घर में ओवन या माइक्रोवेव में कुछ पक रहा हो, तो हम अक्सर उसके कांच से झांककर देखते हैं कि खाना तैयार हुआ या नहीं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इसके कांच के किनारों पर छोटे-छोटे काले डॉट्स बने होते हैं? ये डॉट्स सिर्फ डिजाइन के लिए नहीं होते, बल्कि इनके पीछे विज्ञान छिपा है.
ये ओवन के कांच को तेज गर्मी से बचाने, उसकी मजबूती बनाए रखने और दरवाजे को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं. चलिए समझते हैं कि आखिर ये डॉट्स क्यों बनाए जाते हैं और इनका काम क्या है.
कांच पर बने इन छोटे डॉट्स को क्या कहते हैं?
ओवन के दरवाजे के कांच पर बने इन छोटे-छोटे काले निशानों को 'फ्रिट्स' या सिरेमिक फ्रिट पैटर्न कहा जाता है. इन्हें खास तरह की सिरेमिक स्याही से तैयार किया जाता है. इसमें कांच का पाउडर, काले रंग के पिगमेंट और कुछ दूसरे पदार्थ मिलाए जाते हैं.
मैन्युफैक्चरिंग के दौरान इस मिश्रण को कांच की बाहरी परत की अंदर वाली सतह पर प्रिंट किया जाता है. इसके बाद कांच को खास प्रक्रिया से मजबूत बनाया जाता है, जिससे ये डॉट्स उसकी सतह पर स्थायी रूप से चिपक जाते हैं.
अगर आपने ध्यान दिया हो, तो कांच के किनारों पर ये डॉट्स काफी घने और गहरे काले रंग के होते हैं. जैसे-जैसे ये बीच की तरफ आते हैं, इनका आकार छोटा होता जाता है और इनके बीच की दूरी बढ़ने लगती है. ऐसा जानबूझकर किया जाता है, ताकि कांच पर गर्मी का असर धीरे-धीरे बदले.
कांच को टूटने से बचाने में करते हैं मदद
ओवन के अंदर का तापमान काफी ज्यादा हो सकता है. ऐसे में उसके दरवाजे के कांच की अंदरूनी सतह गर्म हो जाती है, जबकि बाहर की सतह का तापमान तुलनात्मक रूप से कम रहता है. कांच के अलग-अलग हिस्सों के तापमान में इतना अंतर होने से उसके भीतर तनाव पैदा हो सकता है. इसी वजह से कांच के टूटने का खतरा बढ़ जाता है.
रीडर्स डाइजेस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लेहाई यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस और इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हिमांशु जैन बताते हैं कि जब किसी पदार्थ के एक हिस्से का तापमान ज्यादा और दूसरे हिस्से का कम होता है, तो गर्म हिस्सा फैलने लगता है, जबकि ठंडा हिस्सा उतना नहीं फैलता. इससे कांच पर दबाव पड़ता है.
ऐसे में काले डॉट्स अहम भूमिका निभाते हैं. ये कांच के अलग-अलग हिस्सों के बीच तापमान में होने वाले अचानक बदलाव को कम करने में मदद करते हैं. खासकर कांच और दरवाजे के मेटल फ्रेम के आसपास ये बदलाव धीरे-धीरे होता है.
इससे कांच के टूटने का खतरा कम करने और उसकी मजबूती बनाए रखने में मदद मिलती है. आसान भाषा में कहें तो ये डॉट्स कांच को गर्मी के अचानक झटके यानी थर्मल शॉक से बचाने में मदद करते हैं.
दरवाजे को ज्यादा सुरक्षित बनाने में भी मददगार
ओवन के दरवाजे का कांच सिर्फ मजबूत होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका बाहरी हिस्सा भी सुरक्षित तापमान पर रहना चाहिए. अगर कांच के कुछ हिस्से बहुत ज्यादा गर्म हो जाएं, तो उन्हें छूने पर जलने का खतरा हो सकता है.
सिरेमिक फ्रिट्स बाहरी कांच पर गर्मी को ज्यादा समान रूप से फैलाने में मदद करते हैं. इससे कुछ खास हिस्सों में जरूरत से ज्यादा गर्मी जमा होने की आशंका कम होती है और दरवाजे के बाहरी हिस्से का तापमान सुरक्षा की तय सीमा में रखने में मदद मिलती है.
इसके अलावा, कांच और दरवाजे के दूसरे हिस्सों के बीच गर्मी का बेहतर प्रबंधन ओवन के अंदर तापमान बनाए रखने में भी मदद कर सकता है. इससे ऊर्जा की खपत कम करने में भी फायदा मिल सकता है.
डॉट्स के पीछे छिपे होते हैं कई जरूरी हिस्से
इन काले डॉट्स का काम सिर्फ कांच को सुरक्षित रखना नहीं है. इनका इस्तेमाल ओवन के दरवाजे के अंदर लगे कुछ हिस्सों को छिपाने के लिए भी किया जाता है.
दरवाजे को जोड़ने में इस्तेमाल होने वाले चिपकाने वाले पदार्थ, सील, स्क्रू और ब्रैकेट जैसे हिस्से इन डॉट्स के पीछे छिप जाते हैं. इससे दरवाजे का बाहरी लुक साफ-सुथरा दिखाई देता है और कांच से अंदर का नजारा भी देखा जा सकता है.
यानी ये छोटे-छोटे काले डॉट्स एक साथ कई काम करते हैं. ये कांच पर पड़ने वाले तापमान के अंतर को कम करने, उसकी मजबूती बनाए रखने, सुरक्षा में मदद करने और दरवाजे के अंदर लगे हिस्सों को छिपाने में अहम भूमिका निभाते हैं.