तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में 70 साल की एक बुजुर्ग महिला की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई. महिला घर में अकेली थीं. इसी दौरान अज्ञात लोग उनके घर में घुसे और कथित तौर पर सोने के गहने लूटने के बाद उनका गला घोंट दिया. मृतका की पहचान चिट्टिमिल्ला अनासुया के तौर पर हुई है. उनकी उम्र 70 साल थी. वह कामारेड्डी जिला मुख्यालय के कोठारी गली इलाके में, गंज स्कूल के पास रहती थीं.
वारदात के बारे में सामने आई जानकारी के मुताबिक, अनासुया घर में अकेली थीं. बदमाश उनके घर में दाखिल हुए. उनका मकसद सोने के गहने लूटना था. बदमाशों ने कथित तौर पर महिला से सोने की चेन और दूसरे आभूषण ले लिए. इस दौरान बदमाशों ने अनासुया का गला घोंट दिया. इसके बाद वे वहां से फरार हो गए.
जब घटना की जानकारी आसपास के लोगों और पुलिस को हुई तो इलाके में हड़कंप मच गया. इस वारदात ने सबसे ज्यादा चिंता उस बात को लेकर बढ़ाई है कि आरोपी कथित तौर पर अचानक घर में नहीं घुसे थे. पुलिस को शक है कि वारदात से पहले इलाके की रेकी की गई थी. संदिग्धों ने करीब तीन घंटे तक गली में घूमकर हालात पर नजर रखी. किस घर में कौन रहता है, महिला कब अकेली होती हैं और घर में दाखिल होने का सही वक्त क्या होगा, इसी तरह की जानकारी जुटाने के बाद वारदात को अंजाम दिए जाने का संदेह है.

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हालांकि, पुलिस की जांच अभी शुरुआती दौर में है और रेकी से जुड़ी जानकारी की पुष्टि जांच के बाद ही होगी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. टीम ने घर और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया और मौके से सबूत जुटाए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब जांच का एक अहम हिस्सा आसपास लगे CCTV कैमरे हैं. पुलिस इलाके में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि वारदात से पहले और बाद में वहां मौजूद संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके.
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी महिला को पहले से जानते थे या उन्होंने सिर्फ गहनों के लिए घर को निशाना बनाया. वारदात में कितने लोग शामिल थे और वे किस रास्ते से आए और फरार हुए, इसकी भी जांच की जा रही है. फिलहाल इस हत्या ने कोठारी गली और आसपास के इलाकों में डर पैदा कर दिया है. घर में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
एक तरफ पुलिस CCTV और दूसरे सबूतों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ इस सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है कि आखिर 70 साल की अनासुया को किसने निशाना बनाया और सोने के गहनों के लिए उनकी जान क्यों ले ली. जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ हो सकता है कि तीन घंटे की कथित रेकी के पीछे कौन था और उस दिन अनासुया के घर में दाखिल होने वाले लोग आखिर कौन थे.