एक समय था, जब आप दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे और यह तय कर लिया था कि जिन्दगी साथ ही बिताएंगे. आप दोनों को यह लगने लगा था कि एक-दूसरे के बिना जिन्दगी कभी पूरी नहीं हो पाएगी. पर अचानक कुछ ऐसा हो जाता है कि आप दोनों अलग हो जाते हैं और यह तय कर लेते हैं कि अब आप कभी एक-दूसरे का चेहरा तक नहीं देखेंगे.
लेकिन वक्त की दवा आपके मन की कड़वाहट को कम कर देती है और आपको लगने लगता है कि कहीं न कहीं रिश्ते को संभालने में आपसे भी चूक हो गई.
1. क्या वाकई इतनी इस सवाल का जवाब दिल और दिमाग दोनों से दें.
2. इतने वक्त बाद आपको अचानक से इस बात का एहसास कैसे हो गया कि आपका पूर्व पार्टनर ही आपका लाइफ पार्टनर बनने की काबिलियत रखता है.
3. कहीं आप बहुत अधिक भावुक होकर तो ये फैसला नहीं ले रहे? या कहीं ऐसा तो नहीं कि आपका अकेलापन आपको यह सोचने पर मजबूर कर रहा है?
4. आपसे बेहतर यह कोई नहीं बता सकता है कि उस रिश्ते में दोबारा पड़ने पर आपको क्या कीमत चुकानी होगी. ऐसे में खुद से झूठ बोलना छोड़ दें और तर्क के आधार पर फैसला लें.
5. क्या आपका पूर्व प्रेमी अब भी आपको अपनाने के लिए तैयार होगा? क्या आप इस बात के लिए आश्वस्त हैं? क्या आपसे दूरी के दौरान उसके जीवन में कोई भी नहीं आया होगा?
6. आपको क्यों लगता है कि अब आप उस रिश्ते को बेहतर तरीके से संभाल लेंगे जबकि कुछ वक्त पहले आप ही उसके साथ बनाए गए रिश्ते को अपनी जिन्दगी की सबसे बड़ी भूल मान रहे थे?