देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामलों, जिनमें NEET से जुड़े मामले भी शामिल हैं, की त्वरित सुनवाई और शीघ्र निस्तारण के लिए महाराष्ट्र के नागपुर और औरंगाबाद में दो विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन किया है.
हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश के अनुसार, औरंगाबाद में एस. वी. पवार, जो वर्तमान में 10वें संयुक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) हैं, को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वहीं नागपुर में गुलशन कोल्टे, जो 7वें संयुक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं ACJM हैं, को विशेष अदालत का प्रभार दिया गया है. इन दोनों अदालतों का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाना और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है.
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर डाला है. ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने की मांग लगातार उठ रही थी. आपको बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए देशभर में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने और दोषियों को जल्द एवं कड़ी सजा दिलाने की बात कही थी.
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बॉम्बे हाईकोर्ट का यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक पहल माना जा रहा है. विशेष अदालतों के गठन से उम्मीद जताई जा रही है कि पेपर लीक मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी, दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को मजबूत करने में मदद मिलेगी.