गणेशोत्सव के पावन पर्व पर बप्पा को मोदक का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है. लेकिन त्योहारों के सीजन में बाजार में मिलने वाले मोदक में अक्सर मिलावट और पुराने मेवों का डर बना रहता है. इस बार गणेश चतुर्थी पर बाजार के महंगे और पैकेटबंद मोदक खरीदने के बजाय घर में रखे साधारण बेसन से खस्ता और सोंधे-सोंधे मावा मोदक बनाएं. बेसन का सोंधापन और अंदर भरी मावे-मेवे की शाही स्टफिंग इसके स्वाद को इतना बढ़ा देती है कि बप्पा के प्रसाद के रूप में यह हर किसी को बेहद पसंद आएगा.
सामग्री:
बाहरी परत (आउटर कवर) के लिए:
बेसन - 1.5 कप, देसी घी - 1/2 कप, सूजी - 2 बड़े चम्मच, इलायची पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच, पिसी चीनी - 3/4 कप.
स्टफिंग (भराव) के लिए:
मावा (खोया) - 1/2 कप, कद्दूकस किया नारियल - 2 बड़े चम्मच, काजू-बादाम (बारीक कटे) - 2 बड़े चम्मच, चिरौंजी - 1 छोटा चम्मच, जायफल व इलायची पाउडर - चुटकी भर, पिसी चीनी - 2 बड़े चम्मच.
बनाने का तरीका
एक पैन में मावा डालकर धीमी आंच पर 2-3 मिनट हल्का गुलाबी होने तक भून लें. अब इसमें कटे हुए काजू, बादाम, चिरौंजी, कद्दूकस किया नारियल, जायफल और इलायची पाउडर मिलाकर गैस बंद कर दें. मिश्रण के हल्का गुनगुना होने पर इसमें 2 बड़े चम्मच पिसी चीनी मिलाकर एक तरफ रख दें.
एक भारी तले की कढ़ाई में देसी घी गरम करें. इसमें 2 बड़े चम्मच सूजी और 1.5 कप बेसन डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. 8-10 मिनट में बेसन से सोंधी खुशबू आने लगेगी और रंग हल्का सुनहरा हो जाएगा.
बेसन भुन जाने के बाद गैस बंद करें और उसे हल्का ठंडा होने दें. जब बेसन हाथ लगाने लायक गुनगुना हो जाए, तब इसमें पिसी चीनी और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिला लें.
मोदक के सांचे (मोल्ड) में हल्का सा घी लगाएं. सांचे में दोनों तरफ बेसन का मिश्रण दबाकर भरें और बीच में थोड़ी जगह (कैविटी) बनाएं.
अब बीच की खाली जगह में तैयार मावा-मेवे की स्टफिंग भरें और ऊपर से थोड़ा बेसन का मिश्रण लगाकर सांचे को नीचे से बंद कर दें.
सांचा खोलें, आपका एकदम सुंदर, खस्ता और सोंधा बेसन मावा मोदक तैयार है. इसी तरह सारे मोदक बनाकर बप्पा को श्रद्धा से अर्पित करें.