देश के कई हिस्सों में मॉनसून की जोरदार बारिश ने आफत मचा रखी है. मुंबई, गुजरात, ओडिशा और मध्य प्रदेश में लगातार भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं. मॉनसून की बारिश का ऐसा रौद्र रूप दिखाई दे रहा है कि सड़कें दरिया बन गई हैं. घरों-दुकानों में बारिश का पानी भर गया है. मुंबई में तो कई जगहों पर रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब गया है.
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. तेज बारिश से अचानक आई बाढ़ के कारण जम्मू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे 244 बंद कर दिया गया है. प्रेम नगर डोडा के पास सड़क पर मलबा, कीचड़ और पत्थर गिर गए हैं. किश्तवाड़ में क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास कई गाड़ियां मलबे में दब गई हैं. पावर प्रोजेक्ट को भी कुछ नुकसान पहुंचा है. भारी बारिश से पूरे इलाके में जनजीवन प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मुंबई में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. सड़कें नदियों में तबदील हो गई हैं. वसई-विरार, मालाड, अंधेरी, भांडुप, दादर, माटुंगा और नवी मुंबई जैसे इलाकों में कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. कई जगहों पर गाड़ियां पानी में फंस गई हैं. इस बीच भारत मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों को बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड हुआ है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण पुणे-मुंबई के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. दरअसल, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक सेक्शन में खंडाला एग्जिट के पास लैंडस्लाइड हुआ है. जिसकी वजह से पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया है.
पूरे मुंबई मेट्रोपोलिटिन रीजन में मूसलाधार बारिश के प्रहार से हाहाकार मचा है. सड़कें डूबीं हैं, घरों में पानी भरा है, स्कूलों की छुट्टी है, शहरों की रफ्तार थम गई लेकिन बारिश है कि रुकने का नाम नहीं ले रही है. मुंबई में तो कल रात एक 3 मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई तो वहीं, मुंबई-पुणे के बीच रेलवे ट्रैक पर लैड्स्लाइड हुआ है, ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ी हैं.
भारी बारिश के कारण पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर एक बड़ा पेड़ गिर गया है. हालांकि, इस घटना में किसी को चोट नहीं आई है. मौसम विभाग ने पुणे में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने और पेड़ों के नीचे न खड़े होने की अपील की गई है. IMD ने 7 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, उसके बाद थोड़ी राहत की उम्मीद है.
गुजरात में भी बारिश ने कहर बरपाया है. जूनागढ़, राजकोट, मेंडरडा और सौराष्ट्र के कई इलाकों में तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं. प्रशासन ने 19 लोगों को सुरक्षित बचाया। कई जगहों पर गाड़ियां पानी में बह गई हैं. नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी घुस गया है. गुजरात में बीते 24 घंटे के दौरान 32 जिलों के 164 तालुका में बारिश दर्ज की गई है. सबसे अधिक बारिश अमरेली, डांग, साबरकांठा, गिर सोमनाथ, भावनगर, नवसारी जिले के अलग अलग तालुकाओ में हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक गुजरात के सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है. बता दें कि जून महीने में बारिश की कमी के बाद गुजरात में इस मॉनसून में अबतक सीजन की 17 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है.
ओडिशा में भी भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं. ओडिशा के बौध जिले में रविवार को अचानक आई बाढ़ में सलुंकी नदी के बीच दो महिलाएं फंस गईं. जिन्हें 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया. समय रहते शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया. IMD ने कंधमाल, बौध, अंगुल, संबलपुर और सोनपुर समेत ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है.
मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. कहीं गांवों में बाढ़ का पानी घरों और स्कूलों में घुस गया है तो कहीं तेज बहाव में ट्रैक्टर पलट गया. वहीं, कुछ जगहों पर पुलों के ऊपर से नदियां बहने लगीं. कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. भोपाल के बैरसिया में पुल पार करते समय ट्रैक्टर नदी में पलट गया. गनीमत रही कि ड्राइवर की बाल-बाल जान बच गई.
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है. चमोली में अलकनंदा नदी में उफान आने के बाद नदी किनारे स्थित सभी घाट डूब गए हैं. लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालत हैं. अलकनंदा में आए उफान को लेकर प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए नदी किनारे जाने पर रोक लगा दी है.