दिवाली पर घर को लोग खूब सजाते हैं और रोशनी से जगमगा देते हैं और घरों में खूब पकवान बनाए जाते हैं. दिवाली को दीपों का पर्व भी कहा जाता है. इस दिन घर-आंगन को रोशन करने के लिए लोग बाजार से मिट्टी के दीये खरीदकर लाते हैं. कोई इन्हें घर के मंदिर में सजाता है, तो कोई बालकनी, छत और दरवाजे पर रखकर घर को जगमगाता है. लेकिन कई बार दीये जलाने के कुछ ही देर बाद उनका तेल खत्म हो जाता है और वे बुझने लगते हैं.
ऐसे में बार-बार तेल डालना पड़ता है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इस बार दीये जलाने से पहले एक छोटा-सा काम जरूर कर लें. इससे तेल की बर्बादी कम करने में मदद मिल सकती है.
मिट्टी के दीये जब आप बाजार से खरीदकर लाते हैं तो उनको जलाने से पहले कुछ समय के लिए पानी मे डुबोकर रख दें. आमतौर पर घरों में दीयों को पानी में डुबोकर रखने के बाद ही सुखाकर जलाया जाता है, आइए जानते हैं कि ऐसा करने से क्या होता है और ऐसा करने के लिए दादी-नानी क्यों कहती थीं.
दीये जलाने से पहले पानी में क्यों डुबोते हैं?
मिट्टी के नए दीये देखने में भले ही मजबूत लगते हों, लेकिन उनकी सतह पर छोटे-छोटे छिद्र होते हैं. मिट्टी पकने के बाद भी इनमें कुछ छिद्र रह जाते हैं. मिट्टी पकने के बाद भी ये छेद बने रहते हैं. जब आप बिल्कुल सूखे दीये में तेल या घी डालते हैं, तो मिट्टी उसे भी सोखने लगती है. ऐसे में बाती के लिए तेल कम बचता है और दीया जल्दी बुझ सकता है.
इससे बचने के लिए दीये जलाने से पहले उन्हें कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रखने की सलाह दी जाती है. ऐसा करने से मिट्टी के छोटे छिद्रों में पानी भर जाता है और तेल के सोखे जाने की मात्रा कम हो सकती है. इससे दीये में डाला गया तेल बाती तक पहुंचने में मदद करता है और उसकी बर्बादी कम होती है.
कितनी देर तक पानी में भिगोकर रखें दीये?
अगर आप इस दिवाली नए मिट्टी के दीये खरीदकर लाए हैं, तो उन्हें सीधे जलाने की बजाय पहले पानी में भिगो दें. इसके लिए एक बड़ी बाल्टी या टब में साफ पानी भरें और सभी दीयों को पूरी तरह डुबो दें. नए दीयों को कुछ घंटों के लिए पानी में डुबोकर रखें. इसके बाद उन्हें बाहर निकालकर कपड़े से पोंछ लें और अच्छी तरह हवा में सूखने दें.
इसके बाद दीयों को पानी से निकाल लें और किसी सूखे कपड़े से बाहर का पानी पोंछ दें. दीयों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह हवा में सूखने दें. ध्यान रखें कि दीये के अंदर पानी जमा न रहे. उनमें तेल या घी डालने से पहले उनका अंदरूनी हिस्सा सूखा होना चाहिए.
क्या पानी में भिगोने से दीये ज्यादा देर तक जलते हैं?
इस तरीके से मिट्टी द्वारा तेल सोखने की मात्रा कम हो सकती है. हालांकि, इससे दीये कितनी देर तक जलेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है. सूखी मिट्टी तेल सोख सकती है, जबकि पहले से पानी सोख चुके दीये में तेल का कम लगता है. इससे बाती को तेल मिलने में मदद मिलती है. हालांकि, दीये कितनी देर तक जलेंगे, यह उनमें डाले गए तेल की मात्रा, बाती के आकार और उसकी स्थिति पर भी निर्भर करता है. इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर दीया पानी में भिगोने के बाद पूरी रात जले.
दिवाली के दीयों को लंबे समय तक जलाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
दीये के आकार के हिसाब से बाती चुनें, बहुत मोटी बाती तेल जल्दी खत्म कर सकती है. बाती का एक सिरा तेल या घी में डूबा होना चाहिए और दूसरा सिरा जलाने के लिए बाहर रहना चाहिए.
तेज हवा में दीये की लौ बार-बार हिलती है और बाती जल्दी जल सकती है. इसलिए दीये ऐसी जगह रखें जहां सीधी हवा न लगे.
दीये को हमेशा समतल जगह पर रखें, ताकि तेल एक तरफ जमा न हो और बाती को आसानी से तेल मिलता रहे.