आम तौर पर बद्रीनाथ की यात्रा भक्तों के लिए काफी सुकून भरी होती है. यात्री पहाड़ियों का लुत्फ उठाते हुए दर्शन करने पहुंचते हैं. लेकिन जोशीमठ से मारवाड़ी के रास्ते पर अब गाड़ियों का लंबा तांता लगा हुआ है.
शुक्रवार सुबह से ही बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले हजारों श्रद्धालु जाम में फंसे हुए हैं. सबसे डराने वाली बात यह है कि कई जगह गाड़ियों के पहिए सड़क से नीचे की तरफ खिसक गए हैं. जरा सी चूक से बड़ा हादसा होने का खतरा है. इसके साथ ही संकरी सड़क पर वाहनों के दबाव से खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
दरअसल, हेमकुंड साहिब की यात्रा अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. वहीं पितृपक्ष के कारण बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है.साथ ही सर्दी भी जल्द ही दस्तक देने वाली हैं, जिसकी वजह से सैलानी भी बड़ी तादाद में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं.
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संकरे रास्ते पर एक साथ इतने वाहन आने से रास्तों पर भारी जाम कि स्थिति बन गई है. इससे पहले मॉनसून की भारी बारिश में फिसलन से भी जाम जैसे हालात थे और अब यात्रा के अंत में फिर वही परेशानी लौट आई है.
इस जाम से भक्तों के साथ ही रोजमर्रा के काम पर जाने वाले स्थानीय भी जूझ रहे हैं. वहीं दफ्तर और स्कूल-कॉलेज जाने वालों को भी लंबी कतार में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. फिलहाल पुलिस और प्रशासन मौके पर यातायात को सुचारू करने की कोशिश में जुटा हैं, लेकिन वाहनों की संख्या ज्यादा होने से अभी लगातार मुश्किलें आ रही हैं.