शादी हो, डिनर पार्टी हो या फिर किसी दोस्त-रिश्तेदार के घर कुछ दिनों के लिए ठहरना... मेहमान बनकर जाना सुनने में जितना आसान लगता है, उतना होता नहीं. क्योंकि मेहमान की कुछ ऐसी छोटी-छोटी आदतें भी होती हैं, जो उसे तो बिल्कुल नॉर्मल लगती हैं, लेकिन घर के होस्ट को अंदर ही अंदर परेशान कर सकती हैं. कई बार सामने वाला मुस्कुराकर कुछ नहीं कहता, लेकिन मन ही मन सोचता जरूर है- 'भाई, अब बस भी करो!'
कहावत है, 'मान ना मान, मैं तेरा मेहमान', लेकिन अगर सच में किसी के घर मेहमान बनकर जा रहे हैं तो थोड़ा मेहमानों वाला सलीका भी जरूरी है. खासकर तब, जब आप नहीं चाहते कि आपकी छोटी सी आदत की वजह से सामने वाला अगली बार आपको बुलाने से पहले दो बार सोचे. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ ऐसी ही 6 आदतें हैं जो देखने में मामूली लगती हैं, लेकिन जिनके घर आप मेहमान बनकर गए हैं उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं. चलिए जानते हैं इन आदतों के बारे में.
1. घर घूमने की इच्छा जताना: किसी का घर आपको खूबसूरत लगे तो तारीफ करने में कोई हर्ज नहीं है. लेकिन अगर आप अक्सर किसी के घर जाकर उसका पूरा घर देखने की बात करते हैं, तो सामने वाले को दिक्कत हो सकती है. जी हां, ये कहना कि 'वाह, घर तो बहुत अच्छा है, बाकी कमरे भी दिखाइए ना' जैसी बात कहकर खुद घर का टूर मांगना होस्ट को असहज कर सकता है.
हो सकता है घर का कोई कमरा अच्छे से सजाया हुआ या व्यवस्थित न हो या डिनर पार्टी के बीच होस्ट के पास आपको पूरा घर घुमाने का समय ही न हो. इसलिए घर की तारीफ करें, लेकिन उसे पूरा घूमने की बात न करें. अगर होस्ट खुद घर दिखाना चाहेगा तो जरूर बताएगा.
2. बिना कहे मदद करने लगना: अगर आप किसी के घर गए हैं और वो रसोई में काम कर रहे हैं तो एक बार 'मैं कुछ मदद कर दूं?' पूछना अच्छी बात है. लेकिन बिना पूछे रसोई में जाकर प्लेट उठाना, सामान इधर-उधर करना या अपने हिसाब से चीजें करने लगना होस्ट को परेशान कर सकता है.
भले ही आपका इरादा मदद करने का हो, लेकिन सामने वाले को लग सकता है कि आप उसके काम करने के तरीके में दखल दे रहे हैं. इसलिए एक बार मदद के लिए जरूर पूछें, लेकिन अगर सामने वाला मना कर दे तो उसकी बात मानें और उसे अपने तरीके से काम करने दें.
3. अपने आने-जाने का प्लान न बताना: अगर आप किसी के घर रात रुकने वाले हैं तो अपने आने-जाने का समय पहले से बताना जरूरी है. सुबह कितने बजे निकलेंगे, दिन में बाहर जाएंगे या नहीं, डिनर करेंगे या नहीं... ऐसी छोटी-छोटी जानकारी होस्ट के लिए काफी काम की होती है.
बिना बताए देर से लौटना या अचानक अपना प्लान बदल देना होस्ट के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. खासकर अगर उसे आपके लिए खाना या कोई और इंतजाम करना हो. इसलिए अपनी टाइमिंग को लेकर पहले से ही सब क्लियर कर देना सही रहता है.
4. अचानक बिना बताए किसी को साथ ले आना: अगर आप किसी के घर जा रहे हैं और अपने किसी दोस्त को भी साथ ले जाएं, तो अच्छी बात नहीं होती है. आपको लगा कि एक दोस्त या पार्टनर को साथ ले जाने में क्या बड़ी बात है? लेकिन होस्ट के लिए ये छोटी बात नहीं होती. उसने घर में आने वाले मेहमान के हिसाब से खाना और बाकी इंतजाम किए हो सकते हैं.
5. जो चीज सामने न रखी हो, उसकी डिमांड करना: मान लीजिए होस्ट ने खाना-पीना अपनी पसंद से तैयार किया है और आपने उसमें मौजूद चीजों को एंजॉय करने के बजाय अलग से कोई ड्रिंक, खाना या दूसरी चीज मांगनी शुरू कर दी. ये होस्ट के लिए परेशानी का सबब बन सकता है.
उसे लग सकता है कि अब उसे दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी. साफ शब्दों में कहें तो आपके कुछ भी मांगने से उसका काम बढ़ सकता है. अगर आपको किसी खास चीज की जरूरत है, खासकर डाइट से जुड़ी कोई जरूरत है, तो पहले से बता देना सही रहता है. वरना जो प्यार से सामने परोसा गया है, उसी को एंजॉय करना चाहिए.
6. जाने का समय हो जाने के बाद भी बैठे रहना: पार्टी खत्म हो चुकी है, बाकी लोग धीरे-धीरे निकल रहे हैं, होस्ट सामान समेटने लगा है और फिर भी आप जाने का नाम नहीं ले रहे... तो आपको थोड़ा हिंट समझ लेना चाहिए. जिसके घर आप गए हैं, वो सीधे ये नहीं कहेगा कि 'अब आप जाइए', लेकिन म्यूजिक बंद होना, टेबल साफ होना, चीजें समेटना या होस्ट का थका हुआ नजर आना इस बात का इशारा हो सकता है कि अब शाम जाने का वक्त है.
अच्छा मेहमान वही है जो सही समय पर समझ जाए कि अब चलना चाहिए. इससे आपकी मेजबान के साथ अच्छी बॉन्डिंग भी बनी रहती है और अगली बार बुलाए जाने के चांस भी बढ़ जाते हैं.