देशभर में नीट और दूसरी परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर मचे भारी बवाल के बीच अब उत्तराखंड से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) में BTech थर्ड ईयर के दो पेपर लीक हो गए हैं. परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंच गए.
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी प्रोफेसर शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में काम करता था और उसने ही ये प्रश्नपत्र तैयार किया था.
आरोप है कि प्रोफेसर ने पैसों के लालच के लिए परीक्षा से मिलते-जुलते सवाल एक कॉलेज के व्हाट्सऐप ग्रुप में छात्रों के साथ शेयर कर दिए थे. देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दो कमेटियां बनाई गई थीं, जिसकी जांच में आरोप सही पाए गए.
विश्वविद्यालय ने रद्द की परीक्षा, 7 साल का बैन
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति तृप्ता ठाकुर के मुताबिक मामला सामने आते ही दोनों पेपरों को तुरंत रद्द कर दिया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को परीक्षा से जुड़े सभी कामों से अगले 7 साल के लिए बैन कर दिया है. पुलिस अब आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
सीएम के दावों के बीच विपक्ष ने घेरा
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा कर रहे थे कि राज्य में 100 से ज्यादा नकल माफियाओं पर कार्रवाई की गई है और 34 हजार से ज्यादा नियुक्तियां हुई हैं, वहीं इस घटना ने दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि चाहे भर्ती परीक्षाएं हों या विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, किसी भी तरह की नकल, प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लागू सख्त नकलरोधी कानून और लगातार की जा रही कार्रवाई की वजह से अलग-अलग मामलों में अब तक 100 से ज्यादा नकल माफियाओं और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
कुलपति और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
घटना के बाद NSUI के नेता हिमांशु रावत और दूसरे छात्रों ने विश्वविद्यालय में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि दूर-दराज और दुर्गम इलाकों से आने वाले युवाओं का भविष्य इस तरह के पेपर लीक से बर्बाद किया जा रहा है.
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NSUI ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कुलपति को हटाने की मांग की है. उधर, उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस धांधली की जिम्मेदारी तय करते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग की है.