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प्लेन में एक तरफ लाल और एक तरफ हरी लाइट क्यों होती है?

रात के अंधेरे में उड़ते हवाई जहाज पर लाल, हरी और सफेद लाइट दिखाई देती हैं. ये लाइट सिर्फ विमान को रोशन करने के लिए नहीं होती, बल्कि उसकी दिशा और स्थिति पहचानने में मदद करती हैं. विमान के बाईं ओर लाल, दाईं ओर हरी और पीछे की ओर सफेद पोजीशन लाइट होती है.

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 हवाई जहाज की लाल और हरी लाइट उसकी डायरेक्शन बताती है. ( Photo: ITG)
हवाई जहाज की लाल और हरी लाइट उसकी डायरेक्शन बताती है. ( Photo: ITG)

जब हम रात के समय आसमान में उड़ते हुए हवाई जहाज को देखते हैं, तो उसकी चमकती हुई लाइट्स आसानी से नजर आ जाती हैं. कई बार प्लेन पर लाल, हरी और सफेद रंग की लाइट दिखाई देती हैं. दूर से देखने पर ऐसा लगता है कि ये लाइट्स सिर्फ प्लेन को रोशन करने या खूबसूरती बढ़ाने के लिए लगी हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. इन लाइट्स का प्लेन की सेफ्टी और उसकी दिशा पहचानने में बहुत महत्वपूर्ण काम होता है. इन्हें आम तौर पर नेविगेशन लाइट्स या पोजिशन लाइट्स कहा जाता है. 

हवाई जहाज के दोनों पंखों के सिरों पर अलग-अलग रंग की लाइट लगाई जाती हैं. प्लेन के बाएं हिस्से यानी बाएं पंख की तरफ लाल लाइट होती है, जबकि दाएं हिस्से की तरफ हरी लाइट होती है. यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार तय की गई है, ताकि रात के अंधेरे में भी किसी विमान की दिशा को आसानी से समझा जा सके. इसे आसान उदाहरण से समझिए. अगर कोई पायलट रात में दूर से दूसरे प्लेन को देखता है और उसे लाल और हरी दोनों लाइट एक साथ दिखाई देती हैं, तो इससे उसे अंदाजा हो सकता है कि दूसरी फ्लाइट उसकी तरफ आ रही है. वहीं, केवल एक रंग की लाइट दिखाई देने पर विमान की स्थिति और दिशा के बारे में जानकारी मिल सकती है. इस तरह ये लाइट्स अंधेरे आसमान में प्लेन को डायरेक्शन बताती है.

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फ्लाइट पर सफेद लाइट भी होती है
लाल और हरी लाइट के अलावा प्लेन में सफेद लाइट भी होती है. सफेद पोजीशन लाइट मुख्य रूप से प्लेन के पीछे की दिशा को दिखाने में मदद करती है. इसलिए अगर कोई फ्लाइट को पीछे से देख रहा है, तो उसे सफेद रोशनी दिखाई दे सकती है. हालांकि,  प्लेन में दिखाई देने वाली हर सफेद लाइट पोजीशन लाइट नहीं होती. कुछ सफेद लाइट स्ट्रोब यानी चमकने वाली एंटी-कॉलिजन लाइट भी होती हैं. यही वजह है कि रात में आसमान में उड़ते विमान पर कई बार सफेद रोशनी तेज चमकती हुई दिखाई देती है. यह विमान को दूर से ज्यादा स्पष्ट और दिखाई देने योग्य बनाने में मदद करती है.

इन लाइट्स से टक्कर का खतरा कैसे कम होता है?
आसमान में एक साथ कई प्लेन उड़ते हैं. रात के समय अंधेरे में केवल विमान के आकार को देखकर उसकी दिशा समझना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में अलग-अलग रंगों की लाइट्स दूसरे पायलटों को प्लेन की स्थिति और दिशा समझने में मदद करती हैं. मान लीजिए दो प्लेन एक-दूसरे के आसपास उड़ रहे हैं. अगर पायलट को सामने वाले प्लेन की लाल और हरी लाइट का पैटर्न दिखाई देता है, तो वह उसके रुख का अंदाजा लगा सकता है. इससे दोनों प्लेन के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलती है. इसी तरह जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड स्टाफ के लिए भी विमान की दिशा समझना आसान होता है.

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क्या ये लाइट सिर्फ रात में ही काम करती हैं?
इन लाइट्स का महत्व रात में सबसे ज्यादा दिखाई देता है, क्योंकि अंधेरे में इनकी रोशनी दूर से साफ नजर आती है. लेकिन विमान की लाइटिंग व्यवस्था सिर्फ रात के लिए नहीं होती. विमान में अलग-अलग लाइट्स के अलग-अलग काम होते हैं और उन्हें विमान की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से इस्तेमाल किया जाता है. नेविगेशन या पोजीशन लाइट का काम विमान की दिशा और स्थिति का संकेत देना है. वहीं एंटी-कॉलिजन लाइट का उद्देश्य प्लेन को ज्यादा आसानी से दिखाई देने योग्य बनाना होता है. इसके अलावा लैंडिंग लाइट रनवे के आसपास रोशनी देने और विमान को अधिक स्पष्ट बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है. 

क्या लाल और हरी लाइट ट्रैफिक सिग्नल जैसी हैं?
लाल और हरी लाइट देखकर ऐसा लग सकता है कि विमान में भी सड़क के ट्रैफिक सिग्नल की तरह लाल का मतलब रुकना और हरे का मतलब आगे बढ़ना है. लेकिन ऐसा नहीं है. यहां लाल और हरा रंग रुकने या चलने का संकेत नहीं देता, बल्कि विमान के बाएं और दाएं हिस्से की पहचान बताता है. लाल रंग बाईं ओर और हरा रंग दाईं ओर होने की वजह से दूसरे पायलट को प्लेन की दिशा समझने में मदद मिलती है. 

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आखिर क्यों जरूरी हैं ये लाइट्स?
हवाई जहाज हजारों फीट की ऊंचाई पर तेज गति से उड़ते हैं. ऐसे में रात के समय उनकी स्थिति और दिशा की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है. लाल, हरी और सफेद लाइट्स इसी काम को आसान बनाती हैं. हवाई जहाज की लाल और हरी लाइट उसकी डायरेक्शन बताती है, जबकि सफेद लाइट पीछे की दिशा और विमान की दृश्यता से जुड़ी होती है. इन लाइट्स की मदद से पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और जमीन पर मौजूद कर्मचारी अंधेरे में भी प्लेन  की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं. यही वजह है कि रात के आसमान में दिखाई देने वाली ये छोटी-सी लाइट्स विमान की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. 

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