समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान और उनके परिवार को रमजान के महीने में जेल से रिहा करने की अपील की है. इसके लिए अखिलेश ने आजम की खराब सेहत का हवाला भी दिया है. अखिलेश यादव ने राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार इन सबके साथ जो व्यवहार कर रही है वह अशोभनीय है.
बता दें कि अखिलेश यादव ने वरिष्ठ समाजवादी नेता और लोकसभा सदस्य , उनकी पत्नी और उनके बेटे को रमजान के पवित्र दिनों में इबादत और रोजे का फर्ज अदा करने के लिए जेल से रिहा करने का आग्रह किया है.
अखिलेश यादव ने कहा है कि आजम खान प्रदेश के प्रतिष्ठित राजनेता हैं. वे कई बार मंत्री और विधायक रह चुके हैं. वे राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. वर्तमान में वे रामपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय जैसा उच्च शैक्षणिक संस्थान उन्हीं की देन है. उनकी पत्नी भी विधायक हैं. दोनों बीमार हैं. आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम भी विधायक रहे हैं. सरकार इन सबके साथ जो व्यवहार कर रही है वह अशोभनीय है.
अखिलेश यादव ने कहा है कि आजम खान के प्रति सत्ता दल एवं उसकी सरकार विद्वेषपूर्ण व्यवहार कर रही है. आजम खान पर सरकारी इशारे पर तमाम फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं और उन्हें जेल में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है. सत्ता दल उनकी छवि बिगाड़ने पर तुला है.
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार के आचरण से समाज का एक वर्ग बुरी तरह आतंकित है. उसमें असुरक्षा की भावना फैल रही है. आजम खान बीजेपी की बदले की भावना के शिकार हैं. बीजेपी हर मामले को सांप्रदायिक रंग देने का काम कर रही है. समाज में सद्भाव कायम रखने के लिए आवश्यक है कि सबके साथ न्याय होना चाहिए.
अखिलेश यादव ने कहा है कि रमजान के पवित्र महीने में लोग संयम, इबादत के साथ सबके भले के लिए दुआएं करते हैं. ऐसे में आजम खान और उनके परिवार को भी देश के स्वतंत्र नागरिक के रूप में अपने धार्मिक फर्ज की अदायगी का पूरा अवसर मिलना चाहिए.