एयर होस्टेस की नौकरी जितनी ग्लैमरस दिखती है, उतनी ही जिम्मेदार भी होती है. यात्रियों की सुरक्षा से लेकर उनकी सुविधा तक, हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखना उनकी जिम्मेदारी होती है. इसी वजह से एयरलाइंस अपने केबिन क्रू के लिए कई नियम बनाती हैं. इनमें ड्रेस, मेकअप, हेयरस्टाइल और इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स तक शामिल होते हैं.
अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या एयर होस्टेस परफ्यूम लगा सकती हैं? इस सवाल का जवाब थोड़ा अलग है. कई एयरलाइंस के नियमों में परफ्यूम का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा होता, लेकिन ऐसे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को सीमित किया जाता है जिनमें अल्कोहल की मात्रा होती है. यही वजह है कि केबिन क्रू को कई बार बहुत तेज खुशबू वाले या अल्कोहल बेस्ड प्रोडक्ट्स से बचने की सलाह दी जाती है.
क्यों बनाए जाते हैं ऐसे नियम?
हवाई जहाज एक बंद जगह होती है, जहां कई घंटे तक सैकड़ों यात्री एक साथ सफर करते हैं. ऐसे में किसी भी तेज खुशबू या केमिकल वाली महक से कुछ यात्रियों को परेशानी हो सकती है . कई लोगों को तेज परफ्यूम से एलर्जी, सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत या माइग्रेन की शिकायत हो सकती है. यही वजह है कि एयरलाइंस चाहती हैं कि केबिन का माहौल सभी यात्रियों के लिए आरामदायक रहे. इसलिए केबिन क्रू को हल्की खुशबू वाले या बिना खुशबू वाले प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
अल्कोहल वाले प्रोडक्ट्स पर क्यों रहती है नजर?
कुछ एयरलाइंस अपने कर्मचारियों के लिए यह नियम बनाती हैं कि ड्यूटी के दौरान ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें जिनमें अल्कोहल हो और जिनकी महक से ऐसा लगे कि किसी ने शराब पी रखी है. इसका मकसद सुरक्षा और यात्रियों के बीच किसी तरह की गलतफहमी से बचना होता है.
यही कारण है कि कई जगह अल्कोहल वाले माउथवॉश, टूथ जेल या दूसरे ऐसे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. कई एयरलाइंस इनकी जगह अल्कोहल-फ्री विकल्प इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं.
क्या परफ्यूम पूरी तरह बैन होता है?
आमतौर पर ऐसा कोई नियम नहीं होता कि एयर होस्टेस बिल्कुल भी परफ्यूम नहीं लगा सकतीं. लेकिन बहुत तेज खुशबू वाले परफ्यूम से बचने की सलाह दी जाती है. कई एयरलाइंस चाहती हैं कि अगर परफ्यूम लगाया भी जाए तो उसकी खुशबू इतनी हल्की हो कि आसपास बैठे यात्रियों को परेशानी न हो. यानी नियम का मकसद परफ्यूम पर रोक लगाना नहीं, बल्कि यात्रियों के आराम और प्रोफेशनल माहौल को बनाए रखना होता है.
सिर्फ मेकअप ही नहीं, हर चीज के लिए हैं नियम
एयर होस्टेस को लेकर लोगों को लगता है कि उन्हें सिर्फ अच्छा दिखना होता है, लेकिन सच इससे कहीं आगे हैय. उनके बाल कैसे होंगे, नाखून कितने बड़े होंगे, मेकअप कितना हल्का होगा, जूते कैसे होंगे और कौन-से प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाएंगे, इन सभी बातों के लिए एयरलाइंस की अपनी गाइडलाइन होती है. इन नियमों का मकसद कर्मचारियों को एक जैसा प्रोफेशनल लुक देना और यात्रियों के बीच भरोसा बनाए रखना होता है.
यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
फ्लाइट में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है. इसलिए एयरलाइंस हर उस चीज पर ध्यान देती हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है. चाहे वह तेज खुशबू हो, किसी प्रोडक्ट की महक हो या फिर कोई ऐसी चीज जिससे गलतफहमी पैदा हो सकती हो. इसी वजह से केबिन क्रू को कई बार सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है.
अगर आप सोचते हैं कि एयर होस्टेस परफ्यूम बिल्कुल नहीं लगा सकतीं, तो यह पूरी तरह सही नहीं है. असल बात यह है कि कई एयरलाइंस अल्कोहल वाले कुछ प्रोडक्ट्स और बहुत तेज खुशबू वाले उत्पादों के इस्तेमाल को सीमित करती हैं. इसका मकसद यात्रियों को आरामदायक माहौल देना, किसी तरह की गलतफहमी से बचना और फ्लाइट के दौरान प्रोफेशनल माहौल बनाए रखना होता है.