देश के 23वें मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर सुनील अरोड़ा ने आज(रविवार) अपना पदभार संभाल लिया है. उन्होंने मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत की जगह ली. मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में सुनील अरोड़ा का कार्यकाल ढाई साल का होगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभालते ही को ईवीएम और में गड़बड़ी संबंधी शिकायतों से रूबरू होना पड़ेगा. अब तक ईवीएम संबंधी शिकायतों को लेकर चुनाव आयोग की तरफ एक ही जवाब आता रहा है कि ईवीएम से छेड़छाड़ की ही नहीं जा सकती. और इसे साबित करने के लिए आयोग हैकाथन का आयोजन भी करा चुका है.
सुनील अरोड़ा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1980 बैच के राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. बतौर चुनाव आयुक्त अरोड़ा की नियुक्ति 31 अगस्त 2017 को हुई थी. राजस्थान में प्रशासनिक सेवा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनाती के अलावा 62 वर्षीय अरोड़ा ने केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया.Delhi: Sunil Arora takes charge as the new Chief Election Commissioner of India
— ANI (@ANI)
इसके अलावा वह वित्त और कपड़ा मंत्रालय एवं योजना आयोग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वह 1993 से 1998 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के सचिव और 2005 से 2008 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी रहे है.
लोकसभा चुनाव की होगी जिम्मेदारी
सुनील अरोड़ा के कंधों पर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी होगी. इसके अलावा अगले साल होने वाले कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की भी देखरेख अरोड़ा करेंगे. बता दें कि अगले साल ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव भी होने हैं.