जब तक कोई समस्या न आ जाए, तब तक ज्यादातर लोग अपने पानी के टैंक के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं. भीषण गर्मी के बाद प्लास्टिक की टंकी में दरार पड़ जाती है. पानी से हल्की बदबू आने लगती है. आप अंदर झांककर देखते हैं तो दीवारों पर हरे रंग की कई जमी हुई दिखती है. फिर आठ-नौ साल बाद प्लास्टिक टूट जाता है और आपको बिना बजट के नया टैंक खरीदना पड़ता है.
प्लास्टिक के टैंक समय के साथ खराब हो जाते हैं. हर कुछ साल बाद इसे बदलना पड़ता है. अब तक प्लास्टिक की टंकी का विकल्प माना जाने वाला स्टील का टैंक महंगा और प्रीमियम लगता था. अब स्थिति बदल गई है. स्टील की टंकी की कीमतें कम हो गई हैं. इसका रेंज में काफी बढ़ा है. लोग अब लंबे समय के लिए अच्छे सौदे की तलाश में स्टील की टंकी की तरफ भी रुख करने लगे हैं. ऐसे में जानते हैं कि इनकी कीमत क्या होती है? यह कितने तक में आ जाएगी?
स्टील की पानी की टंकी की कीमत उसकी क्षमता (लीटर), स्टील के ग्रेड और मोटाई पर निर्भर करती है. बाजार में इनकी शुरुआती कीमत लगभग 7000 से 12000 रुपये से होती है. जहां तक ग्रेड की बात है तो अच्छे टैंकों में आमतौर पर ग्रेड 304 या 316 का स्टील इस्तेमाल होता है. रसोई के बर्तन, शल्य चिकित्सा उपकरण और फूड प्रोसेसिंग मशीनों में भी इसी ग्रेड के स्टील का इस्तेमाल होता.
500 लीटर की स्टील की टंकी मार्केट में लगभग 8000 से 18 000 रुपये तक में मिल जाती है. वहीं 1000 लीटर की टंकी की कीमत ऑनलाइन और खुले बाजार में 12000 से 38 हजार रुपये तक है. यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली साइज है.
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प्लास्टिक और स्टील की टंकी में तुलना करें, तो शुरुआत में प्लास्टिक की टंकी खरीदना सस्ता लगता है. लेकिन, 5 से 10 साल में इसे बदलना पड़ जाता है. वहीं हमेशा इसकी सफाई जरूरी होती है. क्योंकि, टंकी में हमेशा हरी काई की परत जम जाती है. अगर स्टील की टंकी की बात करें तो यह 25 से 30 साल आराम से चलता है. वहीं यह स्टील ऐसे ग्रेड का होता है कि इस पर काई आसानी से नहीं जमती है. इसलिए लंबे समय के इस्तेमाल के लिए स्टील की टंकी घाटे का सौदा नहीं है.