दबाव बनाना संभव नहीं हो सका. मजबूत तो हर तरह से सिद्धारमैया भी हैं, लेकिन केरल में मुख्यमंत्री पद पर मनमाफिक फैसले के बाद आलाकमान का हौसला बढ़ा लगता है.
सिद्धारमैया 28 मई को अपने आवास पर कैबिनेट के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग की मेजबानी करेंगे. कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला बुधवार को बेंगलुरु पहुंचेंगे. इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच सुरजेवाला पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ मीटिंग कर सकते हैं.
इस बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज की बैठक में राज्यसभा चुनाव और एमएलसी चुनाव को लेकर चर्चा हुई. आप लोग जो अटकलें लगा रहे हैं, उसमें कोई सच्चाई नहीं है.
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिके शिवकुमार को दिल्ली बैठक के लिए बुलाया है.
केरल में यूडीएफ सरकार के मुख्यमंत्री पद के निर्वाचित उम्मीदवार वीडी सतीशन 18 मई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे. उनके साथ उनकी पूरी कैबिनेट भी शपथ ग्रहण कर सकती है.सूत्रों का कहना है कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस के कई शीर्ष नेता केरल पहुंचेंगे.
केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने वो जोखिम नहीं लिया, जो वह राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल और कर्नाटक जैसे राज्यों में लेता आया था. जमीनी मांग वीडी सतीशन को लेकर थी, जिसके आगे पार्टी नेतृत्व नतमस्तक हुआ. और हाईकमांड के सबसे करीबी केसी वेणुगोपाल को मन मसोसकर नेतृत्व के फैसले का समर्थन करना पड़ा.
केरलम में दस साल के बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी है. वीडी सतीशन सोमवार को सीएम पद की शपथ लेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार थे. ऐसे में रूठे नेताओं को मनाने के लिए कांग्रेस उन्हें कैबिनेट में जगह दे सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि यूडीएफ सरकार कैसी होगी?
केरलम के मुख्यमंत्री की रेस में वीडी सतीशन से केसी वेणुगोपाल पीछे रह गए. इस तरह वेणुगोपाल ने केरलम की 'गद्दी' जरूर खोई है, लेकिन दिल्ली के 'दरबार' में उनका प्रभाव अभी भी बरकरार है. ऐसे में केसी वेणुगोपाल अब क्या-क्या रोल अदा करेंगे?