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कर्नाटक में सरकारी कार्यक्रमों में गाए जाएंगे वंदे मातरम् के सिर्फ दो स्टैंजा, कांग्रेस सरकार का फैसला

कर्नाटक सरकार ने राज्य के सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सिर्फ पहले दो अंतरे गाने का आदेश दिया है. हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में इसके सभी छह स्टैंजा गाए जाएंगे. यह फैसला केंद्र के सभी छह स्टैंजा गाने के दिशा-निर्देशों के बीच आया है.

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कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार ने निर्देश जारी किए हैं (File Photo-ITG)
कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार ने निर्देश जारी किए हैं (File Photo-ITG)

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राज्य के सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर नया आदेश जारी किया है. इसके तहत राज्य सरकार के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सिर्फ पहले दो स्टैंजा गाए जाएंगे. हालांकि, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सभी छह स्टैंजा गाए जाएंगे.

राज्य सरकार का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् के सभी छह स्टैंजा गाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. कर्नाटक सरकार ने कहा है कि राज्य में होने वाले अलग-अलग सरकारी कार्यक्रमों की प्रकृति को देखते हुए राष्ट्रगीत के गायन और वादन में एकरूपता, गरिमा और उचित प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है.

राज्य सरकार के आदेश की प्रस्तावना में कहा गया है कि वंदे मातरम् ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रवाद, एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

राष्ट्रपति और PM के कार्यक्रम में सभी छह स्टैंजा

आदेश के मुताबिक, कर्नाटक सरकार की ओर से आयोजित सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पहले दो स्टैंजा ही गाए जाएंगे. वहीं, जिन कार्यक्रमों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल शामिल होंगे, वहां राष्ट्रगीत के सभी छह स्टैंजा गाए जाएंगे.

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राज्य सरकार ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के आधिकारिक संस्करण और विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसे गाने या बजाने के प्रोटोकॉल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन्हीं दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए राज्य में कार्यक्रमों के लिए नियम तय किए गए हैं.

केंद्र के निर्देश के बाद कर्नाटक का फैसला

केंद्र सरकार ने जनवरी में निर्देश दिया था कि जब वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन दोनों का गायन या वादन हो, तो राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम् के सभी छह स्टैंजा प्रस्तुत किए जाएं. यह निर्देश वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर जारी किया गया था.

वहीं, कांग्रेस कार्यसमिति ने 19 अगस्त को फैसला लिया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में 1937 के अपने प्रस्ताव का पालन किया जाएगा. इस प्रस्ताव के तहत कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सिर्फ दो स्टैंजा गाए जाते हैं.

इस मुद्दे पर बीजेपी कांग्रेस पर वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को नहीं गाने को लेकर निशाना साधती रही है. बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर राष्ट्रगीत का अपमान करने का आरोप भी लगाया था. 

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