छतरपुर
छतरपुर (Chhatarpur) भारत (India) के मध्य प्रदेश राज्य (Madhya Pradesh ) का एक जिला और एक नगरपालिका है. जिला प्रशासन का मुख्यालय मध्य प्रदेश के भोपाल के पश्चिम में 336 किलोमीटर की दूरी पर स्थित छतरपुर शहर में स्थित है. इस जिले में 6 सब डिवीजन, 11 तहसील, 8 जिला पंचायत, 3 नगरपालिका और 12 नगर परिषद हैं. इसका क्षेत्रफल 10,863 वर्ग किलोमीटर है (Chhatarpur Area). 2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक छतरपुर की जनसंख्या (Chhatarpur Population) 17.62 लाख है.
छतरपुर की स्थापना 1785 में हुई थी और इसका नाम बुंदेलखंड स्वतंत्रता के संस्थापक नेता छत्रसाल (Chhatrasal) के नाम पर रखा गया है, और उनके सम्मान में एक स्मारक बनाया गया है. 1785 तक राज्य पर उनके वंशजों का शासन था. उस समय राजपूतों के पोंवार वंश ने छतरपुर पर अधिकार कर लिया था. 1806 में ब्रिटिश राज द्वारा कुंवर सोन सिंह पोनवार को राज्य की गारंटी दी गई थी. पोंवर राजाओं ने 2,900 वर्ग किमी के क्षेत्रफल और 1901 में 156,139 की आबादी के साथ एक रियासत पर शासन किया, जो मध्य भारत की बुंदेलखंड एजेंसी का हिस्सा था (History Chhatarpur).
इस जिले में चौंसत योगिनी, कंदरिया महादेव, चित्रगुप्त मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, दुलादेव मंदिर, और चतुर्भुज मंदिर दर्शनीय स्थल हैं (Tourist Places in Chhatarpur MP).
बालिकाओं के परिजनों का कहना है कि रात में बैंगन का भरता और रोटी खाने के बाद तीनों की तबीयत बिगड़ी थी. लेकिन जब 9 महीने की बच्ची की भी खाने से मौत की बात सामने आई, तो पुलिस को संदेह हुआ.
राहुल गांधी ने पन्ना और छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रभावित आदिवासियों से मुलाकात की. विस्थापितों ने जमीन, आजीविका छिनने और पुलिस बर्बरता का दर्द साझा किया. राहुल गांधी ने पीड़ितों की इस लड़ाई में पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. बड़ामलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कचरा वाहन के जरिए शव ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. CMHO ने BMO से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है. जांच के बाद लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी.
'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत मध्य प्रदेश के सांची, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, भिंड, छिंदवाड़ा, बालाघाट, ब्योहारी, हरपालपुर, जुन्नारदेव, एमसीएस छतरपुर और नैनपुर रेलवे स्टेशनों को आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब में बदल दिया गया है. इन स्टेशनों को लिफ्ट, एस्केलेटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाओं ने बदलकर रख दिया है.
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाओं से प्रभावित लोगों की मांगों को लेकर 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है.
वीडियो में एक शख्स एक बुजुर्ग नेत्रहीन तीर्थयात्री को खाना खिलाते हुए दिखाई दे रहा है और दावा कर रहा है कि वह उन्हें चिकन खिला रहा है. मामले की जानकारी सामने आते ही धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है, जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है.
केन बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो योजना है जिसमें लगभग 4000 करोड़ रु. की लागत से बुंदेलखंड क्षेत्र के लाखों लोगों को पानी और सिंचाई का लाभ मिलेगा. इस योजना से एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र सिंचित होगा और बड़े पैमाने पर पीने के पानी की व्यवस्था भी होगी.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर विरोध तेज हो गया है. जमीन और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन शुरू किया है, जिसकी तस्वीरें चर्चा में हैं.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण विस्थापित हुए आदिवासी प्रदर्शकारी किसानों को पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया है.14 दिनों से भूख हड़ताल पर किसानों के साथ अनशन पर बैठे किसान नेता अमित भटनागर को भी हटा दिया गया है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर धरना कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने जबरिया उठा लिया है. छतरपुर जिले के कुपी में अंडर ब्रिज के नीचे 14 दिनों से ये धरना प्रदर्श जारी था. वरान नदी के तट पर आआंदोलनकारी डटे थे, लेकिन सुबह सुबह पुलिस पहुंची और अनशन कर लोगों को जबरिया हटा दिया. भूख हड़ताल कर रहे किसान नेता अमित भटनागर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उचित मुआवजे की मांग को लेकर ये लोग प्रदर्शन कर रहे थे.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित आदिवासी किसानों का 14 दिनों से चल रहा जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल रविवार तड़के पुलिस ने खत्म करा दिया है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों और विस्थापितों का आंदोलन अब राजनीतिक रंग ले चुका है. 12 दिनों से जारी धरने में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे, किसानों का समर्थन किया, पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए और प्रशासन के साथ बातचीत कर समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश की.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के विरोध में भूख हड़ताल 15वें दिन भी जारी है. प्रदर्शनकारी पुनर्वास और विस्थापन पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन ने अतिरिक्त मुआवजे और पुनर्वास की जानकारी दी है.
बुंदेलखंड क्षेत्र में एक बार फिर केन बेतवा परियोजना के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. स्थानीय लोग अपने विस्थापन और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं. बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई और गांवों पर असर को लेकर आदिवासी और किसान संगठित होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और ‘चिता आंदोलन’ कर रहे हैं.
छतरपुर के राजनगर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद से जुड़े मामले में बागेश्वर महाराज के भाई शालिग्राम गर्ग और अंकित मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. एक आरोपी की तलाश जारी है. घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं.
मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. एक किसान ने आरोप लगाया है कि पुराने जमीन विवाद को लेकर शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों ने उसके साथ मारपीट की, लाठी-डंडों से हमला किया और फायरिंग भी की.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग पर पुराने जमीनी विवाद में मारपीट और हवाई फायरिंग के आरोप लगे हैं. घायल युवक की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हर मामले में उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
छतरपुर में 16 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते का दर्दनाक अंत सामने आया. पन्ना निवासी संजय मिश्रा के लापता होने के बाद उनका शव जंगल में मिला. पुलिस जांच में पत्नी के कथित प्रेम संबंधों का एंगल सामने आया. पुलिस ने पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
Ken-Betwa linking project: केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित आदिवासी महिलाओं और किसानों ने छतरपुर में 'चिता आंदोलन' फिर शुरू कर दिया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने वादे पूरे नहीं किए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना आगे बढ़ाई जा रही है.
छतरपुर जिले में शादी के दो महीने के अंदर नवविवाहिता फंदे पर लटकी मिली. घटना के बाद कथित चैट, प्रेम प्रसंग के आरोप और पति की हत्या की साजिश वाले दावे ने मामले को नया मोड़ दे दिया है. पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में 42 साल के एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से अपने प्राइवेट पार्ट काट डाला. यह घटना शनिवार सुबह जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर हुई. परिवार वालों का कहना है कि पीड़ित ने अपने खेत के पास यह कदम उठाया. गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने चचेरे भाई को बुलाया. फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में इलाज चल रहा है.