15 अक्टूबर, 1932 को टाटा ग्रुप ने ही पहली बार भारत में एयर लाइन सर्विस की शुरुआत की. इस पहली एयरलाइन का नाम टाटा एयरलाइंस था. इसी दिन इसने कराची से मुंबई के लिए पहली उड़ान भरी थी. बाद में, इसका नाम बदलकर एयर इंडिया कर दिया गया. साल 1932 में जेआरडी की अगुवाई में टाटा एविएशन सर्विस की शुरुआत हुई. उस समय विमानन क्षेत्र में यूरोपीय कंपनियों का दबदबा था. उसी साल जेआरडी ने कराची के ड्रीग रोड से आसमान में उड़ान भरी.
इस कंपनी का नाम पहले टाटा एयरलाइंस किया गया. बाद में इसका नाम बदलकर एयर इंडिया कर दिया गया. भारत में एविएशन सेक्टर में क्रांति लाने वाले शख्स के रूप में जेआरडी टाटा का अहम योगदान है. इनकी वजह से ही भारत को पहला एयरलाइन सर्विस शुरू करने में मदद मिली. जेआरडी टाटा ने टाटा समूह में करियर की शुरुआत एक एप्रेंटिस के रूप में की थी. जब जेआरडी महज 22 साल के थे, उनके पिता का निधन हो गया. इसके बाद जेआरडी को टाटा ग्रुप में जगह मिली.
जब वह 15 साल के थे, तभी उन्होंने फ्रांस में पहली बार प्लेन उड़ाया था. इस अनुभव ने जेआरडी के मन उड़ान के प्रति लगाव पैदा कर दिया. यही एयर इंडिया की शुरुआत का कारण बना. साल 1929 में जेआरडी टाटा को कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस मिला और इस तरह वह ऐसा लाइसेंस पाने वाले पहले भारतीय बन गए.
साल 1932 में जेआरडी टाटा की अगुवाई में टाटा एविएशन सर्विस की शुरुआत हुई. उस समय विमानन क्षेत्र में यूरोपीय कंपनियों का दबदबा था. उन्होंने पहली उड़ान कराची से भरी थी. बाद में इस कंपनी का नाम पहले टाटा एयरलाइंस किया गया और अंत में इसका नाम भी बदलकर एयर इंडिया कर दिया गया.