मध्य प्रदेश के दमोह जिला अस्पताल से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अस्पताल के वार्ड में स्टूल और फर्श पर फैली गंदगी को खुद साफ करती हुई दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
सामने आई जानकारी के मुताबिक, वीडियो में जो महिला सफाई करती नजर आ रही है, वह जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मां है. आरोप है कि अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ द्वारा महिला पर दबाव बनाया गया या उससे कहा गया, जिसके बाद उसे मजबूरन अपने बीमार बच्चे की तीमारदारी के बीच अस्पताल का फर्श और स्टूल साफ करना पड़ा.
अस्पताल में जब सफाई के लिए नियमित कर्मचारियों और ठेका कर्मियों की पूरी फौज तैनात रहती है, ऐसे में एक मरीज के परिजन से इस तरह सफाई करवाया जाना मानवीय संवेदनाओं और अस्पताल प्रशासन के दावों दोनों पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है.
वीडियो वायरल होने के बाद से स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. देखें VIDEO:-
'वीडियो डेढ़ से दो महीने पुराना है'
मामले के तूल पकड़ने और वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया. हालांकि, अपनी साख बचाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने इस पूरे घटनाक्रम पर अजीबोगरीब दलील दी है.
अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो वर्तमान का नहीं है, बल्कि करीब डेढ़ से दो महीने पुराना है.
प्रबंधन की इस सफाई के बाद यह तो साफ हो गया है कि वीडियो पर प्रशासनिक नजर टेढ़ी हुई है, लेकिन इस बात का जवाब अभी भी नहीं मिला है कि अगर वीडियो पुराना भी है, तो क्या उस वक्त मरीज के परिजनों से सफाई कराना सही था और क्या इस मामले में तब कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं.
फिलहाल, प्रबंधन के इस बयान के बाद भी जनता और तीमारदारों में अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर रोष बना हुआ है, और संबंधित लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.