मध्य प्रदेश की कालापीपल विधानसभा से BJP के विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें विधायक जी बाइक चलाते समय हैंडल से दोनों हाथ छोड़कर हवा में लहराते हुए नजर आ रहे हैं. मामला सामने आने और विपक्षी दल कांग्रेस की घेराबंदी के बाद विधायक ने तुरंत अपना एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी गलती मानी है और जनता से बिना शर्त माफी मांगी है.
दरअसल, सोमवार को कालापीपल से जामनेर की ओर 'जल जन सेवा यात्रा' (सेवा संकल्प यात्रा) की बाइक रैली निकल रही थी. यह यात्रा ग्राम खरदौनकलां, आगखेड़ी जोड़ और खोंकराकलां पहुंची, जहां ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया.
इसी रैली में विधायक घनश्याम चंद्रवंशी कार्यकर्ताओं के साथ हेलमेट पहनकर बुलेट चला रहे थे. युवाओं के बीच अचानक उत्साह और जोश में आकर उन्होंने बुलेट का हैंडल छोड़ दिया और दोनों हाथ हवा में उठाकर काफी दूर तक बाइक चलाते रहे. गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ. देखें VIDEO:-
'जोश में गलती हुई, कोई युवा ऐसा न करे'
वीडियो पर आपत्ति जताए जाने के बाद विधायक चंद्रवंशी ने खुद सामने आकर खेद व्यक्त किया. उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ''जो यात्रा निकली थी, उसमें युवाओं के उत्साह और जोश के कारण मेरे से बाइक चलाते समय हैंडल छूट गया था. यह कोई स्टंट नहीं था, बस उत्साह में हो गया था. मैं क्षेत्रवासियों और युवा साथियों से इसके लिए क्षमा चाहता हूं. मैं हमेशा यातायात नियमों का पालन करता हूं और अपील करता हूं कि कोई भी युवा इस प्रकार गाड़ी न चलाए. आगे से मुझसे ऐसी गलती नहीं होगी.'' देखें VIDEO:-
गौरतलब है कि यही विधायक कुछ समय पूर्व भोपाल से गणेश प्रतिमा लाते समय कार में मूर्ति को सीट बेल्ट बांधकर लाए थे, जिसकी काफी तारीफ हुई थी और उन्होंने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया था.
कांग्रेस का हमला
मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कालापीपल के पूर्व कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और शाजापुर पुलिस अधीक्षक (SP) को आड़े हाथों लिया.
कुणाल चौधरी ने सवाल उठाया, ''क्या मध्य प्रदेश में आम जनता और माननीयों के लिए दो अलग-अलग कानून हैं? आम जनता या कोई बच्चा गलती करे तो चालान कटता है और अतिरिक्त कार्रवाई होती है, वहीं माननीय स्टंट करें तो उन्हें सिर्फ गलती मानकर छोड़ दिया जाता है? 'सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का'? क्या कानून जेब में रखकर यह दिखाया जा रहा है कि नेता कानून से ऊपर हैं? क्या एसपी साहब इस पर चालान काटेंगे या इसे सिर्फ स्टंट मानकर छोड़ दिया जाएगा?''