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देवास में 13 संदिग्ध मौतों पर सियासी घमासान, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

देवास के चंदाना और बींजाना गांव में 13 लोगों की संदिग्ध मौतों के मामले ने तूल पकड़ लिया है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री मोहन यादव से फोन पर बात की. उन्होंने कथित जहरीली शराब की बिक्री को लेकर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए.

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देवास में मृतकों के परिजनों से मुलाकात करते उमंग सिंघार. (Photo: ITG)
देवास में मृतकों के परिजनों से मुलाकात करते उमंग सिंघार. (Photo: ITG)

देवास के चंदाना और बींजाना गांव में 13 लोगों की संदिग्ध मौतों का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. सोमवार शाम नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार चंदाना पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने मौके से ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मोबाइल पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया.

मीडिया से चर्चा के दौरान सिंघार ने कलेक्टर और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि मृतकों के परिजनों ने उन्हें बताया कि शराब ठेकेदार विनोद जायसवाल से शराब खरीदी गई थी, जो कथित तौर पर गांव में कई वर्षों से शराब बेच रहा था. सिंघार ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की कथित मिलीभगत से अवैध शराब की बिक्री हो रही है.

सिंघार ने कहा कि देशी शराब पीने के बाद लोगों को दिखाई देना बंद हुआ, उल्टियां हुईं और फिर उनकी मौत हो गई. उन्होंने सागर के बाद देवास में सामने आई इन घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में कई दिनों से मौतें हो रही हैं, लेकिन प्रशासन इन्हें सामान्य मौतें बता रहा है. इतना ही नहीं उन्होंने देवास कलेक्टर को मंदबुद्धि तक करार दे डाला.

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नेता प्रतिपक्ष ने आबकारी आयुक्त को लेकर क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष ने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना को लेकर कहा कि दीपक सक्सेना मुख्यमंत्री के कॉलेज के मित्र हैं. मोहन, कृष्ण और दीपक सक्सेना सुदामा की भूमिका में है. कृष्ण-सुदामा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कथित जहरीली शराब कैसे बिक रही है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग की.

सिंघार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मौके पर ही फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है. पीड़ित परिवारों की मदद के लिए अब तक किसी के नहीं पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ये बड़ी शर्म की बात है. उन्होंने प्रत्येक मृतक परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि जांच अपनी जगह है, लेकिन प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए.

संभागायुक्त द्वारा जांच दल गठित किए जाने के सवाल पर सिंघार ने कहा कि जांच जरूरी है, लेकिन मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत मिलना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने जिला प्रशासन पर घटना की गंभीरता को नहीं समझने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस इस मामले को विधानसभा में उठाएगी.

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पुलिस ने 10 लोगों को किया गिरफ्तार
इधर सोमवार दोपहर को पुलिस ने गांव के शराब ठेकेदार विनोद जायसवाल, कुछ दुकानों के मैनेजरों और सेल्समैन सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कुछ शराब भी जब्त की है. सिंघार ने सवाल उठाया कि ठेकेदारों की गिरफ्तारी के बाद अब यह पता लगाना जरूरी है कि शराब कहां बनाई जा रही थी और गांव तक कैसे पहुंची. उन्होंने परिजनों के हवाले से आरोप लगाया कि पुलिस ने गांव से खाली बोतलें और रैपर भी एकत्र करवाए हैं. उन्होंने शराब के स्रोत और उसकी आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की.

गौरतलब है कि चंदाना और बींजाना गांव में पिछले दिनों 13 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है. मृतकों के परिजनों के बयान और विपक्ष इसे जहरीली शराब पीने से हुई मौतें करार दे रहा है. जबकि प्रशासन की ओर से मौतों के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा होना अभी बाकी है. अब मामले में जांच के निष्कर्षों और मौतों के कारणों के खुलासे पर नजरें टिकी हैं. परिजनों से बातचीत के दौरान उमंग सिंघार ने कांग्रेस की ओर से मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार ₹ देने की घोषणा भी की.

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