दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन पर अयोध्या के प्रसिद्ध मंदिर हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. महंत राजूदास ने आंदोलन में शामिल युवाओं (Gen-Z) पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विरोध प्रदर्शन किया.
इस पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने CJP आंदोलन और उसमें शामिल युवाओं (Gen-Z) के रुख पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा, ''Gen-Z देश को तोड़ने वाला नहीं, बल्कि जोड़ने वाला होना चाहिए. मोदी जी, ऐसे Gen-Z पर लट्ठ बजाओ, हम आपके साथ हैं! क्योंकि जो Gen-Z 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' के नारे लगाता है, वह राष्ट्रविरोधी और धर्मविरोधी है. हमें ऐसा Gen-Z चाहिए जो देश को जोड़ने की बात करे.''
हिंदू राष्ट्र और धर्म के आधार पर देश के विभाजन पर अपनी बात रखते हुए महंत राजूदास ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का सीधा अर्थ 'रामराज्य' है, जहां परस्पर संवाद होता है, कोई विवाद नहीं होता और सबका साथ-सबका विकास होता है.
उन्होंने आगे कहा, ''भारत में रहने वाले हर नागरिक को राष्ट्रवादी होना चाहिए. धर्म के आधार पर देश का बंटवारा किसने किया? मुसलमानों ने किया, हमने नहीं किया. मुसलमान तो अपना देश (पाकिस्तान) पहले ही ले चुके हैं.'' देखें VIDEO:-
रिहाई के बाद CJP का बड़ा आरोप
उधर, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए CJP के नेताओं को रविवार को रिहा कर दिया गया. रिहा होने के कुछ ही घंटों बाद CJP के प्रमुख नेता सौरव दास ने प्रेस वार्ता कर केंद्र की मोदी सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए.
सौरव दास ने सरकार को घेरते हुए कहा, ''मोदी सरकार ने देश में पूरी तरह 'आपातकाल जैसे हालात' पैदा कर दिए हैं और पूरी सरकारी मशीनरी को अपने ही नागरिकों के खिलाफ खड़ा कर दिया है. प्रशासन प्रदर्शनकारियों को तय जगह पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोकने के बजाय बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल को बुला सकता था.''
सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी औपचारिक नोटिस के उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा. इस दौरान उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और उन्हें अपने वकीलों से भी संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई.
'अब पूरे देश में फैलेगा आंदोलन'
CJP नेताओं ने साफ किया कि पुलिस की दमनकारी कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होने वाला है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, 'वोट चोरी' के आरोपों और SIR प्रक्रिया के विरोध में जारी यह आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे सिलसिलेवार तरीके से पूरे देश के हर राज्य और जिले में फैलाया जाएगा.