How to make room cool: दिल्ली-NCR समेत भारत के ज्यादातर राज्यों को पिछले एक हफ्ते में मौसम ने काफी राहत दी हुई थी. लेकिन अब एक बार फिर पारा बढ़ने लगा है. गर्मियों के मौसम में दोपहर की तेज धूप जब सीधे मकान की दीवारों पर पड़ती है तो कंक्रीट और ईंटें आग की तरह तपने लगती हैं. ये गर्मी घर के अंदर ट्रांसफर होती है जिससे घर भट्ठी की तरह तपने लगता है और एसी-कूलर चलाने पर भी कूलिंग नहीं हो पाती.
अगर आप भी इस दिक्कत से जूझ रहे हैं तो आपको बता दें कि कुछ आसानऔर स्मार्ट ट्रिक्स के जरिए आप अपने घर की दीवारों को भट्टी की तरह तपने से बचा सकते है.
दिन में दीवारों को कवर रखें
दोपहर के वक्त धूप दीवारों को तवे की तरह गर्म कर देती है इसलिए तपती दीवारों और खिड़कियों को ढकने के लिए बाहर की तरफ चिक यानी बांस के पर्दे लटका दें. ये सूरज की तेज किरणों को रोककर कमरे को ठंडा रखते हैं. साथ ही बांस के बीच के छोटे छेद से ताजी हवा अंदर आती रहती है.
बालकनी में भी पर्दे लटकाएं
दीवारों के साथ ही धूप को अंदर आने से रोकने के लिए बालकनी पर भी चिक लगाएं. इसके अलावा आप चाहें तो दीवार और बालकनी में 75% वाली ग्रीन नेट का भी यूज कर सकते हैं. यह बेहद मददगार और सस्ता शेड है जो दीवारों को सीधे तपने से बचाता है.
सुबह-शाम दीवारों पर पानी छिड़कें
सूरज ढलने के बाद करीब शाम 6-7 बजे के करीब घर की बाहरी दीवारों और ठंडा पानी छिड़कें. इससे कंक्रीट में फंसी हुई हीट इवैपोरेट होकर तुरंत बाहर निकल जाएगी और रात में कमरा जल्दी ठंडा होगा.
घर में पौधे लगाएं
घर को ठंडा रखने और घर की हवा को फ्रेश रखने के लिए दीवार के आसपास हरे-भरे पौधे लगाएं. मनी प्लांट और बोगनवेलिया जैसे पौधे सूरज की सीधी रोशनी को दीवार तक पहुंचने से रोकते हैं और घर को ठंडा रखते हैं.
दीवारों पर पेंट भी करवा सकते हैं
इसके अलावा आप चाहें तो घर के बाहर की दीवारों और छत पर सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट करवा सकते हैं.ये पेंट सूरज की तपिश और हीट को रिफ्लेक्ट करता है जिससे दीवारें और छत अंदर से गर्म नहीं होतीं.