How To Make Kheer At Home: शरद पूर्णिमा का धार्मिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष महत्व है. इस बार शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर को है. माना जाता है कि इस रात चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है इसलिए पारंपरिक रूप से रात भर खुले आसमान के नीचे खीर रखकर सुबह प्रसाद के रूप में खाई जाती है. लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर खीर बनाते वक्त दूध और चावल अलग-अलग रहते हैं या वह रबड़ी जैसी मलाईदार नहीं बन पाती.
अगर आप इस शरद पूर्णिमा पर बिना मावा या कंडेंस्ड मिल्क के भी एकदम गाढ़ी, मलाईदार और सोंधी खीर बनाना चाहती हैं, तो दादी-नानी के बताए कुछ छोटे-छोटे कुकिंग सीक्रेट्स अपनाएं. आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा के लिए अमृत जैसी खीर बनाने की सबसे आसान और अचूक विधि.
सामग्री:
1 लीटर फुल क्रीम दूध
1/4 कप छोटे दाने वाले चावल (जैसे गोविंदोभोग या बासमती टुकड़ा)
1/2 कप चीनी (स्वादानुसार)
8-10 केसर के धागे (2 चम्मच गर्म दूध में भीगे हुए)
1/2 छोटा चम्मच हरी इलायची पाउडर
1 बड़ा चम्मच देशी घी
बारीक कटे मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता और चिरौंजी)
बनाने का तरीका
चावल को धोकर 20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. इसके बाद पानी निकालकर चावल को हाथ से हल्का सा क्रश (दरदरा तोड़) लें. अब एक कड़ाही में 1 चम्मच देसी घी गर्म करके इन चावलों को 1 मिनट के लिए हल्का सा भून लें. (घी में भूनने से खीर में सोंधापन आता है और चावल कड़ाही के तले में चिपकते नहीं हैं).
एक भारी तले वाले पतीले या कड़ाही में थोड़ा सा पानी छिड़कें (इससे दूध नीचे नहीं लगता) और फुल क्रीम दूध डालकर तेज आंच पर उबाल आने दें.
दूध में उबाल आने के बाद भुने हुए चावल डालें. गैस की आंच मद्धम कर दें और खीर को बीच-बीच में चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक कि चावल पूरी तरह गल न जाएं और दूध आधा न रह जाए.
जब चावल अच्छी तरह पक जाएं, तो कड़ाही के किनारों पर जमी मलाई को खुरचकर दूध में मिलाते जाएं. थोड़ा सा चावल और दूध कलछी में लेकर कड़ाही के किनारे पर हल्का सा मैश कर दें, इससे खीर में रबड़ी जैसा गाढ़ापन आता है.
जब खीर गाढ़ी हो जाए, तब इसमें चीनी, भीगा हुआ केसर, इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे मिलाएं. (ध्यान रखें, चीनी हमेशा चावल पकने के बाद ही डालें, वरना चावल कच्चे रह जाते हैं).
चीनी घुलने के बाद 3-4 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं और गैस बंद कर दें. तैयार है आपकी शरद पूर्णिमा की बेहद मलाईदार और टेस्टी खीर! इसे कटोरी में निकालकर चांदी के बर्तन या साफ बर्तन में ढककर रात भर चांदनी रात में रखें.