scorecardresearch
 

How to Make Suran Ki Sabji: छोले-पनीर छोड़ें, दिवाली के दिन बनाएं चटपटी सूरन की सब्जी, मां लक्ष्मी हो जाएंगी खुश, पूड़ी-चावल संग लगेगी टेस्टी

Suran Ki Sabji: दिवाली पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है. लेकिन दिवाली के दिन सूरन की सब्जी बनाने की भी मान्यता होती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जिमीकंद जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. इसलिए इसे घर में धन-धान्य के स्थायित्व और बरकत का रूप मानकर मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है।

Advertisement
X
सूरन की सब्जी (Photo: ITG)
सूरन की सब्जी (Photo: ITG)

Suran Ki Sabji: दीवाली का पावन पर्व आते ही घरों में तरह-तरह के पकवान बनने लगते हैं. लेकिन देश के कई इलाकों खासकर उत्तर भारत में दिवाली के दिन सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी बनाने की खास परंपरा है. ज्योतिषीय मान्यताओं और पारंपरिक संस्कृति के अनुसार, दिवाली पर सूरन की सब्जी खाना बहुत शुभ माना जाता है.

दिवाली पर क्यों है सूरन की सब्जी का महत्व

1-ऐसा विश्वास है कि दीपावली के दिन सूरन की सब्जी खाने से घर में सुख-समृद्धि और स्थायित्व आता है. क्योंकि सूरन जमीन के नीचे उगता है और इसका विकास बहुत मजबूत होता है.

2-सूरन एक ऐसी जड़ वाली सब्जी है जिसे अगर जमीन से काट लिया जाए या इसका कुछ हिस्सा मिट्टी में रह जाए, तो भी वो अनुकूल परिस्थितियों में दोबारा उग आती है. इसे इस बात का प्रतीक माना जाता है कि जिस तरह सूरन फिर से विकसित होता है, उसी प्रकार परिवार में धन, संपदा और वंश की वृद्धि लगातार होती रहे.

3-जिमीकंद जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. इसलिए इसे घर में धन-धान्य के स्थायित्व और बरकत का रूप मानकर मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है.

Advertisement

4-उत्तर भारत (विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार) के कई समाजों में यह माना जाता है कि अकाल या संकट के समय इस कंद ने लोगों की जीवनरक्षा की थी. तभी से इसे प्रकृति का वरदान मानकर दीपावली के शुभ अवसर पर बनाया और खाया जाता है.

हालांकि, अगर सूरन की सब्जी ठीक से नहीं बनाई जाए तो इससे गले में खुजली होने की शिकायत रहती है. अगर आप इस दिवाली सही ट्रिक के साथ इसे बनाएंगी तो न सिर्फ गले में खुजली होगी बल्कि यह इतनी स्वादिष्ट बनेगी कि सब उंगलियां चाटते रह जाएंगे. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और बनाने की आसान विधि...

आवश्यक सामग्री:

सूरन (जिमीकंद): 500 ग्राम (छीलकर छोटे टुकड़ों में कटा हुआ)

प्याज और टमाटर का पेस्ट: 1-1 कप

अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच

दही: 2-3 बड़े चम्मच (ग्रेवी को रिच बनाने के लिए)

इमली का गूढ़ा या नींबू का रस: 1-2 चम्मच (खुजली खत्म करने और खट्टा-मीठा स्वाद देने के लिए)

खड़े मसाले और बेसिक मसाले (हल्दी, धनिया, गरम मसाला, लाल मिर्च, कश्मीरी लाल मिर्च)

सरसों का तेल या घी: पकाने के लिए

खुजली रोकने के लिए अपनाएं ये ट्रिक्स

हाथों में तेल लगाएं: सूरन को काटने से पहले अपने हाथों पर थोड़ा सा सरसों का तेल या नींबू का रस लगा लें, इससे हाथों में खुजली नहीं होगी.

Advertisement

इमली या नींबू का इस्तेमाल: सूरन में कैल्शियम ऑक्सालेट होता है जो खुजली का कारण बनता है. इसे पकाने से पहले टुकड़ों को नींबू के पानी या इमली के गूढ़े के साथ उबाल लें या तल लें, जिससे खुजली पूरी तरह खत्म हो जाती है.

बनाने की विधि:

सूरन उबालें या तलें: सूरन के टुकड़ों को छीलकर धो लें. कुकर में थोड़ा पानी, नमक और नींबू का रस/इमली का पल्प डालकर सूरन को एक सीटी आने तक उबाल लें (या मध्यम आंच पर हल्का सुनहरा होने तक डीप फ्राई कर लें).

मसाला तैयार करें: एक कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा, तेजपत्ता और हींग का तड़का लगाएं. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट और प्याज का पेस्ट डालकर सुनहरा होने तक भूनें.

टमाटर और मसाले मिलाएं: अब टमाटर का पेस्ट डालें. साथ ही हल्दी, धनिया पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च और नमक डालकर मसालों को तब तक भूनें जब तक वे तेल न छोड़ दें.

दही मिलाएं: गैस की आंच धीमी करके इसमें फेंटी हुई दही मिलाएं और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं.

सूरन मिलाएं: अब उबले या तले हुए सूरन के टुकड़े मसाले में डालें और हल्के हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि मसाला अंदर तक समा जाए.

Advertisement

ग्रेवी पकाएं: आवश्यकतानुसार पानी डालकर ढक दें और 5-7 मिनट तक मध्यम आंच पर पकने दें. अंत में गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.

आपकी बेहद स्वादिष्ट, पौष्टिक और पारंपरिक सूरन की सब्जी तैयार है! इसे गरमा-गरम पूरी या पराठों के साथ दीवाली के खास मौके पर परोसें.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement