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जाधव केस: 21 माह में पाकिस्तान ने आजमाए ये 21 पैंतरें

पाकिस्तान मानवता के नाम पर कुलभूषण जाधव को मां और पत्नी से मिलने का मौका दे रहा है. लेकिन उसके पैंतरों ने न सिर्फ दोनों देशों के बीच टेंशन को बनाए रखा है बल्कि एक परिवार को 21 महीनों से मुसीबत में डाल रखा है.

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कुलभुषण जाधव
कुलभुषण जाधव

भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में 25 दिसंबर का दिन बेहद अहम है क्योंकि पाकिस्तान ने इसी दिन मां और पत्नी से मिलने के लिए अपने यहां जेल में बंद कुलभूषण से मिलने का मौका दिया.

पाकिस्तान ने 21 महीने पहले पूर्व भारतीय सैनिक जाधव को मार्च, 2016 में अचानक ईरान की सीमा से उठाया और फिर जेल में बंद कर दिया. बाद में उन्हें फांसी की सजा भी सुना दी. इस बीच पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही किरकिरी से बचने की लगातार कोशिश की. अब वह मानवता के आधार पर खुद को दरियादिल बता रहा है. जानते हैं पाकिस्तान के ऐसे ही 21 पैंतरों ने कैसे एक इंसान की जान मुसीबत में डाल रखी है.

पहला पैंतराः जाधव मामले में पाकिस्तान ने पहला पैंतरा 3 मार्च, 2016 को चला जब उसने भारतीय नागरिक जाधव को आतंक की साजिश रचने और जासूसी करने के आरोप में ईरान सीमा पर गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, भारत का दावा है कि ईरान बॉर्डर से जाधव का अपहरण किया गया था.

दूसरा पैंतराः पाक सेना ने 3 हफ्ते बाद 24 मार्च को दावा किया कि जाधव रिसर्च एंड एनलिसिस विंग (रॉ) के एजेंट हैं और पाक-ईरान सीमा के निकट जाहिदान के दक्षिण-पूर्व स्थित सरावां के पास से पकड़ा गया था.

तीसरा पैंतराः उसी साल 26 मार्च को पाकिस्तान ने भारतीय दूतावास को समन जारी करते हुए यह आरोप लगाया कि रॉ से जुड़े इस अधिकारी की पाकिस्तान में गैरकानूनी तरीके से एंट्री कराई गई और वह बाद में बलुचिस्तान तथा कराची में हुए विध्वंसकारी गतिविधियों में शामिल रहा. भारत ने इससे इंकार किया और बताया कि सरकार के साथ उसका अब कोई लिंक नहीं है. वह 2002 में सेना से रिटायर हो गए थे."

चौथा पैंतराः 29 मार्च को पाकिस्तान ने अपनी सफाई में एक वीडियो जारी किया जिसमें जाधव को माफी मांगते हुए दिखाया गया. जाधव यह कहते दिखे कि वह भारतीय सेना में एक अधिकारी हैं और रॉ के लिए काम करते हैं. भारत ने तुरंत इसका खंडन किया और आरोप लगाया कि इस वीडियो में छेड़छाड़ किया गया है.

पांचवां पैंतराः अप्रैल, 2016 में पाकिस्तान के बलुचिस्तान की प्रांतीय सरकार ने जाधव पर आतंक फैलाने और तोड़फोड़ की साजिश रचने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया.

छठा पैंतराः पाकिस्तान (7 दिसंबर, 2016) ने जाधव मामले में फिर नया सुर साधा. अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने दावा किया कि जाधव पर दिए गए सबूत पर्याप्त नहीं हैं. जाधव पर मुहैया कराए गए डोशिएर महज बयानभर है.

सातवां पैंतराः 31 दिसंबर, 2016 को पाकिस्तान ने कहा कि वह भारतीय नागरिक जाधव से जुड़ा एक डोशिएर यूएन सचिव जनरल एंटोनियो गुटेरस को सौंपेगा. साथ ही पाकिस्तान ने सीमापार नियम तोड़ने के भारतीय प्रयास के सबूत भी दिए.

आठवां पैंतराः जाधव की गिरफ्तारी के ठीक एक साल बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज जाधव पर मिले अपर्याप्त सबूत के अपने पहले वाले बयान से पलट गए. अजीज ने दावा किया कि पाकिस्तान सीनेट किसी भी सूरत में जाधव को भारत को नहीं सौंपेगा. भारत ने इस बयान को गंभीरता से लिया और कहा कि उसे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने के मामले में अंतरराष्ट्रीय मामलों में जारी परंपराओं का ख्याल रखे.

नौंवां पैंतराः पाकिस्तान में स्थानीय सैन्य अदालत ने 10 अप्रैल, 2017 को साढ़े 3 महीने चले केस की सुनवाई के बाद जाधव को फांसी देने का ऐलान किया. सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी करने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया.

10वां पैंतराः भारतीय अधिकारियों का दावा है कि जाधव को दोषी ठहराने के लिए पाकिस्तान ने एक विवादित कानून का सहारा लिया और उन्हें मौत की सजा सुनाई. 2 साल पहले किए गए संशोधित सैन्य नियम के तहत आम नागरिकों पर आतंकवाद फैलाने के मामले में केस सैन्य अदालत में चलाया जा सकता है.

11वां पैंतराः पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि जाधव के पास मौत की सजा के खिलाफ अपील करने के लिए 60 दिनों का वक्त है. हम इस मामले पर नियम के अनुसार चलेंगे.

12वां पैंतराः इस बीच अप्रैल, 2017 में पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी के नेपाल से गायब होने की खबर आई, जिसमें पाक ने आशंका जताई कि इसके पीछे भारत का हाथ है.

13वां पैंतराः 15 मई को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने सुनवाई के बाद भारत की अपील पर जाधव के फांसी की सजा को तुरंत निलंबित करने आदेश दिया. साथ ही यह भी कहा कि जब तक मामला कोर्ट में है तब तक दोषी को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती. अगर ऐसा किया गया कि इसे विएना समझौते का उल्लंघन माना जाएगा. पाक ने भारत के प्रयास को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया.

14वां पैंतराः अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले के बाद पाक ने कहा कि इस फैसले से उसके निर्णय पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

15वां पैंतराः 29 मई को पाकिस्तान ने फिर दावा किया कि उसके पास इस बात के कई सबूत हैं कि जाधव सक्रिय जासूस है और पाक में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त रहा है.

16वां पैंतराः 31 मई को भारत की तरह पाकिस्तान के कुछ अधिकारी जाधव मामले में आगे की सुनवाई के लिए 8 जून को हेग में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मिले. और केस में अपना पक्ष रखा.  

17वां पैंतराः फांसी की सजा के खिलाफ कुलभूषण जाधव ने पाक सैन्य चीफ से दया की गुहार लगाई. इससे पहले उन्होंने पाक की सैन्य अपीलीय कोर्ट में दया याचिका लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया.

18वां पैंतराः पाकिस्तान जाधव की गिरफ्तारी के बाद से मामले से जुड़े 5 अनुरोध को ठुकरा चुका है. उसने एक बार फिर जाधव को दूतावास संबंधी सुविधा मुहैया कराने की मांग ठुकरा दी.

19वां पैंतराः 13 जुलाई को पाक के विदेश अधिकारी ने कहा कि सरकार जाधव की मां के वीजा के अनुरोध पर विचार कर रहा है.

20वां पैंतराः पिछली बार अंतरराष्ट्रीय अदालत में पटखनी खाने के बाद पाकिस्तान ने अपने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को इस मामले के लिए अंतररष्ट्रीय कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए चुना.

21वां पैंतराः पाकिस्तान ने 10 नवंबर को मानवता के आधार पर जाधव को उसकी पत्नी से मिलने देने की बात कही. पाक की ओर कहा गया कि सरकार पाकिस्तान में मानवीय आधार पर जाधव को उसकी पत्नी से मिलने देने की इजाजत देने का फैसला लिया. 19 नवंबर को भारत ने स्वीकार किया कि उन्हें ऐसा पत्र मिला है. 8 दिसंबर को पाक ने जाधव के परिजनों से मिलने के लिए 25 दिसंबर का दिन दिया. 20 दिसंबर को पाक ने जाधव की मां और पत्नी का वीजा जारी किया.

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