scorecardresearch
 

तमिलनाडु में विजय की सपोर्ट पॉलिटिक्स, एक चाल से कांग्रेस का सपना तोड़ा!

तमिलनाडु में बहुमत के लिए दस सीटों की भरपाई में जुटी विजय की पार्टी TVK एक के बाद एक नए दांव चलती जा रही है. कांग्रेस ने समर्थन के बदले मंत्रिपद मांगे तो विजय ने दूसरी पार्टियों के दरवाजे पर दस्तक दे दी.

Advertisement
X
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और टीवीके नेता थलपति विजय. (Photo: PTI)
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और टीवीके नेता थलपति विजय. (Photo: PTI)

कांग्रेस तमिलनाडु में थलपति विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने जा रही है. ऐसा इसलिए ताकि TVK और AIADMK के बीच किसी संभावित गठबंधन को रोका जा सके. AIADMK को लेकर कांग्रेस की चिंता इसलिए भी है, क्योंकि उसका चुनावी गठबंधन BJP के साथ है.  ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि BJP को रोकने के लिए कांग्रेस ने बंगाल में इसी तरह की रणनीति क्यों नहीं अपनाई?

कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. एक अहम शर्त यह है कि TVK किसी भी सूरत में NDA या उसके सहयोगियों, खासकर AIADMK, के साथ गठबंधन नहीं करेगी. कांग्रेस केवल बाहर से समर्थन देने के बजाय सरकार में हिस्सेदारी भी चाहती है, जबकि तमिलनाडु की द्रविड़ पार्टियों ने पहले कभी सरकार में किसी राष्ट्रीय पार्टी को शामिल नहीं किया है.

कांग्रेस के इस दबाव को न्यूट्रल करने के लिए TVK ने नया दांव चला है. विजय की ओर से AIADMK और उसकी सहयोगी पार्टी PMK से भी समर्थन मांगा गया है. यानी, कांग्रेस के आगे आने के बावजूद TVK और AIADMK के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही है. क्योंकि कांग्रेस की पांच सीटों के अलावा भी विजय को बहुमत के लिए पांच और सीटों की जरूरत है. TVK नेता एन आनंद ने AIADMK प्रमुख ई के पलानीस्वामी के घर जाकर मुलाकात की है. मतलब, असली पिक्चर अब भी बाकी है.

Advertisement

विजय ने बंद नहीं किए बातचीत के दरवाजे

थलपति विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीवीके के मध्यस्थों की टीम ने कांग्रेस के साथ साथ वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन और पीएमके नेता अंबुमणि रामदास से भी संपर्क किया है. कांग्रेस के पास 5 विधायक हैं, जबकि वीसीके के पास 2 और पीएमके के पास 4 सीटें हैं. 

234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का नंबर 118 है, लेकिन थलपति विजय के एक सीट से इस्तीफा दे देने के बाद बहुमत के लिए 117 विधायकों की ही जरूरत होगी. विजय तमिलनाडु की दो सीटों त्रिची ईस्ट और पेरुम्बुर से चुनाव जीते हैं. बताते हैं कि विजय त्रिची ईस्ट सीट छोड़ देंगे - तब फैसला 233 के हिसाब से होगा. 

कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी तरफ से तमिलनाडु का काम पूरा कर लिया है, लेकिन शर्तें लगता है रास्ते की बाधा बन रही हैं. TVK नेता एन आनंद का AIADMK प्रमुख ई के पलानीस्वामी के घर जाकर मुलाकात करने को आखिर कैसे समझें? कांग्रेस ने 2 मंत्री पदों की डिमांड की है, लेकिन अगर विजय और उनकी टीम को प्रस्ताव मंजूर न हो तब?

अब खबर मिली है कि थलपति विजय की पार्टी टीवीके की तरफ से AIADMK प्रमुख ई के पलानीस्वामी को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की गई है. ठीक ऐसा ही पत्र टीवीके की तरफ से कांग्रेस को भी लिखा गया था.

Advertisement

कांग्रेस का चुनाव में डीएमके के साथ, और सरकार में टीवीके के

डीएमके के साथ चुनाव लड़ चुकी कांग्रेस अब टीवीके के साथ तमिलनाडु में सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस की तरफ से सोशल साइट एक्स पर बताया गया है कि समर्थन का अनुरोध थलपति विजय की तरफ से किया गया था. 

सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, कांग्रेस को थलपति विजय के नेतृत्व में बनने जा रही टीवीके सरकार में दो मंत्री पद मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के कुछ सीनियर नेता TVK नेताओं के संपर्क में बताए जा रहे हैं. 

टीवीके के साथ कांग्रेस के हाथ मिलाने का पहला असर तो यही होगा कि डीएमके के साथ उसका बरसों पुराना गठबंधन टूट जाएगा. पूरे घटनाक्रम पर DMK प्रवक्ता ए सरवनन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. डीएमके प्रवक्त कांग्रेस के नए कदम को पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया है. ए सरवनन का कहना है कि DMK के समर्थन के बगैर कांग्रेस अपनी 5 सीटें भी नहीं जीत पाती.

तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके गठबंधन ने 2019 में लोकसभा की 39 में से 38 सीटें जीती थीं, और 2024 में तो सभी 39 सीटों पर जीत दर्ज की थी. डीएमके और कांग्रेस का गठबंधन 2004 से 2013 तक चला था, लेकिन श्रीलंकाई तमिल मुद्दे पर बीच में टूट गया था. बाद में, 2016 में दोनों दल करीब आए, और गठबंधन फिर से बहाल किया गया.

Advertisement

गठबंधन पर कांग्रेस से कैसे बनी बात?

बताते हैं कि राहुल गांधी शुरू से ही टीवीके को समर्थन देने के पक्ष में थे, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की राय अलग थी. मल्लिकार्जुन खड़गे चाहते थे कि टीवीके को सपोर्ट करने का फैसला दिल्ली के बजाए तमिलनाडु कांग्रेस की तरफ से लिया जाए. देर रात तक चली कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की कमेटी की वर्चुअल बैठक में तमिलनाडु इकाई को TVK के सरकार गठन में समर्थन करने को मंजूरी दे दी गई. 

कांग्रेस की तरफ से सोशल साइट X पर बताया गया है, तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर TVK अध्यक्ष विजय ने कांग्रेस से समर्थन का अनुरोध किया है. कांग्रेस का साफ तौर पर मानना है कि तमिलनाडु की जनता ने सेक्युलर सरकार के पक्ष में जनादेश दिया है, जो संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो. 

वैसे थलपति विजय के पिता एस ए चंद्रशेखर ने पहले ही कांग्रेस के साथ प्रस्तावित सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा बनने का प्रस्ताव रखा था. एस ए चंद्रशेखर ने कहा, कांग्रेस ऐतिहासिक और परंपराओं वाली पार्टी रही है, लेकिन लगातार दूसरी पार्टियों को समर्थन देने के कारण उसकी ताकत कमजोर हुई है.

विजय के पिता ने कहा, अब वक्त आ गया है जब कांग्रेस अपनी खोई हुई ताकत वापस हासिल करे. एस ए चंद्रशेखर ने यहां तक कहा था कि सिर्फ वह नहीं, बल्कि विजय भी कांग्रेस को वह ताकत देने के लिए तैयार हैं, जिससे पार्टी अपनी पुरानी पहचान और मजबूती फिर से हासिल कर सके. 

Advertisement

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल की तरफ से जारी बयान में आगे लिखा है, कांग्रेस यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्प है कि बीजेपी और उसके सहयोगी किसी भी रूप में तमिलनाडु में सरकार न बना सकें. विजय ने भी पेरुंथलैवर कामराज से प्रेरणा लेने की बात कही है. इसी बात का ध्यान रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिया है कि वह चुनावी जनादेश में नजर आ रही लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए विजय के अनुरोध पर अंतिम फैसला ले.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर कहते हैं, जहां तक हमारी बात है, तमिलनाडु के मतदाताओं ने अपना स्पष्ट फैसला दे दिया है... कुछ लोग कह रहे थे कि यह तमिलनाडु के मिजाज के अनुकूल नहीं है. या, तमिलनाडु सत्ता में हिस्सेदारी स्वीकार नहीं करेगा, लेकिन तमिलनाडु की जनता ने अब इसका जवाब दे दिया है... जनता ने अपना फैसला सुना दिया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement