आपने कभी गौर किया है कि कमरे की लाइट बंद करने के बाद भी एलईडी बल्ब पूरी तरह से अंधेरा नहीं होता? कई बार स्विच बंद करने के बाद भी बल्ब हल्का-हल्का चमकता रहता है. ऐसा लगता है जैसे उसमें अभी भी बिजली आ रही हो. कुछ घरों में तो एलईडी बल्ब बंद होने के बाद भी कुछ सेकंड तक रोशनी देता रहता है. अगर आपके घर में भी ऐसा होता है, तो मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि जब स्विच बंद कर दिया है, तो फिर बल्ब क्यों जल रहा है?
आमतौर पर हम सोचते हैं कि स्विच बंद करने का मतलब बिजली का कनेक्शन पूरी तरह कट जाना है. लेकिन एलईडी बल्ब के मामले में ऐसा हमेशा नहीं होता. कई बार स्विच बंद होने के बाद भी बल्ब तक बहुत कम मात्रा में बिजली पहुंचती रहती है. एलईडी बल्ब इतनी कम बिजली में भी हल्की रोशनी दे सकता है. यही वजह है कि वह पूरी तरह बंद होने के बजाय धीमी रोशनी में चमकता रहता है.
स्विच बंद होने के बाद भी तारों में क्यों रहती है बिजली?
एलईडी बल्ब के हल्का चमकते रहने की एक बड़ी वजह घर की वायरिंग हो सकती है. कई बार बिजली के कनेक्शन में फेज और न्यूट्रल तारों की सही व्यवस्था नहीं होती. आसान भाषा में समझें तो फेज तार से बिजली आती है और न्यूट्रल तार के रास्ते बिजली का सर्किट पूरा होता है. जब स्विच सही तरीके से फेज तार को काटता है, तो बल्ब तक बिजली पहुंचना बंद हो जाता है. लेकिन अगर वायरिंग में गड़बड़ी है और स्विच न्यूट्रल तार को काट रहा है, तो बल्ब के अंदर बिजली का हल्का असर बना रह सकता है. इस वजह से एलइडी बल्ब हल्का चमक सकता है.
एलईडी बल्ब कम बिजली में भी कैसे चमक जाता है?
एलईडी बल्ब और पुराने फिलामेंट वाले बल्ब के काम करने का तरीका अलग होता है. पुराने बल्ब में रोशनी पैदा करने के लिए उसके अंदर लगा तार गर्म होता था. इसके लिए ज्यादा बिजली की जरूरत पड़ती थी. वहीं, एलईडी बल्ब बहुत कम बिजली में भी रोशनी पैदा कर सकता है. उसके अंदर छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स लगे होते हैं, जो बिजली को एलईडी तक पहुंचाते हैं. कई एलईडी बल्बों में एक कैपेसिटर भी होता है, जो थोड़ी देर के लिए बिजली जमा करके रख सकता है. इसी वजह से अगर बल्ब तक बहुत कम बिजली पहुंच रही हो या उसके अंदर पहले से थोड़ी बिजली जमा हो, तो वह हल्का चमक सकता है. हालांकि, हर एलईडी बल्ब में ऐसा एक जैसा नहीं होता.
स्विच में लगी छोटी लाइट भी हो सकती है वजह
कई घरों में ऐसे स्विच लगे होते हैं, जिनमें बंद होने के बाद भी एक छोटी सी लाइट जलती रहती है. इसका मकसद अंधेरे में स्विच को आसानी से ढूंढने में मदद करना होता है. ऐसे स्विच में एक छोटा इंडिकेटर लगा होता है. स्विच बंद होने पर भी इस इंडिकेटर के सर्किट से बहुत कम मात्रा में करंट गुजर सकता है. यह करंट एलईडी बल्ब तक पहुंचता है और उसे हल्का चमकाने के लिए काफी हो सकता है. यही वजह है कि कुछ घरों में एलईडी बल्ब स्विच बंद करने के बाद भी हल्की रोशनी देता रहता है.
क्या बल्ब के अंदर जमा बिजली से भी ऐसा होता है?
हां, कुछ मामलों में इसकी वजह बल्ब के अंदर जमा बिजली भी हो सकती है. एलईडी बल्ब के सर्किट में लगा कैपेसिटर बिजली को थोड़े समय के लिए जमा करके रखता है. जब आप स्विच बंद करते हैं, तो बिजली की सप्लाई कट जाती है, लेकिन कैपेसिटर में जमा थोड़ी बिजली तुरंत खत्म नहीं होती. यह बची हुई बिजली एलईडी को कुछ समय तक रोशनी दे सकती है. इसलिए कई बार स्विच बंद करते ही बल्ब कुछ सेकंड तक चमकता है और फिर धीरे-धीरे बंद हो जाता है.
क्या स्विच बंद होने के बाद एलईडी बल्ब का चमकना खतरनाक है?
हर बार ऐसा होना किसी बड़ी खराबी का संकेत नहीं होता. अगर बल्ब स्विच बंद करने के बाद कुछ सेकंड तक चमकता है और फिर पूरी तरह बंद हो जाता है, तो इसकी वजह बल्ब के अंदर जमा बिजली हो सकती है. लेकिन अगर स्विच बंद रहने के बाद भी बल्ब लगातार हल्का चमकता रहता है, तो इसकी वजह वायरिंग, स्विच या बिजली के कनेक्शन में गड़बड़ी हो सकती है. ऐसी स्थिति में इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बेहतर होगा कि किसी इलेक्ट्रिशियन से घर की वायरिंग और स्विच की जांच करवाएं. खुद से बिजली के तारों या स्विच को खोलकर जांच करने की कोशिश न करें.
एलईडी बल्ब को पूरी तरह बंद करने के लिए क्या करें?
अगर आपके घर में स्विच बंद करने के बाद भी एलईडी बल्ब चमकता रहता है, तो सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि इसकी वजह क्या है. इसके लिए इलेक्ट्रिशियन से फेज और न्यूट्रल वायरिंग की जांच करवा सकते हैं. अगर स्विच में इंडिकेटर लाइट लगी है, तो उसे बदलने या सही तरीके से वायरिंग करने की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा अच्छी क्वालिटी का एलईडी बल्ब इस्तेमाल करना भी बेहतर रहता है.
हालांकि, केवल बल्ब बदलने से हर बार समस्या खत्म नहीं होती, क्योंकि इसकी वजह घर की वायरिंग भी हो सकती है. इसलिए अगली बार जब स्विच बंद करने के बाद एलईडी बल्ब हल्का चमकता दिखे, तो इसे जादू या बिना बिजली के बल्ब जलना न समझें. इसके पीछे बहुत कम मात्रा में पहुंचने वाली बिजली या बल्ब के अंदर जमा बिजली हो सकती है.