scorecardresearch
 

'जिंदा लोगों को मार दिया, प्रशासन पेपर साइन करवा रहा...' ग्वालियर ट्रक हादसे के पीड़ित परिजनों का आरोप

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास एक ट्रक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद परिजन प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं कि घायलों को समय पर इलाज नहीं मिला. पीड़ित परिवारों ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.

Advertisement
X
पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. (Photo- ANI)
पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. (Photo- ANI)

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई. कई घायल लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं. हादसे के बाद अस्पताल परिसर में गम और गुस्से का माहौल है. अपनों को खोने वाले परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. कई परिजन प्रशासन पर सवाल उठाते हुए भड़क गए हैं.

हादसे में अपने बेटे को खोने वाली दिव्यांश की मां की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे. वो कहती हैं, 'वहां मेरी बहू, मेरे बड़े और छोटे बेटे थे. मुझे सुबह 6 बजे बताया गया. मेरी बेटी उन्हें ढूंढने गई, लेकिन पुलिस ने उसे नहीं ढूंढने दिया. पुलिस उसे ढूंढने में मेरी मदद क्यों नहीं करती? मुझे बताओ अगर ये तुम्हारा अपना बच्चा होता, तो क्या तुम्हें दर्द नहीं होता?'

एक परिजन ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि घायलों को समय रहते अस्पताल नहीं लाया गया. उन्होंने कहा, 'अगर एक्सीडेंट रात के 2 बजे हुआ था, तो उसे सुबह 4 बजे हॉस्पिटल क्यों ले जाया गया? उन्हें उसे उसी समय ले आना चाहिए था. अब बच्चे की जान चली गई है और अधिकारी कह रहे हैं कि पेपर्स पर साइन कर दो.' 

Advertisement

'जो जिंदा था, उसे भी मार दिया'

उन्होंने आगे कहा, 'हमें बताया गया था कि उसका इलाज चल रहा है. हमें कोई आइडिया नहीं था कि हमारा बच्चा अब नहीं रहा. जो जिंदा था, उसे भी मार दिया. हम तो सोच रहे थे इलाज चल रहा है, हमें क्या पता कि एक्सपायर हो गया. वो तो यहीं कह रहे थे कि इलाज चल रहा है.'

घटना के वक्त वहीं मौजूद रही एक पीड़िता ने अपने भाई को खोने का दर्द बयां किया. उसने कहा, 'हादसे के वक्त मैं वहीं पर थी, मेरा भाई बाहर गेट पर खड़ा था, हम अंदर चले गए थे. वो अंदर आ नहीं रहा था, इतने में वहां पर ट्रक आया और सीधे घुस गया.'

कैसे हुआ हादसा?

डबरा की ओर से आ रहा धान से भरा एक ट्रक चीनोर से शीतला माता मंदिर की ओर उतरने वाली ढलान पर खड़ा हुआ था. अचानक प्रेशर रिलीज होने की आशंका के चलते ट्रक ढलान की ओर तेजी से नीचे उतरा और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ मंदिर के मेन एंट्री गेट तक जा पहुंचा.

यह भी पढ़ें: 3 हादसे, 3 शहर और 34 मौतें... नवरात्रि के बीच कहीं भगदड़ ने अपनों को छीना, कहीं ट्रक ने रौंदे श्रद्धालु

Advertisement

हादसे के बाद लगभग 39 घायलों को जयारोग्य अस्पताल के शासकीय ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जिनमें ड्यूटी पर तैनात 2 होमगार्ड भी शामिल हैं. अस्पताल में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement