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चुनावी हालात और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

बैठक में 'एक देश एक चुनाव' समेत कई मसलों पर चर्चा होगी. साथ ही चुनाव आयोग की नीयत पर उठाए जाने वाले सवाल, ज्यादा शक्तियां और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में उठाए जाने वाले सटीक कदमों पर भी विचार-विमर्श होगा.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

देश में लोकतंत्र यानी चुनाव की प्रक्रिया, मियाद और सुधार के साथ-साथ नित्य पैदा हो रही नई-नई चुनौतियों के मद्देनजर चुनाव आयोग में आज पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों की अहम बैठक होने जा रही है.

इस बैठक में 'एक देश एक चुनाव ' समेत कई मसलों पर चर्चा होगी. साथ ही चुनाव आयोग की नीयत पर उठाए जाने वाले सवाल, ज्यादा शक्तियां और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में उठाए जाने वाले सटीक कदमों पर भी विचार-विमर्श होगा.

बैठक के दौरान राजनीति और खासकर चुनावों में धनबल, हिंसा, राजनीति में अपराधीकरण, सोशल मीडिया, फेक न्यूज, पेड न्यूज, फेसबुक और कैम्ब्रिज एनालिटिका (सीए) के डाटा लीक करने जैसे मसले से भविष्य में बढ़ने वाली चुनौतियों पर सभी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों से राय-मशविरा किया जाएगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने आज तक को बताया कि मसल पावर, चुनावी हिंसा, ब्लैक मनी पावर, फेक न्यूज, पेड न्यूज, डाटा लीकेज, यानी कैम्ब्रिज एनालिटिका जैसी एजेंसियों के कारनामे यानी ये मुद्दे वैश्विक लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं. ऐसी ही चुनौतियों से निपटने के लिए आयोग अपने पूर्ववर्ती यशस्वी मुख्य चुनाव आयुक्तों के अनुभवों से सीख लेना चाहता है. इसके मद्देनजर ये बैठक बुलाई गई है. 

हाल के महीनों में चुनाव आयोग पर राजनीतिक दलों खासकर विपक्षी दलों की तरफ से उठाई गई उंगलियों, सवालों और चिंताओं पर भी बैठक में बात होगी. इस बारे में रावत का साफ कहना है कि राजनीतिक दल देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उनकी चिंताओं पर भी चर्चा की जाएगी. साथ ही सुधार के लिए विधि आयोग के साथ हुई चर्चा पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों से भी बात होगी.

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