scorecardresearch
 

'गुजरात से लेकर यूपी तक फैला जहरीली शराब का नेटवर्क', सागर में 12 मौतों पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला

Sagar Poisonous Liquor Tragedy: सागर में जहरीली शराब से 12 की मौत पर सियासत गरम. उमंग सिंघार ने गुजरात व यूपी से जुड़े शराब माफिया नेटवर्क का आरोप लगाया. 'सागर गोल्ड' ब्रांड पर उठे गंभीर सवाल.

Advertisement
X
सागर में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत और 54 बीमार.(Photo:ITG)
सागर में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत और 54 बीमार.(Photo:ITG)

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सागर में जहरीली शराब से हुई 12 लोगों की मौत को पिछले महीने गुजरात में जहरीली शराब से हुई मौतों से जोड़ा. पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्यों के बीच अवैध शराब का नेटवर्क चल रहा है और शराब माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है.

सागर जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर बांदा तहसील के दो गांवों में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई और 54 अन्य बीमार पड़ गए. कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सागर जिले के बांदा इलाके में अवैध शराब पीने से जुड़ी घटना की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं.

पुलिस ने FIR में नामजद 30 लोगों में से 14 को गिरफ्तार किया है. जांचकर्ता पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से संभावित संबंध की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां सस्ती शराब सीमा पार से रोजाना खरीदारों को आकर्षित करती है.

मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने एक बयान में कहा कि गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब त्रासदी (जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी) के मुख्य आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले थे, जबकि सागर में बेची गई जहरीली शराब कथित तौर पर पड़ोसी उत्तर प्रदेश से तस्करी करके लाई गई थी.

Advertisement

उन्होंने बताया कि गुजरात पुलिस ने भावनगर मामले में मुख्य आरोपी रईस (जो उज्जैन का रहने वाला है) को गिरफ्तार किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश का एक और निवासी, नरेंद्र सिंह यादव उर्फ 'डॉक्टर', भी जहरीली शराब बनाने में शामिल था.

सिंघार ने मांग की कि सागर में हुई मौतों की जांच में राज्यों के बीच फैले शराब नेटवर्क और गुजरात मामले से इसके संभावित संबंधों की भी जांच की जाए.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (जहां BJP की सरकार है) से सप्लाई की गई जहरीली शराब पुलिस और आबकारी विभाग की नजर में आए बिना सागर कैसे पहुंच गई.

कांग्रेस नेता ने शराब की सप्लाई, बॉटलिंग, लेबलिंग, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन के पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की.

उमंग सिंघार ने सागर के प्रभावित गांवों का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस त्रासदी ने राज्य में चल रहे अवैध शराब नेटवर्क का पर्दाफाश किया है और सवाल उठाया कि इसे कौन संरक्षण दे रहा है? 

उन्होंने 'सागर गोल्ड' नाम के शराब ब्रांड की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि इस ब्रांड की बोतलों पर DCR डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम महोर, जिला सागर का पता लिखा था.

Advertisement

सिंघार ने आरोप लगाया कि इस मामले में 'बम्बैया व्हिस्की' नाम का एक और ब्रांड भी सामने आया है. उन्होंने मांग की कि जांच सिर्फ एक ब्रांड तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाए.

उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब भरकर उसे सस्ते दाम पर बेचा जा रहा था, जिससे एक अवैध बाजार बन गया था. उन्होंने दावा किया कि शराब ठेकेदारों ने पहले भी शराब माफिया के बारे में शिकायत की थी, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

सिंघार ने 'सागर गोल्ड' से जुड़े आबकारी विभाग के एक आदेश में किए गए बदलाव पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि 6 सितंबर को जारी एक आदेश में इस ब्रांड की बिक्री पूरी तरह रोकने और मौजूद स्टॉक को सील करके फोरेंसिक जांच के लिए जब्त करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उसी दिन जारी एक संशोधित आदेश में कहा गया कि यह ब्रांड बहुत कम मात्रा में मौजूद था और आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं थी.

कांग्रेस नेता ने यह भी मांग की कि सरकार मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दे, क्योंकि ज्यादातर  पीड़ित गरीब मजदूर और अपने परिवारों के कमाने वाले सदस्य थे. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement