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Uttarakhand Rains: उफान पर नदियां, भारी बारिश से लैंडस्लाइड से सड़कों पर तबाही! उत्तराखंड में 38 रास्ते बंद

Uttarakhand Monsoon Fury: उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण राज्यभर में 38 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें पिथौरागढ़ जिले की 13 सड़कें सबसे अधिक प्रभावित हैं. मौसम विभाग (IMD) ने बागेश्वर सहित राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है.

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Landslide dua to Heavy Rain in Uttarakhand (Photo- PTI)
Landslide dua to Heavy Rain in Uttarakhand (Photo- PTI)

Rain and Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण राज्यभर में 38 सड़कें बंद हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 13 सड़कें पिथौरागढ़ जिले में बाधित हैं. इसके अलावा देहरादून में 7, चमोली में 6, बागेश्वर में 5, टिहरी में 5, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में 1-1 सड़क बंद है. जबकि चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी में फिलहाल कोई सड़क बंद नहीं है.

रिपोर्ट के अनुसार, बंद सड़कों में 2 राज्य राजमार्ग (SH), 1 प्रमुख जिला मार्ग (MDR), 3 लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कें तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY/RWD) की 32 सड़कें शामिल हैं. संबंधित विभागों की टीमें बंद रास्तों को जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनों के साथ मौके पर राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हैं. यात्रियों से मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की गई है.

भारी बारिश की चेतावनी 
मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, पिथौरागढ़ और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी बिजली चमकने की संभावना जताई गई है. 

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उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में सामान्य से ज्यादा बारिश
उत्तराखंड में मॉनसून एक्टिव है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की 6 जुलाई 2026 सुबह 8:30 बजे जारी दैनिक रिपॉर्ट के मुताबिक, राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 16 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 14.2 मिमी की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है.

जिलावार  आंकड़ों के अनुसार, बागेश्वर में सबसे ज्यादा 73.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 905 प्रतिशत अधिक है. इसके बाद उत्तरकाशी में 43.6 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 201 प्रतिशत अधिक रही. पिथौरागढ़ में 16.4 मिमी, देहरादून में 14.1 मिमी, अल्मोड़ा में 13.8 मिमी और चमोली में 10.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.

वहीं, मैदानी और अन्य कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई. हरिद्वार में 8.2 मिमी, टिहरी गढ़वाल में 5.1 मिमी, चंपावत में 4.6 मिमी, ऊधम सिंह नगर में 3.8 मिमी, रुद्रप्रयाग में 2.1 मिमी, पौड़ी गढ़वाल में 1.2 मिमी और नैनीताल में सिर्फ 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई.

रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य वर्षा की तुलना में बागेश्वर (+905%), उत्तरकाशी (+201%), अल्मोड़ा (+88%), पिथौरागढ़ (+18%) और चमोली (+2%) में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. जबकि देहरादून (-2%), हरिद्वार (-28%), टिहरी (-51%), ऊधम सिंह नगर (-78%), चंपावत (-81%), रुद्रप्रयाग (-88%), पौड़ी (-92%) और नैनीताल (-99%) में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई. IMD ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

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