Hari Mirch Ka Pani Wala Rajasthani Achar: भारतीय खाने में कई ऐसी चीजें होती हैं, जो किसी भी चीज के स्वाद को दोगुना कर सकती हैं. इनमें तरह-तरह के रायतों से लेकर अचार तक का नाम शामिल है. अचार ना केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि उसे चटपटा भी बनाता है. लेकिन अचार का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में बहुत सारा तेल आता है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे किसी अचार के बारे में सुना जो तेल में नहीं, बल्कि पानी में डाला जाता हो? अगर नहीं तो राजस्थान का मशहूर पानी वाली हरी मिर्च का अचार आपको चौंका सकता है.
इस अचार में एक बूंद तेल की भी जरूरत ही नहीं पड़ती. इसे पानी वाला मिर्च का अचार या मिर्ची की कांजी कहा जाता है. हरी मिर्च, कुछ मसाले और पानी से बनने वाला ये अचार स्वाद में खट्टा, तीखा और बेहद चटपटा होता है. चलिए जानते हैं राजस्थान के इस अचार के बारे में जो बिना तेल के भी इतना जबरदस्त बनता है कि रोटी से लेकर चावल तक का स्वाद बढ़ा देता है.
क्या है पानी वाला मिर्च का अचार?
ये राजस्थान में बनाया जाने वाला एक ट्रेडिसनल अचार है, जिसे कुछ जगहों पर मिर्ची की कांजी भी कहा जाता है. आम अचारों की तरह इसमें तेल मेन इंग्रेडिएंट नहीं होता. हरी मिर्च में राई, सौंफ, मेथी और जीरे जैसे मसालों का स्वाद भरा जाता है और फिर इसे पानी के साथ रखा जाता है. कुछ लोग इसमें खट्टापन बढ़ाने के लिए सिरका भी डालते हैं. कुछ दिनों में मिर्च का स्वाद खट्टा-तीखा और मसालेदार हो जाता है. अगर आपको बहुत ज्यादा तेल वाला अचार पसंद नहीं है, तो ये तरीका जरूर ट्राई कर सकते हैं.
पानी वाला मिर्च का अचार बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
नोट: ऐसी मिर्च लें जो ताजी और अच्छी हालत में हो. बहुत ज्यादा नरम, काली पड़ी या खराब मिर्च इस्तेमाल न करें.
कैसे बनाएं राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार?
1. हरी मिर्च को पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद उसे साफ कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें. अचार बनाते समय मिर्च पर पानी की नमी नहीं रहनी चाहिए.
2. एक बर्तन में पानी गर्म करें. पानी में उबाल आने लगे तो उसमें हरी मिर्च डालें और गैस बंद कर दें. बर्तन को करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे मिर्च थोड़ी सॉफ्ट हो जाएगी, लेकिन पूरी तरह गलनी नहीं चाहिए.
3. अब राई, सौंफ, मेथी दाना और भुने हुए जीरे को दरदरा पीस लें. इसमें हल्दी, हींग और स्वाद के मुताबिक नमक मिला दें. इस मसाले को अच्छी तरह मिक्स कर लें.
4. मिर्च को पानी से निकालकर ठंडा होने दें. अब हर मिर्च में लंबाई की तरफ हल्का चीरा लगाएं. ध्यान रखें कि मिर्च पूरी तरह दो हिस्सों में अलग न हो. अब तैयार मसाले को एक-एक करके मिर्च के अंदर भर दें.
5. एक साफ और सूखा कांच का जार लें और उसमें मसाला भरी सभी मिर्च रख दें. जिस पानी में मिर्च को हल्का गर्म किया था, उसे पहले पूरी तरह ठंडा कर लें. इसके बाद इतना पानी जार में डालें कि मिर्च उसमें अच्छी तरह डूब जाएं. अब करीब 2 चम्मच सफेद सिरका डालकर हल्के हाथ से मिला दें.
6. जार को तुरंत पूरी तरह बंद करने के बजाय साफ सूती कपड़े से ढककर रखें. इसे 3 से 4 दिन के लिए साफ जगह पर रखा जा सकता है. इस दौरान मिर्च धीरे-धीरे मसालों और खट्टेपन का स्वाद सोखने लगेगी. जब अचार का स्वाद आपको पसंद आने लगे, तो इसे फ्रिज में रख दें.
अचार बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अचार में तेल प्रिजर्वेटिव का काम करता है. अब इस मिर्च वाले अचार में तेल का इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. जार बिल्कुल साफ और सूखा होना चाहिए. अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. जार में गंदा पानी या अतिरिक्त नमी जाने से अचार जल्दी खराब हो सकता है.
अचार में अगर फफूंदी दिखाई दे, खराब या अजीब सी महक आए या रंग और बनावट में कोई बदलाव नजर आए, तो उसे खाने से बचें. तैयार अचार को फ्रिज में रखना ज्यादा सही रहता है.
दाल-चावल से लेकर पराठे तक, हर खाने के साथ जमता है स्वाद
इस खट्टे-तीखे अचार को आप दाल-चावल, पराठे, पूरी या राजस्थानी थाली के साथ परोस सकते हैं. इसका मसालेदार पानी भी कई लोगों को पसंद आता है. खासकर जब खाना थोड़ा सादा हो, तो ये अचार उसमें चटपटा स्वाद जोड़ देता है.