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How To Fix Roof Leakage: बारिश में टपक रही है घर की छत? बिना मिस्त्री बुलाए इन आसान तरीकों से रोकें लीकेज

How To Fix Roof Leakage In Monsoon: बारिश में छत से पानी टपकने और दीवारों में सीलन की समस्या से परेशान हैं? अगर हां और मिस्त्री को बुलाने की सोच रहे हैं, तो रुक जाएं. आज हम आपको छत की लीकेज रोकने के आसान उपाय, वॉटरप्रूफिंग टिप्स और ऐसे घरेलू तरीके जो आपके घर को बारिश में सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं.

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बारिश में टपकती छत से छुटकारा पाने के लिए पेट्रोल और थर्मोकोल के पेस्ट का इस्तेमाल करते हैं. (Photo: ITG)
बारिश में टपकती छत से छुटकारा पाने के लिए पेट्रोल और थर्मोकोल के पेस्ट का इस्तेमाल करते हैं. (Photo: ITG)

How To Fix Roof Leakage In Monsoon: बारिश का मौसम गर्मी से छुटकारा दिलाकर ठंडक और सुकून लेकर आता है. ये मौसम जितना सुहवना लगता है कई बार उतना ही परेशानी भरा भी साबित होता है. बरसात की वजह से ना केवल सड़कों पर पानी भर जाता है, बल्कि मच्छरों और छोटे-छोटे कीड़ों का आतंक भी बढ़ जाता है. इतना ही नहीं बारिश कई घरों के लिए भी मुसीबत बन जाता है. यूं तो अब सभी घर कॉनक्रीट के होते हैं, लेकिन फिर भी कई बार बहुत सी दिक्कतों की वजह से छत से पानी टपकने लगता है.

छत से टपकते पानी की वजह से दीवारों पर सीलन आने लगती है और घर में बदबू फैलने लगती है. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो घर की दीवारें कमजोर हो सकती हैं और फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खराब होने का खतरा रहता है. अगर आपके घर में भी कहीं से पानी टपक रहा है और आप कीसी मिस्त्री को बुलाकर उसे ठीक कराने की सोच रहे हैं, तो रुक जाएं. कुछ आसान उपाय अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है. चलिए जानते हैं आप कैसे घर की टपकती छत को आसानी से बिना मिस्त्री बुलाए और बिना पैसे खर्च किए ठीक कर सकते हैं.

पेट्रोल और थर्मोकोल की मदद से करें अस्थायी उपाय: अगर छत से पानी रिस रहा है और तुरंत आप इसका कोई इलाज करना चाहते हैं, तो पेट्रोल और थर्मोकोल का मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए थर्मोकोल को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर थोड़ा-सा पेट्रोल मिलाया जाता है, जिससे गाढ़ा पेस्ट बन जाता है. इस पेस्ट को लीकेज वाली जगह पर लगाया जाता है.

बारिश शुरू होने से पहले करवाएं वॉटरप्रूफ कोटिंग: अगर हर साल बारिश में दीवारों पर सीलन या पानी आने की समस्या होती है, तो कोई अस्थायी जुगाड़ काफी नहीं होगा. घर की बाहरी दीवारों पर समय-समय पर वॉटरप्रूफ कोटिंग या वॉटरप्रूफ पेंट करवाना बहुत अच्छा ऑप्शन रहेगा. लगभग 4-5 साल में एक बार ये काम कराने से दीवारों में पानी घुसने की संभावना काफी कम हो जाती है.

दीवारों की दरारों को नजरअंदाज न करें: अक्सर छोटी-छोटी दरारें ही बड़ी लीकेज की वजह बन जाती हैं. खासकर खिड़कियों और दरवाजों के आसपास बनी दरारों में बारिश का पानी आसानी से अंदर चला जाता है. ऐसी जगहों पर क्रैक-फिल पुट्टी लगाकर दरारों को अच्छी तरह बंद कर देना चाहिए, ताकि नमी अंदर न पहुंच सके.

छोटी दरारों को सीमेंट से करें रिपेयर: अगर दीवार या छत में हल्की-हल्की दरारें हैं, तो उन्हें सीमेंट से अच्छी तरह भर दें. सीमेंट पूरी तरह सूखने के बाद उस पर पेंट कर दें. इससे पानी का रिसाव काफी हद तक रुक सकता है और दीवार भी लंबे समय तक सेफ रहती हैं.

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नया घर बनवा रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान
अगर आपका नया घर बना रहा है, तो बाद में कोई जुगाड़ करने से अच्छा है कि आप शुरुआत से ही अच्छी क्वालिटी का वॉटरप्रूफ सीमेंट और वॉटरप्रूफ टाइल्स इस्तेमाल करें. इससे कई सालों बारिश के दौरान लीकेज और सीलन जैसी समस्याएं कम हो जाती हैं. 

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